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Sunday, October 18, 2026, 9:23 am

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Lifestyle

हँसराज बारासा हँसा की कविता

मोहब्बत.. 

करने से सोहबत
मिलती है मोहब्बत

आज दोनों कहाँ
इनकी है जरूरत

फरेब है जहाँ
वहाँ नहीं मोहब्बत

मोहब्बत के आगे
खाक है दौलत

फरमाने से इश्क
लगती है तोहमत

नाम होता मशहूर
मेहनत की बदौलत

कैसे कमा लेते
“हंसा”दोलत से शौहरत

हंस राज “हंसा”
आदर्श बस्ती,मंडोर
जोधपुर (राजस्थान)

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor