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Sunday, October 25, 2026, 3:20 am

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खेजड़ी वृक्ष और ओरण सरंक्षण पर तत्काल संज्ञान ले-राज्य सरकार

स्वतंत्र पत्रकार. जोधपुर 

विगत कुछ माह से जोधपुर प्रांत के विभिन्न ज़िलों में समाज पर्यावरण संरक्षण और राज्य वृक्ष खेजड़ी को बचाने के लिए स्वतःस्फूर्त रूप से जन आंदोलन की राह पर अग्रसर हो रहा है। माँ अमृता देवी के बलिदान और उनके पर्यावरणीय संस्कारों से प्रेरित होकर आमजन आज विकास के नाम पर हो रहे विनाश के विरुद्ध संगठित होकर आवाज़ उठा रहा है।

इस जनजागरण और संघर्ष को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपना पूर्ण समर्थन देती है। परिषद का स्पष्ट मत है कि जिस प्रकार आज समाज स्वयं खेजड़ी और ओरण संरक्षण के लिए आंदोलन खड़ा कर रहा है, वह इस बात का प्रमाण है कि पर्यावरण का प्रश्न अब केवल संगठनों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जन-जन का प्रश्न बन चुका है।

अभाविप जोधपुर प्रांत मंत्री श्री दशरथ गर्ग ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपने *पंच परिवर्तन* के ध्येय मार्ग पर चलते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
विद्यार्थी परिषद अपनी SFD गतिविधि द्वारा निरंतर इस दिशा में कार्य कर रही है । उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार द्वारा 7 करोड़ वृक्ष लगाए, जिसकी विद्यार्थी परिषद सराहना करती है, वहीं दूसरी ओर राज्य वृक्ष खेजड़ी के कटान को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष सरकारी संरक्षण दिया जाना एक गंभीर विरोधाभास को जन्म देता है।

श्री गर्ग ने कहा कि राज्य वृक्ष खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि राजस्थान की पारिस्थितिकी, संस्कृति और जीवनशैली का आधार है। उसी प्रकार ओरण केवल भूमि नहीं, बल्कि राजस्थान की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय विरासत हैं, जिनका संरक्षण अनिवार्य है।

अभाविप की राज्य सरकार से स्पष्ट माँग है कि वह राज्य वृक्ष खेजड़ी और ओरण भूमि के संरक्षण हेतु सशक्त और स्पष्ट क़ानून लाए, ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित हो सके और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य मिल सके।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor