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गहलोत और पायलट एक, मिलकर चुनाव लड़ने का दावा

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डीके पुरोहित. नई दिल्ली

कांग्रेस ने दोहराया है कि पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है। खासकर गहलाेत और पायलट के बीच सबकुछ ठीक चल रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दोहराया कि अब कोई गुट नहीं है। हम सारे मतभेद भुला चुके। पायलट समर्थकों के सारे टिकट क्लियर हो रहे हैं। मैंने एक भी सीट को लेकर ऑब्जेक्शन नहीं किया। इससे आप अंदाजा कर लीजिए कि कितना प्यार-मोहब्बत हमारे बीच है।

गहलोत दिल्ली में एआईसीसी में बैठक के बाद बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सीएम पद छोड़ना चाहता हूं, लेकिन यह पद मुझे नहीं छोड़ रहा और यह छोड़ेगा भी नहीं। गहलोत ने एआईसीसी में बड़ी संख्या में इकट्‌ठा हो रहे दावेदारों और उनके समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि सारे नाम तय हो चुके हैं, आप यहां परेशान क्यों हो रहे हैं, अपने घर जाइए, होटलों में पैसा लगता है।

सीएम अशोक गहलोत ने दिल्ली में पत्रकारों से कहा-मोदी कहते हैं कि मैं गहलोत से बड़ा ईमानदार हूं तो मैं उनको कहना चाहता हूं कि मैं मोदी से बड़ा फकीर हूं। पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में गहलोत उनके पास जमीन न होने जैसी कई ऐसी जानकारियां देते हुए नजर आए। जिन सचिन पायलट पर लगातार हमले करते रहे हैं, उनको लेकर भी ऐसी बातें कहीं जैसे वे किसी साधु-संत की तरह सब भुलाकर आगे बढ़ गए हों। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस में कभी भी मुख्यमंत्री का उम्मीदवार नहीं बनाया जाता। जो उम्मीदवार बनता है, वो कभी सीएम बनता नहीं है। मैं जब सीएम बना तो उस समय मैं इसका उम्मीदवार तक नहीं था। मुझे सोनिया गांधी ने चुना। मैं पहले भी कह चुका हूं कि मैं सीएम पद छोड़ना चाहता हूं लेकिन यह पद मुझे नहीं छोड़ रहा है और छोड़ेगा भी नहीं। कुछ तो कारण होंगे कि हाईकमान और गांधी परिवार मुझ पर इतना विश्वास जता रहे हैं। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट टिकट के सभी फैसलों में शामिल है। हम सारे मतभेद भुला चुके हैं। पायलट समर्थकों के सारे टिकट क्लियर हो रहे हैं। मैंने एक भी सीट को लेकर ऑब्जेक्शन नहीं किया। विपक्ष को तकलीफ तो यही हो रही है कि इनके बीच झगड़े क्यों नहीं हो रहे। मैं पायलट के फैसलों में भागीदार बन रहा हूं। अभी सिर्फ जीत क्राइटेरिया है, बाकी हम सब भूल चुके हैं। उन्होंने कहा कि वसुंधरा को मेरे कारण सजा नहीं मिलनी चाहिए। यह उनके साथ अन्याय होगा। धौलपुर में गलती से मेरे मुंह से निकल गया कि मेरी सरकार जब संकट में थी तो वसुंधरा राजे की भावना सरकार गिराने की नहीं थी। उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ कोई आरोप नहीं है। विधायकों के खिलाफ एंटी इनकमबंसी है। कुछ लोगों में नाराजगी भी है, लेकिन जब टिकट कटते हैं, जब विकल्प हो। मैंने बैठक में एक बात कही कि सरकारें बदलने का भाजपा ने नया मॉडल अपनाया जो खतरनाक है।

शीर्ष नेतृत्व सीएम तय करेगा : सचिन

इधर प्रियंका गांधी की सभा की तैयारियों का जायजा लेने गुरुवार को पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट सिकराय दौसा पहुंचे। पायलट ने कहा कि मैंने किसी का विरोध नहीं किया। बल्कि हाईकमान की अवमाननता करने वालों की भी पैरवी ही की। सीएम के सवाल पर बोले कि निर्वाचित विधायक व शीर्ष नेतृत्व मिलकर ही 2023 का सीएम तय करेगा। पायलट ने कहा कि हर निर्णय कांग्रेस की लीडरशिप ही तय करता है। संगठन से बड़ा कोई नहीं है। पार्टी नेतृत्व जो भी निर्णय करेगा, सह सबको स्वीकार होगा। 2018 में प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए खूब मेहनत की और सरकार बनाई। इस बार भी सभी नेता मिलकर राज्य में कांग्रेस की सरकार रिपीट करवाएंगे। भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि केवल 41 टिकट बांटे हैं, लेकिन झगड़ों में फंसे हुए हैं। वे होर्स ट्रेडिंग पॉलिटिक्स वाले हैं, जनता इन्हें फिर सबक सिखाएगी।

Rising Bhaskar
Author: Rising Bhaskar


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