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Thursday, July 30, 2026, 1:31 am

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जोधपुर में 8 से 10 अगस्त तक तीन दिवसीय गीता सेमिनार, गीता के गूढ़ रहस्यों से होगा जीवन को नई दिशा देने का प्रयास

गीता परिचय अभियान एवं श्री अग्रसेन संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में होगा आयोजन, स्वामी रामसुखदास जी की ‘साधक संजीवनी’ के आधार पर होगी भावपूर्ण व्याख्या

दिलीप कुमार पुरोहित, जोधपुर

9783414079 diliprakhai@gmail.com

भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला कालजयी मार्गदर्शक है। वर्तमान समय में जब तनाव, प्रतिस्पर्धा, असंतोष और मानसिक अशांति तेजी से बढ़ रही है, तब श्रीमद्भगवद्गीता के सिद्धांत प्रत्येक व्यक्ति को आत्मविश्वास, कर्तव्यनिष्ठा और आत्मिक शांति प्रदान कर सकते हैं। इसी उद्देश्य को लेकर जोधपुर में 8 से 10 अगस्त 2026 (शनिवार, रविवार एवं सोमवार) तक तीन दिवसीय गीता सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है।

गीता प्रचारक एवं आध्यात्मिक विचारक श्रीमती सुधा गर्ग ने बताया कि यह सेमिनार गीता परिचय अभियान तथा श्री अग्रसेन संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में श्री अग्रसेन संस्थान, पहला पुलिया, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, जोधपुर में आयोजित होगा। सेमिनार में परम श्रद्धेय वीतराग संत एवं गीता मर्मज्ञ स्वामी श्री रामसुखदास जी महाराज द्वारा रचित प्रसिद्ध ग्रंथ ‘साधक संजीवनी’ के आधार पर श्रीमद्भगवद्गीता के गूढ़ रहस्यों का अत्यंत सरल एवं भावपूर्ण ढंग से विवेचन किया जाएगा।

श्रीमती गर्ग ने बताया कि गीता भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य वाणी है। यह केवल आध्यात्मिक ज्ञान ही नहीं देती, बल्कि जीवन की कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने, कर्तव्य पालन, आत्मविश्वास बनाए रखने और निष्काम कर्म का संदेश भी देती है। गीता मनुष्य को स्वयं से परिचित कराती है तथा जीवन को सफल, आनंदमय और सार्थक बनाने की प्रेरणा देती है।

उन्होंने बताया कि सेमिनार में अनुभवी एवं मर्मज्ञ आचार्यगण संपूर्ण गीता का सार पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अत्यंत सरल भाषा में प्रस्तुत करेंगे, जिससे सामान्य व्यक्ति भी गीता के गहन संदेशों को सहज रूप से समझ सके।

तेजी से हो रहे हैं पंजीयन

श्रीमती सुधा गर्ग के अनुसार गीता प्रेमियों में सेमिनार को लेकर उत्साह लगातार बढ़ रहा है। अभी तक 142 पंजीयन प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि 150 पंजीकृत साधकों तक सेमिनार किट उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद पंजीयन कराने वाले साधकों को ‘गीता जीवन संगीत’ पुस्तक एवं लेखन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने इच्छुक श्रद्धालुओं से शीघ्र पंजीयन कराने की अपील की है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भगवान की कृपा से सभी साधकों के लिए उत्तम व्यवस्थाएं की जाएंगी तथा समय-समय पर रजिस्ट्रेशन ग्रुप के माध्यम से आवश्यक सूचनाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। आयोजन समिति का प्रयास रहेगा कि यह सेमिनार प्रत्येक सहभागी के लिए अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बने।

भगवद्गीता क्यों है आज भी प्रासंगिक?

