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Sunday, October 18, 2026, 6:02 am

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विश्व गठिया दिवस आज: सुबह जोड़ों में अकड़न गठिया का संकेत, दर्द-सूजन को नजरअंदाज न करें

महिलाओं में गठिया का खतरा अधिक, समय पर जांच और इलाज से बीमारी पर नियंत्रण संभव

हेल्थ रिपोर्ट | जोधपुर

विश्व गठिया दिवस के अवसर पर विशेषज्ञों ने लोगों को जोड़ों में होने वाले दर्द, अकड़न और सूजन के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी है। सुबह उठने के बाद जोड़ों में लंबे समय तक अकड़न रहना, दर्द होना या सूजन दिखाई देना गठिया का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षणों को उम्र बढ़ने या सामान्य थकान का असर मानकर नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है। समय पर जांच और उचित उपचार से बीमारी को नियंत्रित करने तथा जोड़ों को होने वाले स्थायी नुकसान के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।

सुबह की अकड़न को हल्के में न लें

गठिया के प्रमुख लक्षणों में सुबह उठने पर जोड़ों में अकड़न, हाथों की उंगलियों या कलाई में दर्द, सूजन और जोड़ों को मोड़ने में परेशानी शामिल हैं। कुछ लोगों में ये लक्षण कई सप्ताह तक बने रह सकते हैं। यदि बिना किसी स्पष्ट कारण के जोड़ों में दर्द और सूजन लगातार बनी रहती है, तो चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, गठिया के अलग-अलग प्रकार होते हैं और सभी में बीमारी के कारण तथा उपचार एक जैसे नहीं होते। इसलिए केवल दर्द की दवा लेकर समस्या को दबाने के बजाय उसके वास्तविक कारण की पहचान करना महत्वपूर्ण है।

महिलाओं में गठिया का खतरा अधिक

मेडिसिन विशेषज्ञ एवं रूमेटोलॉजिस्ट डॉ. प्रभात कर्नावट के अनुसार, महिलाओं में रूमेटाइड आर्थराइटिस का जोखिम अपेक्षाकृत अधिक पाया जाता है। यह एक ऐसी बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से जोड़ों की अंदरूनी परत पर हमला करने लगती है। इससे जोड़ों में दर्द, सूजन और धीरे-धीरे कार्यक्षमता में कमी हो सकती है।

समय पर बीमारी की पहचान होने पर उपचार के माध्यम से जोड़ों को होने वाली क्षति कम करने और मरीज की जीवन गुणवत्ता बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

आधुनिक दवाओं से उपचार में सुधार

गठिया के उपचार के लिए कई प्रभावी दवाएं उपलब्ध हैं। इनमें डीएमएआरडीएस (DMARDs), बायोलॉजिकल दवाएं और अन्य आधुनिक उपचार शामिल हैं। इनका उद्देश्य बीमारी की गतिविधि को नियंत्रित करना, जोड़ों को होने वाले नुकसान का जोखिम घटाना और मरीज की दैनिक गतिविधियों को आसान बनाना है।

हालांकि, इन दवाओं का चयन मरीज की स्थिति, बीमारी की गंभीरता और अन्य स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं को ध्यान में रखकर किया जाता है। कुछ दवाओं से संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए दवाएं चिकित्सक की सलाह से ही लेनी चाहिए और नियमित निगरानी जरूरी है।

किन लक्षणों पर तुरंत ध्यान देना जरूरी?

यदि सुबह उठने के बाद जोड़ों में लंबे समय तक अकड़न रहती है, उंगलियों या कलाई में दर्द और सूजन होती है अथवा जोड़ों की सामान्य गतिविधियां प्रभावित होने लगती हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करें। लगातार बने रहने वाले लक्षणों की जांच से बीमारी की पहचान करने में मदद मिल सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि गठिया का समय पर निदान और उपचार न केवल दर्द कम करने, बल्कि जोड़ों की कार्यक्षमता बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है। नियमित चिकित्सकीय निगरानी से उपचार के प्रभाव का आकलन किया जा सकता है और जरूरत के अनुसार दवाओं में बदलाव किया जा सकता है।

जागरूकता ही बचाव की पहली सीढ़ी

विश्व गठिया दिवस का उद्देश्य गठिया से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना और लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता लेने के लिए प्रेरित करना है। जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन या अकड़न होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor