Explore

Search

Sunday, October 18, 2026, 5:14 am

Sunday, October 18, 2026, 5:14 am

LATEST NEWS
[wonderplugin_slider id=1]
Lifestyle

विश्व एनेस्थीसिया दिवस : एनेस्थीसिया: सिर्फ बेहोशी नहीं, सुरक्षित सर्जरी और जीवन रक्षा की गारंटी

एनेस्थीसिया से डरें नहीं। यह पूरी तरह से सुरक्षित प्रक्रिया है। आपके एनेस्थीसिया विशेषज्ञ ऑपरेशन के दौरान आपके ब्लड प्रेशर, दिल की धड़कन, ऑक्सीजन लेवल की एक-एक सेकंड निगरानी करते हैं : तेज कंवर, वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी

राइजिंग भास्कर डेस्क. जोधपुर

प्रत्येक वर्ष 16 अक्टूबर को विश्व एनेस्थीसिया दिवस मनाया जाता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य आम जनता को एनेस्थीसिया के महत्व और एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की भूमिका के बारे में जागरूक करना है। इसी क्रम में महात्मा गांधी चिकित्सालय में भी यह दिवस जागरूकता के रूप में मनाया जा रहा है।

16 अक्टूबर 1846 को अमेरिका के बॉस्टन शहर में डॉ. विलियम टी.जी. मॉर्टन ने पहली बार ईथर एनेस्थीसिया का सफल प्रयोग कर दुनिया को दर्द रहित सर्जरी का तोहफा दिया था। तब से इस दिन को पूरी दुनिया में सम्मान और जागरूकता के रूप में मनाया जाता है।

इस वर्ष 2026 की थीम : “Before, During and Beyond Surgery” अर्थात् “सर्जरी से पहले, सर्जरी के दौरान और सर्जरी के बाद भी” है। इस थीम का अर्थ है कि एनेस्थीसिया डॉक्टर की भूमिका केवल ऑपरेशन थिएटर तक सीमित नहीं है। वह मरीज को सर्जरी के लिए तैयार करने से लेकर, ऑपरेशन के दौरान उसकी हर धड़कन की निगरानी करने और ऑपरेशन के बाद दर्द मुक्त रिकवरी तक, हर कदम पर मरीज के साथ होता है। जबकि पिछले वर्ष 2025 की थीम “Anaesthesiology in Health Emergencies” थी, जो आपातकाल में इनके योगदान को दर्शाती है।

एनेस्थीसिया क्या है और यह कैसे काम करता है?

एनेस्थीसिया एक ऐसी चिकित्सा प्रक्रिया है जिसमें दवाओं के माध्यम से शरीर के किसी हिस्से या पूरे शरीर को अस्थायी रूप से सून्न किया जाता है ताकि ऑपरेशन के दौरान मरीज को कोई दर्द महसूस न हो।

यह मुख्य रूप से 3 प्रकार का होता है:

  1. जनरल एनेस्थीसिया: इसमें मरीज को पूरी तरह बेहोश किया जाता है। बड़े ऑपरेशन में इसका उपयोग होता है।
  2. रीजनल एनेस्थीसिया: इसमें शरीर के एक बड़े हिस्से जैसे कमर के नीचे के हिस्से को सुन्न किया जाता है, जैसे सिजेरियन ऑपरेशन में।
  3. लोकल एनेस्थीसिया: इसमें शरीर के एक छोटे से हिस्से को सुन्न किया जाता है।

एनेस्थीसिया की दवाएं हमारे मस्तिष्क और नसों तक जाने वाले दर्द के सिग्नल को कुछ समय के लिए ब्लॉक कर देती हैं, जिससे मस्तिष्क को दर्द का अहसास नहीं होता।

एनेस्थीसिया की आवश्यकता क्यों पड़ती है?

आज के आधुनिक चिकित्सा युग में एनेस्थीसिया के बिना किसी भी बड़ी सर्जरी की कल्पना भी नहीं की जा सकती।

  • दर्द रहित और सफल ऑपरेशन के लिए।
  • इमरजेंसी, ट्रॉमा, सड़क हादसों में गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए।
  • ICU में वेंटिलेटर पर मौजूद गंभीर मरीजों के प्रबंधन के लिए।
  • प्रसव के दौरान असहनीय दर्द से राहत (लेबर एनाल्जेसिया) के लिए।
  • ऑपरेशन के बाद होने वाले तीव्र दर्द के प्रबंधन के लिए।

ऐनेस्थीसिया विशेषज्ञ पर्दे के पीछे के असली जीवन रक्षक हैं: तेज कंवर

एक वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी के तौर पर मैंने देखा है कि मरीज अक्सर एनेस्थीसिया को लेकर डरते हैं। मैं सभी आमजन से कहना चाहती हूँ कि एनेस्थीसिया से डरें नहीं। यह पूरी तरह से सुरक्षित प्रक्रिया है। आपके एनेस्थीसिया विशेषज्ञ ऑपरेशन के दौरान आपके ब्लड प्रेशर, दिल की धड़कन, ऑक्सीजन लेवल की एक-एक सेकंड निगरानी करते हैं। वे पर्दे के पीछे के असली जीवनरक्षक हैं। आज के इस अवसर पर मैं महात्मा गांधी चिकित्सालय, जोधपुर सहित देश के समस्त एनेस्थीसिया विशेषज्ञों, विशेषकर हमारे अधीक्षक एवं वरिष्ठ एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. फतेह सिंह जी भाटी के कुशल नेतृत्व और सेवा भावना को नमन करती हूँ।- तेज कंवर, वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी, एमजीएच, जोधपुर

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor