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Sunday, October 18, 2026, 9:02 am

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बीकानेर : एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में लघु चित्र शैली पर

अमरीका के संग्रहालयों में प्रमुखता से प्रदर्शित हैं बीकानेर शैली की मिनिएचर पेंटिंग्स : महावीर स्वामी

महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग द्वारा विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन हेतु राजस्थानी लघु चित्र शैली के इतिहास और प्रभाव पर एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें बीकानेर के अंतरराष्ट्रीय पहचान रखने वाले कलाकार महावीर स्वामी ने विद्यार्थियों को मिनिएचर पेंटिंग्स की बीकानेर शैली पर उद्बोधन दिया। इससे पूर्व मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करने के उपरांत इतिहास विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर व विभागाध्यक्ष डॉ मेघना शर्मा ने स्वागत उद्बोधन दिया व विषय प्रवर्तन करते हुए कहा कि लघु चित्र शैली में पौराणिक, धार्मिक और राजसिक दृश्यों का प्रमुखता से प्रस्तुतीकरण होता है जिसमें सुनहरे रंग का सर्वाधिक प्रयोग होता है। उन्होंने मंच से अतिथि के कृतित्व से भी सभागार को रूबरू करवाया। आर्टिस्ट महावीर स्वामी ने उदाहरणों के साथ विद्यार्थियों को पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से लघु चित्र शैली के इतिहास व प्रभाव पर एक लाभकारी उद्बोधन दिया जिसमें उन्होंने अपने संग्रह से बारहमासी श्रृंखला के आषाढ़ लघु चित्र, ब्रुकलिन व फिलाडेल्फिया म्यूज़ियम अमेरिका में रखी बैकुंठ दर्शन व अपने गुरु के साथ वार्ता करते बीकानेर के महाराजा सूरत सिंह के साथ साथ रामायण श्रृंखला से लक्ष्मण मूर्छा और 16वीं सदी के कुंभ मेले के लघु चित्र भी स्लाइड के माध्यम से दिखाए।

कोरिया के चित्रकार विशिष्ट अतिथि बे सुंग वॉन ने दक्षिण कोरिया में मिनिएचर पेंटिंग्स के प्रभाव को मंच से उल्लेखित किया व अपनी भारतीय चित्रकला सीखने के सफर पर प्रकाश डाला। डॉ. मेघना ने कहा कि विद्यार्थियों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रम में उद्यमशीलता जगाने हेतु ये आयोजन किया गया है।

मंच संचालन के साथ साथ कार्यशाला की प्रासंगिकता पर विचार रखते हुए आयोजन सचिव डॉ. खुशाल पुरोहित द्वारा जापान के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले चित्रकार ओसामू तेज़ुका की पुस्तकें विद्यार्थियों को दिखाई जो बुद्ध के जीवनकाल पर मंघा कला आधारित हैं और जिन्हें कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।

अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रीतेश व्यास द्वारा दिया गया। कार्यशाला में अतिथि शिक्षक डॉ. मुकेश हर्ष, डॉ. गोपाल व्यास, रिंकू जोशी, जसप्रीत सिंह, भगवान दास सुथार, किरण, रामोवतार उपाध्याय, डॉ. नमामी शंकर आचार्य के साथ विभाग के सदस्य तेजपाल भारती, उमेश पुरोहित व 120 विद्यार्थी शामिल रहे।

 

Mukund
Author: Mukund