Explore

Search

Sunday, October 18, 2026, 5:56 am

Sunday, October 18, 2026, 5:56 am

LATEST NEWS
[wonderplugin_slider id=1]
Lifestyle

12 प्रार्थनाएं जीवन में उतारें : ग्यारहवीं प्रार्थना—धन्यवाद कहना-इससे मन को शांति मिलती है

धन्यवाद हमारे अहंकार को कम करके विनम्रता सिखाता है।

राइजिंग भास्कर डेस्क. जोधपुर

धन्यवाद कहना केवल औपचारिक शब्द नहीं, बल्कि जीवन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की सुंदर भावना है। जब हम किसी के छोटे से सहयोग के लिए भी धन्यवाद कहते हैं, तो सामने वाले के मन में सम्मान और अपनापन बढ़ता है। धन्यवाद हमारे अहंकार को कम करके विनम्रता सिखाता है। जीवन में मिली हर छोटी-बड़ी खुशी, प्रकृति, परिवार, मित्रों और सहयोगियों के प्रति कृतज्ञ होना हमें सकारात्मक सोच देता है। कठिन समय में भी जो कुछ हमारे पास है, उसके लिए धन्यवाद करना मन को शांत रखता है। आइए, धन्यवाद कहना अपनी आदत बनाएं और अपने व्यवहार से रिश्तों में प्रेम, सम्मान और सकारात्मकता की नई रोशनी फैलाएं।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor