तीन अस्पतालों में 61 आवेदन, 31 कर्मचारियों को जारी हो चुके हैं प्रमाण पत्र; मेडिकल बोर्ड कर रहा जांच
जोधपुर। चुनावी ड्यूटी से छूट पाने के लिए कर्मचारियों की ओर से मेडिकल आधार पर आवेदन किए जा रहे हैं। किसी को कूल्हे में तकलीफ है, तो कोई जीवनरक्षक दवाएं लेने की वजह से चुनावी ड्यूटी निभाने में असमर्थता जता रहा है। ऐसे मामलों की जांच के लिए तीन अस्पतालों में मेडिकल बोर्ड गठित किए गए हैं।
अब तक कुल 61 कर्मचारियों ने मेडिकल आधार पर चुनावी ड्यूटी से छूट के लिए आवेदन किया है। इनमें 40 आवेदन एमडीएम अस्पताल, 17 महात्मा गांधी अस्पताल और चार अन्य अस्पताल से संबंधित बताए गए हैं। इनमें से 31 कर्मचारियों को प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं।
कार्यक्रम के अनुसार, चुनावी ड्यूटी का प्रशिक्षण और तैनाती चरणबद्ध तरीके से निर्धारित की गई है। पहले चरण में 21 अक्टूबर को रवाना होने वाली चुनावी पार्टियों को 24 अक्टूबर की देर रात तक ड्यूटी करनी होगी। दूसरे चरण में 27 अक्टूबर को रवाना होने वाली पार्टियों को 30 अक्टूबर की देर रात तक जिम्मेदारी निभानी होगी।
प्रशासन के सामने निष्पक्षता की चुनौती
चुनावी प्रक्रिया में कर्मचारियों की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है—एक ओर वास्तविक रूप से बीमार कर्मचारियों को राहत देना और दूसरी ओर चुनावी कार्यों के लिए पर्याप्त स्टाफ सुनिश्चित करना।
मेडिकल बोर्ड की जांच और चिकित्सकीय आकलन के आधार पर ही छूट का अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इससे वास्तविक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे कर्मचारियों को राहत मिलने के साथ चुनावी ड्यूटी की व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

