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Thursday, July 9, 2026, 4:39 am

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डीके पुरोहित ने बनाया मल्टीपर्पज एटीएम कार्ड, अब एटीएम मशीनों से बिना करैंसी निकाले हो सकेंगे ट्रांजेक्शन, विश्व में कहीं भी जाए सेफ रहेंगे

(डीके पुरोहित, 19 वर्षीय युवक)

नए एटीएम कार्ड पर छोटा क्यूआर कोड होगा जिसे विक्रेता अपने मोबाइल से स्वीप कर पास वर्ड जानकर राशि प्राप्त कर सकेगा, उसके साथ फ्रॉड भी नहीं हो पाएगा।

-डीके पुरोहित का कहना है कि वह अपने इस आइडिया काे पैटेंट करवाएगा और जल्द ही इसकी व्यावहारिक कठिनाइयां दूर कर ली जाएगी।

-अब एटीएम मशीनों में करैंसी भरने के झंझट से मुक्ति मिलेगी, एटीएम लूट की वारदातों पर भी पूरी तरह रोक लग जाएगी और मैंटेनेंस और गार्ड का खर्चा भी बचेगा। 

न्यूयार्क से ओम गौड़ की विशेष रिपोर्ट

सोचो कि एटीएम मशीन में रुपए डालने की जरूरत ही ना पड़े। आपके पास एक ऐसा एटीएम कार्ड हो जो आपकी पैसों से संबंधित हर जरूरत को पूरा करे और आपको जेब में रुपए रखने की जरूरत ही ना हो। यही नहीं दुनिया के हर देश की करेंसी को कन्वर्ड करने की भी इस एटीएम कार्ड में सुविधा हो तो क्या कहिएगा? जी हां, एक ऐसे मल्टी पर्पज एटीएम कार्ड की न्यूयार्क में रहने वाले 19 वर्षीय युवक डीके पुरोहित ने खोज की है जो बैंकिंग क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा और पूरे वर्ल्ड में जेब में करैंसी रखने के झंझट से मुक्त कर देगा।

डीके पुरोहित ने एक ऐसे एटीएम कार्ड की कल्पना की है जो आम एटीएम कार्ड की तरह ही काम करेगा। मगर इसमें मल्टीपर्पज सुविधाएं मौजूद होंगी। और उस एटीएम कार्ड में विशेष प्रकार की चिप लगी हुई होगी। इसके लिए जरूरी है कि वर्ल्ड में एटीएम मशीनों में अंकों के साथ-साथ ए से लेकर जेड तक एल्फाबेट भी होंगे। फिर इस काल्पनिक एटीएम कार्ड को उस एटीएम मशीन में स्वीप किया जाएगा। पासवर्ड डालने से प्रोसेस शुरू होगा। फिर एटीएम मशीन पर जिस किसी व्यक्ति के खाते में जिस देश की करैंसी डालनी है उसका चिह्न जो एटीएम मशीन पर पहले से ही दर्ज होगा उस पर क्लिक करना होगा। फिर संबंधित व्यक्ति का नाम, आईएफएस कोड, खाता नंबर और बैंक का नाम टाइप करना होगा। और अंत में फिर से एक पास वर्ड डालना होगा। इतना करने पर देश-विदेश में जहां भी व्यक्ति बैठा होगा उसके खाते में निर्धारित राशि ट्रांसफर हो जाएगी। इस तरह राशि से खरीदारी कर संबंधित व्यक्ति के खाते में भुगतान किया जा सकेगा।

