पढ़ना स्वयं से मिलने और निरंतर सीखते रहने की सुंदर प्रार्थना है।
राइजिंग भास्कर डेस्क. जोधपुर
पढ़ना मनुष्य के विचारों को व्यापक, दृष्टि को गहरा और व्यक्तित्व को समृद्ध बनाता है। अच्छी किताबें हमें ज्ञान के साथ अनुभव, संस्कार और जीवन को समझने की नई दृष्टि देती हैं। पढ़ने की आदत मन को एकाग्र करती है, कल्पनाशक्ति को विकसित करती है और शब्दों के भंडार को बढ़ाती है। नियमित पढ़ने वाला व्यक्ति अपने विचारों को बेहतर ढंग से व्यक्त कर सकता है और परिस्थितियों को समझने में अधिक सक्षम होता है। इसलिए प्रतिदिन कुछ समय अच्छे साहित्य, प्रेरक प्रसंग और उपयोगी पुस्तकों के लिए निकालें। पढ़ना स्वयं से मिलने और निरंतर सीखते रहने की सुंदर प्रार्थना है।