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Sunday, October 18, 2026, 9:02 am

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Lifestyle

महारानी हेमलता राज्ये भौगीशैल परिक्रमा में विभिन्न मंदिरों के दर्शन करेंगी

प्रातः 4 बजे रातानाडा गणेश मंदिर में दर्शन व पूजा कर भौगीशैल यात्रा की करेंगी शुरुआत

सुनील वर्मा. जोधपुर

महारानी हेमलता राज्ये मंगलवार 26 मई से भौगीशैल परिक्रमा में आने वाले मंदिरों के दर्शन करेंगी और मारवाड़ की खुशहाली की प्रार्थना करेंगी । सैनाचार्य अचलानंद महाराज परिक्रमा यात्रा में साथ रहेंगे ।

रातानाडा गणेश मंदिर में दर्शन कर करेंगी भौगीशैल परिक्रमा का शुभारंभ होगा। महारानी हेमलता राज्ये मंगलवार को प्रात : 4 बजे रातानाडा गणेश मंदिर में दर्शन व पूजा अर्चना करने के बाद परिक्रमा की शुरूआत करेंगी । इस तरह हमेशा भौगीशैल परिक्रमा तक मंदिरों में जाकर दर्शन करेंगी ।

जोधपुर राज परिवार व भौगीशैल परिक्रमा का वर्षों से जुड़ाव

जोधपुर राज परिवार का वर्षो से भौगीशैल परिक्रमा से जुड़ाव रहा है। वर्ष 2012 में भी महारानी हेमलता राज्ये ने परिक्रमा कर दर्शन किए थे। वर्ष 2012 में 26 अगस्त से 1 सितंबर तक भौगीशैल परिक्रमा के दौरान महारानी हेमलता राज्ये ने परिक्रमा क्षेत्र में आने वाले विभिन्न मंदिरों के सात दिन दर्शन किए थे। उस समय सैकड़ो महिलाएं उनके साथ रहीं थीं ।

31 मई को उम्मेद भवन पैलेस में आएंगे भौगीशैल परिक्रमा के श्रद्धालु

31 मई को भौगीशैल परिक्रमा के सैकड़ो श्रद्धालु महिला व पुरुष परिक्रमा के अंतिम दिन उम्मेद पैलेस आएंगे और पूर्व नरेश गज सिंह व महारानी हेमलता राज्ये व राज परिवार के अन्य सदस्य 3 घंटे तक प्रत्येक श्रद्धालुओं का अपणायत के साथ अभिवादन स्वीकार करेंगे । यह परंपरा वर्षो से चली आ रही है। यहा उन्हें प्रसाद वितरित कर व शुभकामनाएं देकर विदा किया जाता है।

यह है भौगीशैल परिक्रमा का महत्व 

जोधपुर के पर्वतों का हिमालय के तीर्थ के समान महत्व है। जोधपुर के चतुर्दिक पर्वत शैल जिसे भौगीशैल कहा गया है, प्रत्येक 3 साल बाद आने वाले अधिक मास ( पुरुषोत्तम मास ) की पंचकोसी परिक्रमा का विधान है । पौराणिक महत्व में बताया गया है कि यह भौगीशैल पर्वत हिमालय के पुत्र हैं।
Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor