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Thursday, February 19, 2026, 12:12 pm

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देवनारायण भगवान की जयंती : ध्वजारोहण से आगाज, शाम को होगा भजनों का कार्यक्रम

चार फरवरी को शोभायात्रा निकलेगी, खीर-चूरमा का लगेगा भोग

पंकज जांगिड़. जोधपुर 

लोकदेवता भगवान विष्णु के अवतार और गुर्जर समाज के आराध्य देव श्री देवनारायण भगवान का 1113वां दो दिवसीय जयंती महोत्सव 3 व 4 फरवरी को बनाड़, झालामण्ड, विवेक विहार, सुंथला, केके काॅलोनी, भगत की कोठी स्थित मंदिरों सहित रातानाडा स्थित श्री देवनारायण भगवान मंदिर में मंदिर सेवक रामप्रसाद महाराज के सानिध्य में श्रद्धापूर्वक व हर्षोल्लास मनाया जाएगा।

रातानाड़ा श्री देवनारायण भगवान मंदिर समिति के सदस्य मूलाराम फारक ने बताया कि इस अवसर पर मंदिर को आकर्षक फूलमंडली, रंगोली व रोशनी से सजाया जाएगा तथा देव- प्रतिमाओं का मनोरम शृंगार किया जाएगा। आज सुबह 10.15 बजे मंदिर समिति सदस्य बाबूलाल हाकला, हरीश नागड़ी, मूलाराम फारक, रामनिवास ज्याणा, पूराराम कालस, शिवप्रसाद चाड़ सहित नवयुवक मंडल और समाजबंधुओं की मेजबानी में ध्वजारोहण से महोत्सव का आगाज हुआ और सभी ने जयकारे लगाए। आज शाम 7 बजे से ‘एक शाम श्री देवनारायण भगवान के नाम’ भजन संध्या आयोजित की जाएगी। जिसमें नामचीन कलाकारों द्वारा भगवान श्री देवनारायण और देवी-देवताओ की महिमा का गुणगान किया जाएगा।

कल ये कार्यक्रम होंगे 

केके काॅलोनी स्थित श्री देवनारायण भगवान मंदिर के सचिव व सेवक शिवकरण बोकण ने बताया कि 4 फरवरी को सुबह 8 बजे मंदिर के ऊपर बने हाल में कर्नल बैसला लाइब्रेरी का शुभारंभ होगा। सुबह 9 बजे राजस्थान गुर्जर महासभा जोधपुर के जिलाध्यक्ष फताराम धांगड़, मंदिर समिति के अध्यक्ष राहुल बजाड़, कोषाध्यक्ष संदीप पोसवाल, उपाध्यक्ष सुरज पोसवाल, संरक्षक सोहनलाल मुंडन व प्रदीप चाड द्वारा हरी झंडी दिखाकर शोभायात्रा व वाहन रैली रवाना की जाएगी। जिसमें बनाड़, झालामण्ड, विवेक विहार, सुंथला आदि क्षेत्रों की 21 झांकियां शामिल होंगी। शोभायात्रा व वाहन रैली केके काॅलोनी स्थित मंदिर से रवाना होकर भगत की कोठी मंदिर होते हुए शाम 4 बजे रातानाडा स्थित श्री देवनारायण भगवान मंदिर पहुंचेगी। रातानाडा मंदिर समिति द्वारा शोभायात्रा व वाहन रैली का स्वागत किया जाएगा साथ ही आयोजित सम्मान समारोह में समाज के भामाशाहों, सहयोगकर्त्ताओं व कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाएगा।

इस अवसर पर भक्त अपने घरों से खीर-चूरमा का प्रसाद लाकर भगवान को भोग लगाएंगे। संध्या आरती के बाद भक्तों को प्रसाद वितरण किया जाएगा।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor