कोटा की घटना के बाद अलर्ट, सरकारी व सहायता प्राप्त स्कूल होंगे अभियान में शामिल
जोधपुर। कोटा में स्कूल के पेयजल से बच्चों में संक्रमण का मामला सामने आने के बाद राजस्थान का जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) अलर्ट मोड पर आ गया है। विभाग ने सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के पेयजल की गुणवत्ता की विशेष जांच कराने का निर्णय लिया है। हालांकि, जोधपुर जिले में अभी यह जांच शुरू नहीं हुई है।
अभियान के तहत सभी सरकारी एवं सहायता प्राप्त स्कूलों को शामिल किया जाएगा। स्कूलों में पेयजल के टंकी, आरओ, हैंडपंप और पाइपलाइन से पानी के नमूने लिए जाएंगे। इन नमूनों की रासायनिक एवं जैवाणु गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही पानी की टंकियों की सफाई और क्लोरीनेशन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पीएचईडी अधिकारियों के अनुसार स्कूलों से विस्तृत डाटा जुटाने के बाद क्षेत्रवार अभियान चलाया जाएगा। विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना और जलजनित बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित करना है।
अलग-अलग क्षेत्रों में नियमित जांच
विभाग की ओर से पेयजल व्यवस्था की नियमित जांच के साथ-साथ स्कूलों में पेयजल स्रोतों की निगरानी पर भी जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों में नमूने लेकर उनकी नियमित जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।


