जीवन में आगे बढ़ने के लिए कभी दूसरों को, तो कभी स्वयं को भी माफ करना जरूरी है।
राइजिंग भास्कर डेस्क. जोधपुर
माफ कर देना कमजोरी नहीं, बल्कि मन की महानता और आत्मबल की पहचान है। जब हम किसी की गलती को क्षमा करते हैं, तब सबसे पहले अपने भीतर जमा क्रोध, पीड़ा और नकारात्मकता से मुक्त होते हैं। क्षमा का अर्थ यह नहीं कि गलत को सही मान लिया जाए, बल्कि यह है कि हम उस घटना को अपने वर्तमान और भविष्य पर हावी न होने दें। माफ करने से रिश्तों में मधुरता आती है और मन में शांति का जन्म होता है। जीवन में आगे बढ़ने के लिए कभी दूसरों को, तो कभी स्वयं को भी माफ करना जरूरी है। क्षमा करें, मन हल्का करें और जीवन को प्रेम से भरें।


