त्योहारी सीजन में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की तैयारी, फिलहाल मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की नई तारीख तय नहीं
नई दिल्ली। त्योहारी सीजन को देखते हुए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने यूपीआई भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) चार्ज लगाने के मामले में फिलहाल नई तारीख तय नहीं की है। इससे व्यापारियों और ग्राहकों को राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर दिवाली के दौरान बाजारों में डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल बढ़ने के बीच यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एमडीआर वह शुल्क होता है, जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारी से भुगतान सेवा से जुड़ी व्यवस्था के तहत लिया जा सकता है। हालांकि, यूपीआई के सभी लेनदेन पर ऐसा शुल्क लागू नहीं है। मौजूदा व्यवस्था में सामान्य बैंक खाते से किए जाने वाले यूपीआई भुगतान पर ग्राहकों से आम तौर पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता। व्यापारियों पर भी यूपीआई भुगतान के लिए शुल्क संबंधी नियम भुगतान के प्रकार और लागू सरकारी दिशा-निर्देशों पर निर्भर करते हैं।
त्योहारी सीजन में बढ़ जाता है डिजिटल लेनदेन
दिवाली और अन्य त्योहारों के दौरान बाजारों में खरीदारी बढ़ने के साथ यूपीआई भुगतान का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ता है। किराना दुकानों, मिठाई की दुकानों, कपड़ा बाजारों, इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम और छोटे व्यापारियों के यहां क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान आम हो गया है।
डिजिटल भुगतान से ग्राहकों को नकदी रखने की जरूरत कम पड़ती है और व्यापारियों को भुगतान प्राप्त करने में सुविधा मिलती है। ऐसे में किसी भी नए शुल्क को लेकर व्यापारियों के बीच चिंता हो सकती है। दिवाली तक एमडीआर चार्ज के संबंध में नई तारीख तय नहीं होने से फिलहाल शुल्क लागू होने की तत्काल आशंका से राहत मिली है।
यूपीआई भुगतान में लगातार बढ़ोतरी
यूपीआई ने देश में डिजिटल लेनदेन की व्यवस्था को व्यापक रूप से बदल दिया है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। मोबाइल फोन और क्यूआर कोड के जरिए कुछ ही सेकंड में भुगतान संभव होने से नकदी पर निर्भरता कम हुई है।
त्योहारी महीनों में ऑनलाइन और ऑफलाइन खरीदारी बढ़ने के कारण यूपीआई ट्रांजेक्शन का महत्व और बढ़ जाता है। डिजिटल भुगतान की आसान प्रक्रिया ग्राहकों को सुविधा देती है, वहीं कारोबारियों को लेनदेन का रिकॉर्ड रखने में भी मदद मिलती है।
व्यापारियों और ग्राहकों के लिए क्या मायने हैं?
एमडीआर चार्ज के मामले में नई तारीख घोषित नहीं की गई है। इसे सभी यूपीआई भुगतानों पर नया शुल्क लागू होने की घोषणा नहीं समझना चाहिए। सामान्य यूपीआई भुगतान और कुछ विशेष प्रकार के व्यावसायिक भुगतान साधनों के नियम अलग हो सकते हैं।
व्यापारियों को किसी भी नए शुल्क के संबंध में एनपीसीआई, बैंक या संबंधित भुगतान सेवा प्रदाता की आधिकारिक सूचना पर ध्यान देना चाहिए। वहीं ग्राहकों को भी भुगतान करते समय अपने बैंक या ऐप पर दिखाई देने वाली शर्तों की जानकारी रखनी चाहिए।