अब मान लीजिए आपके आस-पास एटीएम मशीन नहीं है या बिजली नहीं है या एटीएम मशीन खराब है और एटीएम कार्ड का यूज नहीं कर पा रहे हैं। आपको मान लीजिए छोला कुलछा खाना है और 100 रुपए का भुगतान करना है। आमतौर पर क्यूआर कोड स्वीप कर मोबाइल से राशि सामने वाली पार्टी को भुगतान कर दी जाती है। मगर डीके पुरोहित के बनाए एटीएम कार्ड पर एक छोटा सा क्यूआर कोड पहले से ही उकेरा हुआ होता है। इस एटीएम कार्ड के क्यूआर कोड पर छोला कुलछे वाला अपने फोन से स्पीप करेगा और पासवर्ड जानकर 100 रुपए प्राप्त कर लेगा। इस तरह छोले कुलछे वाले के साथ चीटिंग भी नहीं हो पाएगी और वह निश्चिंत हो जाएगा कि उसके पास रुपए आ गए हैं। यह नया एटीएम कार्ड एक विशेष प्रकार की चिप से काम करता है। जैसा कि एटीएम कार्ड में चिप लगी हुई होती है। मगर यह चिप डीके पुरोहित ने ऐसी कल्पना की है जो मोबाइल की तरह मल्टीपर्पज होगी। गौरतलब है कि एटीएम कार्ड धारक का मोबाइल इस एटीएम कार्ड से जुड़ा होगा। उसके मोबाइल की सिम से एटीएम कार्ड का कनेक्शन जुड़ा होगा।

इस एटीएम कार्ड के माध्यम से बैंक एटीएम कार्ड धारक को क्रेडिट कार्ड की तरह निर्धारित राशि तक लिमिट भी दे सकेगा। इस तरह यह कार्ड मल्टीपर्पज हाेगा। यह नया एटीएम कार्ड पूरी तरह सुरक्षित होगा। इससे बैंकिंग फ्रॉड भी रुक सकते हैं। इस नए एटीएम कार्ड का फायदा यह होगा कि मान लीजिए अमेरिका का कोई पर्यटक भारत के दिल्ली आता है और अपने साथ एटीएम कार्ड लेकर आता है। उसके पास इंडियन करैंसी रुपया नहीं है। मगर वह दिल्ली में जैसे ही अपने देश के एटीएम कार्ड को दिल्ली के किसी भी बैंक के एटीएम मशीन में प्रविष्ट करता है और उपरोक्त बताई प्रोसेस को पूरा करता है तो वह सामने वाली पार्टी के एकाउंट में निर्धारित राशि डाल सकेगा और बिना रुपए जेब में रखे भुगतान कर खरीदारी कर सकेगा। यही नहीं अगर वह अपने एटीएम कार्ड पर बने क्यूआर कोड को सामने वाली पार्टी को भुगतान करने के लिए यूज करता है तो भी उपरोक्त बताई प्रोसेस से कर सकता है। इस मल्टीपर्पज एटीएम कार्ड का उपयोग राशन की दुकान, पेट्रोल पंप, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, ठेला और शोरूम और हर जगह किया जा सकता है। यह एटीएम कार्ड दो तरह काम करता है एक तो क्यूआर काेड की तरह और दूसरा एटीएम कार्ड की तरह। डीके पुरोहित का कहना है कि वह इस नए एटीएम कार्ड का कॉपी राइट कराने की प्रोसेस शुरू करेगा। जल्द ही इस आइडिया का कॉपी राइट कराया जाएगा। पुरोहित का कहना है कि इस नए एटीएम कार्ड में जो भी व्यावहारिक प्रॉब्लम फेस करनी पड़ सकती है उसको लेकर भी वह विचार कर रहा है। पुरोहित का कहना है कि आज पूरी दुनिया एक दूसरे से कनेक्ट है मगर करैंसी के मामले में आज भी एक देश से दूसरे देश जाने में वहां करैंसी फिजिकल रूप से रखनी ही पड़ती है। अब वह समय दूर नहीं जब एटीएम में रुपए या करैंसी भरने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। इस खोज के बाद एटीएम चोरी होने का भी डर नहीं रहेगा और काफी खर्चा भी बच जाएगा। ना एटीएम की सुरक्षा की चिंता करनी पड़ेगी।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor