राष्ट्रीय घरेलू यात्रा सर्वेक्षण में सामने आई तस्वीर, छोटे बच्चों में पैदल स्कूल जाने का चलन ज्यादा; हिमाचल में शिक्षण संस्थान पहुंचने में 31 मिनट तक का समय
जयपुर। राजस्थान में बड़ी संख्या में विद्यार्थी स्कूल जाने के लिए पैदल रास्ता तय करते हैं। राष्ट्रीय घरेलू यात्रा सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, देश में 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के 47 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी पैदल स्कूल आते-जाते हैं। राजस्थान में शिक्षण संस्थान तक पहुंचने में औसतन 24 मिनट का समय लगता है। यह स्थिति बच्चों की दैनिक दिनचर्या, स्कूल तक पहुंचने की सुविधा और परिवहन व्यवस्था की जरूरत को रेखांकित करती है।
छोटे बच्चों में पैदल जाने का चलन अधिक
- 47 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी: 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों में पैदल स्कूल जाने वालों की हिस्सेदारी सबसे अधिक बताई गई है।
- 28.4 प्रतिशत बस से: सर्वेक्षण के ग्राफिक के अनुसार, इस आयु वर्ग के विद्यार्थियों का एक बड़ा हिस्सा बस से स्कूल पहुंचता है।
- राजस्थान में 24 मिनट: राज्य में शिक्षण संस्थान तक पहुंचने में औसतन इतना समय लगता है।
- हिमाचल प्रदेश में 31 मिनट: यहां विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थान पहुंचने में सबसे अधिक औसत समय लगता है।
- लक्षद्वीप में 12 मिनट: यहां शिक्षण संस्थान पहुंचने का औसत समय सबसे कम बताया गया है।
युवाओं के आवागमन में अलग तस्वीर
15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के आवागमन के साधनों में भी अंतर दिखाई देता है। इस आयु वर्ग में पैदल चलने के साथ बस, दोपहिया और अन्य परिवहन साधनों का उपयोग किया जाता है। उम्र बढ़ने के साथ विद्यार्थियों और युवाओं की यात्रा संबंधी जरूरतें भी बदलती हैं।
सुरक्षित रास्ते और बेहतर परिवहन जरूरी
ये आंकड़े स्कूलों के आसपास सुरक्षित पैदल मार्ग, फुटपाथ, सड़क पार करने की सुविधा और जरूरत के अनुसार सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के महत्व को सामने लाते हैं। बच्चों को सुरक्षित रास्ते मिलें, इसके लिए स्कूलों और स्थानीय प्रशासन को समन्वय के साथ प्रयास करने चाहिए।

