पीएम मोदी की विश्वसनीयता सूची में शामिल, पद चयन को लेकर मंथन जारी
डी के पुरोहित. नई दिल्ली
देश के ईमानदार और निष्ठावान प्रशासनिक अधिकारियों में गिने जाने वाले पूर्व एसीबी डीजी बी. एल. सोनी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नई टीम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी स्वयं बी. एल. सोनी के कार्यशैली, ईमानदारी और प्रशासनिक दक्षता से प्रभावित हैं और अब उन्हें केंद्र सरकार के एक महत्वपूर्ण पद पर लाने को इच्छुक हैं।
वर्तमान में पद चयन को लेकर पीएमओ और उच्च स्तर पर गहन मंथन चल रहा है। माना जा रहा है कि बी. एल. सोनी को ऐसा कार्यक्षेत्र सौंपा जाएगा, जहाँ उनकी कर्तव्यनिष्ठा, पारदर्शिता और निष्पक्ष निर्णय क्षमता का पूरा लाभ देश को मिल सके।
ईमानदारी और निष्ठा की मिसाल
बी. एल. सोनी ने अपने पूरे करियर में कठोर ईमानदारी, कानून के प्रति निष्ठा और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य किया है। विशेषकर राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के महानिदेशक के रूप में उनका कार्यकाल अत्यंत सराहनीय रहा।
उनके नेतृत्व में एसीबी ने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के मामलों का पर्दाफाश किया और कई प्रभावशाली व्यक्तियों पर कार्रवाई कर न्यायप्रिय प्रशासन की मिसाल पेश की।
बी. एल. सोनी की छवि एक निर्भीक, सख्त लेकिन संवेदनशील अफसर की रही है, जिन्होंने कभी भी दबाव में काम नहीं किया। यही कारण है कि पीएम मोदी जैसे प्रशासनिक कुशलता और नैतिक नेतृत्व को महत्व देने वाले प्रधानमंत्री, सोनी को अपनी टीम में शामिल करने को इच्छुक बताए जा रहे हैं।
पीएम मोदी का भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “टीम इंडिया” के निर्माण में हमेशा ऐसे अधिकारियों को प्राथमिकता देते आए हैं, जिनका ट्रैक रिकॉर्ड ईमानदारी, कार्यकुशलता और राष्ट्रहित में स्पष्ट रहा हो। बी. एल. सोनी इस कसौटी पर पूरी तरह खरे उतरते हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के एक उच्चपदस्थ सूत्र के अनुसार —
“प्रधानमंत्री जी स्वयं सोनी साहब के कार्यों से प्रभावित हैं। एसीबी में उनके नेतृत्व में जिस तरह का कार्य हुआ, वह पूरे देश में एक उदाहरण बना। पीएम चाहते हैं कि अब ऐसे अधिकारी सीधे राष्ट्रीय स्तर पर सुधारों को आगे बढ़ाने में सहयोग करें।”
कौन सा पद मिलेगा?
सूत्रों के मुताबिक कुछ पदों को लेकर अभी आंतरिक विचार-विमर्श जारी है। इनमें भ्रष्टाचार निरोधक और प्रशासनिक सुधार से जुड़े विभाग, गवर्नेंस में पारदर्शिता बढ़ाने वाली इकाइयाँ, और केंद्र सरकार की महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं के निगरानी तंत्र से जुड़े पद प्रमुख हैं।
बी. एल. सोनी को केंद्रीय सतर्कता आयोग, कैबिनेट सचिवालय के अंतर्गत विशेष दायित्व, या किसी नई उच्चस्तरीय विशेष टास्क फोर्स में लाने की चर्चा भी चल रही है।
बी. एल. सोनी का प्रोफाइल
- राजस्थान कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी
- पूर्व डीजी एसीबी, राजस्थान
- उत्कृष्ट प्रशासनिक रिकार्ड के धनी
- जनहित सर्वोपरि, ज़ीरो टॉलरेंस फॉर करप्शन नीति के प्रबल समर्थक
- अनेक जटिल प्रशासनिक मामलों में उल्लेखनीय सफलतायें
बी. एल. सोनी की ईमानदार और पारदर्शी छवि के चलते उन्हें पीएम मोदी की नई टीम में शामिल किए जाने की प्रक्रिया न केवल सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाएगी, बल्कि देशभर के ईमानदार अफसरों को भी एक सकारात्मक संदेश देगी।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पीएम मोदी कौन सा महत्वपूर्ण दायित्व बी. एल. सोनी को सौंपते हैं, जिससे वे अपनी विशिष्ट कार्यशैली से केंद्र सरकार के लक्ष्यों को नई ऊँचाई तक पहुँचाने में योगदान देंगे।









