जोधपुर। मौसम में बदलाव के साथ इन्फ्लूएंजा-ए के संक्रमण का असर बढ़ता नजर आ रहा है। अस्पतालों में खांसी, जुकाम और गले में दर्द के बाद कई मरीजों में संक्रमण फेफड़ों तक पहुंच रहा है। कुछ मरीजों में निमोनिया के साथ अचानक ऑक्सीजन स्तर गिरने की स्थिति भी सामने आ रही है। डॉक्टरों के अनुसार 30 से 50 वर्ष की उम्र के मरीजों में भी संक्रमण का गंभीर पैटर्न देखा जा रहा है।
एमडीएम अस्पताल के अनुसार रोजाना ऐसे 3 से 4 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जिन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ रही है। कुछ मरीजों को 5 से 7 दिन तक बायपैप सपोर्ट देना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन्फ्लूएंजा-ए का संक्रमण युवाओं में सामान्य तौर पर कम गंभीर दिखता है, लेकिन कुछ मामलों में यह फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है।
10 से 15 दिन तक रह सकता है बुखार
मौसम बदलने के साथ इन्फ्लूएंजा-ए का संक्रमण बढ़ने की बात सामने आ रही है। मरीजों में खांसी-जुकाम और गले में दर्द के बाद 10 से 15 दिन तक बुखार रहने के मामले भी देखे जा रहे हैं। कई मरीजों में फेफड़ों में संक्रमण के कारण निमोनिया की स्थिति बन रही है।
मास्क और भीड़ से बचाव की सलाह
चिकित्सकों ने संक्रमण से बचने के लिए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने और जरूरत होने पर मास्क लगाने की सलाह दी है। बायपैप मशीन मास्क के माध्यम से दबाव के साथ फेफड़ों तक हवा पहुंचाने में मदद करती है। गंभीर लक्षण वाले मरीजों में डॉक्टर जांच के आधार पर सीटी स्कैन और अन्य परीक्षण कर उपचार तय कर रहे हैं।