महाभारत के युद्धक्षेत्र कुरुक्षेत्र में अर्जुन के मोह और संशय को दूर करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने जो उपदेश दिए, वही श्रीमद्भगवद्गीता के रूप में विश्वविख्यात हुए। गीता मनुष्य को सिखाती है कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, धैर्य, विवेक और कर्तव्य का मार्ग कभी नहीं छोड़ना चाहिए।

गीता का सबसे प्रसिद्ध संदेश “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन” आज भी उतना ही प्रासंगिक है। इसका सार यह है कि मनुष्य को अपने कर्म पर ध्यान देना चाहिए, फल की चिंता में नहीं उलझना चाहिए। यही सिद्धांत व्यक्ति को तनावमुक्त, सकारात्मक और सफल जीवन की ओर ले जाता है।

आज विश्व के अनेक विश्वविद्यालयों, प्रबंधन संस्थानों और नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी गीता के सिद्धांतों का अध्ययन कराया जा रहा है। गीता केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, नैतिकता और जीवन प्रबंधन का भी अद्भुत ग्रंथ मानी जाती है।

सरल भाषा में होगा गीता का सार

आयोजकों के अनुसार सेमिनार का उद्देश्य केवल श्लोकों का पाठ कराना नहीं, बल्कि उनके व्यावहारिक अर्थ को जीवन से जोड़कर समझाना है। प्रत्येक सत्र में उदाहरणों, चित्रों और पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से गीता के संदेशों को रोचक एवं सरल शैली में प्रस्तुत किया जाएगा।

कब और कहाँ होगा सेमिनार?

तिथि : 8, 9 एवं 10 अगस्त 2026 (शनिवार, रविवार एवं सोमवार)

समय : प्रतिदिन सुबह 8:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक

स्थान :
श्री अग्रसेन संस्थान
पहला पुलिया, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, जोधपुर

सहयोग राशि

गैर आवासीय : ₹2100 प्रति व्यक्ति

सुविधाएं:

  • तीनों दिन प्रातः नाश्ता
  • दोपहर प्रसादम्
  • दो समय चाय एवं स्नैक्स

आवासीय : ₹3100 प्रति व्यक्ति

अतिरिक्त सुविधाएं:

  • सुबह की चाय
  • सांय प्रसादम्
  • आवासीय व्यवस्था

प्रत्येक साधक को मिलेगा

  • सेमिनार किट (150 पंजीयन तक)
  • ‘गीता जीवन संगीत’ पुस्तक
  • लेखन सामग्री
  • अध्ययन सामग्री
  • पावर प्वाइंट आधारित प्रशिक्षण

सहयोग राशि जमा करने हेतु बैंक विवरण

नाम : Sudha Garg

Account No. : 10002032049

IFSC : SBIN0031785

संपर्क सूत्र

श्रीमती सुधा गर्ग8619913343

श्री नारायण सिंह चारण9828213469

श्री सूर्य प्रकाश शर्मा8619718304

श्रीमती प्रकाश अमरावत8118818039

श्री रघुनाथ सांखला9414131778

श्री संतोष गुप्ता9414321681

श्री महावीर बंसल7726851990

श्री सुधीर यादव9928015089

विशेष अपील

श्रीमती सुधा गर्ग ने सभी गीता प्रेमियों से आग्रह किया है कि जो श्रद्धालु अभी तक पंजीयन नहीं करा पाए हैं, वे शीघ्र अपना पंजीयन कराएं तथा अपने परिवार, मित्रों एवं परिचितों को भी इस आध्यात्मिक आयोजन से जोड़ें। उनका कहना है कि गीता केवल पढ़ने का ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन में उतारने का संदेश है। यदि गीता के सिद्धांतों को व्यवहार में अपनाया जाए तो व्यक्ति, परिवार और समाज—तीनों का कल्याण संभव है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रभु की कृपा से यह तीन दिवसीय आयोजन जोधपुर के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक जीवन में एक प्रेरणादायक अध्याय सिद्ध होगा और प्रतिभागियों को जीवन भर याद रहने वाला अनुभव प्रदान करेगा।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor