Explore

Search

Sunday, October 18, 2026, 10:26 am

Sunday, October 18, 2026, 10:26 am

LATEST NEWS
[wonderplugin_slider id=1]
Lifestyle

ब्रह्मलीन, युग मनीषी प्रो. हिम्मत सिंह सिन्हा की ज्ञान-यात्रा का सातवां पड़ाव सिंगापुर में संपन्न

केबी व्यास ने कहा कि सिन्हा साहब एक दिव्य व्यक्तित्व थे। उनके यहां सैंकड़ो साधु संत आया करते थे और वे दो चार दिन ठहर कर जाते थे। प्रो सिन्हा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष थे और डीन भी बने। प्रो सिन्हा ने ये बताया कि गृहस्थ में रहकर संन्यास जीवन कैसे जिया जाता है।

दिलीप कुमार पुरोहित. सिंगापुर

आर्य समाज सिंगापुर के ट्रस्टी एवं वाइस प्रेसिडेंट और डीएवी हिंदी स्कूल के संस्थापक ओमप्रकाश रॉय तथा विश्व हिन्दी सेवा संस्थान सिंगापुर की अध्यक्ष अनुसूया साहू ने लोटस ब्लूम पब्लिकेशन के साथ मिलकर 21 मार्च को हिंदू नववर्ष के उपलक्ष्य पर प्रो हिम्मत सिंह सिन्हा की ज्ञान यात्रा का सातवां पड़ाव पूरा किया ।

व्यास ने बताया कि इस कार्यक्रम में 15 स्कूलों के छात्र और छात्राओं ने विभिन्न प्रकार के भारतीय नृत्यों को प्रस्तुत किया । फिर व्यास ने प्रो सिन्हा के साथ हुए अपने अनुभव बताए और उनके जीवन दर्शन के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि सिन्हा साहब एक दिव्य व्यक्तित्व थे। उनके यहां सैंकड़ो साधु संत आया करते थे और वे दो चार दिन ठहर कर जाते थे। प्रो सिन्हा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष थे और डीन भी बने। प्रो सिन्हा ने ये बताया कि गृहस्थ में रहकर संन्यास जीवन कैसे जिया जाता है। करीब 45 मिनट तक अपने विचार व्यक्त करने के पश्चात डीएवी पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती भुवनेश्वरी ने भी प्रो सिन्हा पर अपने विचार रखे, उन्होंने कहा कि प्रो सिन्हा के अनुसार केवल पुस्तकीय ज्ञान आवश्यक नहीं है, बालक को जीवन की शिक्षा मिलनी चाहिए, उन्हें संस्कार मिलने चाहिए और उन्हें अच्छा साहित्य पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिये ।

चार घंटे तक चले इस कार्यक्रम में अंत में कई कवियों ने भी भाग लिया और दो पुस्तकों का भी इसमें विमोचन हुआ। कार्यक्रम के पश्चात पता चला कि आर्य समाज सिंगापुर के ही एक आचार्य विजय व्यास हैं, जिन्होंने कुरुक्षेत्र में सिन्हा के साथ चार वर्ष बिताए थे। उन्होंने भी प्रो सिन्हा साहब को अपने अंतर्मन से याद किया और अपनी बात कहते कहते उनकी आंखे भी भर आई। अगले सप्ताह ब्रह्मलीन, युग मनीषी प्रोफ़ेसर हिम्मत सिंह सिन्हा का पड़ाव मलेशिया में है और अप्रैल माह में जापान में है ।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor