प्रतिदिन कुछ समय मौन में बैठना आत्मचिंतन का अवसर देता है। आइए, मौन को कमजोरी नहीं, बल्कि आत्मशक्ति का माध्यम बनाएं
राइजिंग भास्कर डेस्क. जोधपुर
मौन रहना जीवन की एक सुंदर साधना है। जब हम कुछ क्षण शांत रहते हैं, तब बाहरी शोर से दूर होकर अपने भीतर की आवाज सुन पाते हैं। मौन मन को स्थिरता, विचारों को स्पष्टता और व्यवहार को संतुलन देता है। हर बात का उत्तर शब्दों में देना आवश्यक नहीं होता; कई बार मौन ही सबसे प्रभावी उत्तर बन जाता है। मौन हमें क्रोध पर नियंत्रण, धैर्य का विकास और दूसरों को समझने की क्षमता प्रदान करता है। प्रतिदिन कुछ समय मौन में बैठना आत्मचिंतन का अवसर देता है। आइए, मौन को कमजोरी नहीं, बल्कि आत्मशक्ति का माध्यम बनाएं और अपने जीवन में शांति, संयम और सकारात्मकता का विस्तार करें।


