राइजिंग भास्कर स्थापना दिवस स्टोरी-7… प्रकृति से प्रेम नहीं किया तो आएगी विकृति, खेजड़ली प्रकृति प्रेम का विश्व में अनूठा उदाहरण

लेखिका : अनीता मेहता, पूर्व प्राचार्य एवं डायरेक्टर दी संस्कृति फाउंडेशन प्रकृति हमारे जीवन का मूल है। प्रकृति के बिना हम जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। हमारी आधारभूत ज़रूरतें प्रकृति द्वारा ही प्राप्त होती है । जैसे हवा, पानी, भोजन सब कुछ तो हमे प्रकृति देती है। प्रकृति हमारी जननी है। हमें … Continue reading राइजिंग भास्कर स्थापना दिवस स्टोरी-7… प्रकृति से प्रेम नहीं किया तो आएगी विकृति, खेजड़ली प्रकृति प्रेम का विश्व में अनूठा उदाहरण