संस्था के सचिव श्याम गुप्ता ‘शान्त’ ने बताया कि करीबन ढाई घंटे तक चली गोष्ठी में अनूठी अदायगी के मुकम्मल शायर असरार ‘आहिल’ ने-” मकां जिस तरह यह टूटा है, उसका दर नहीं मिलता.. पेशकर फिजा में रंग घोली।
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
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नगर के आंचल में नित नए रंग-बिरंगे फूल बिखेरती साहित्यिक संस्था- “काव्य-कलश” के पावटा ‘सी’ रोड स्थित कार्यालय में आयोजित मासिक गोष्ठी में सोलह उदीयमान एवं नामवर कवि, कवयित्रियों व शायरों ने कई मिजाज के कलाम पेश किए। संस्था के सचिव श्याम गुप्ता ‘शान्त’ ने बताया कि करीबन ढाई घंटे तक चली गोष्ठी में अनूठी अदायगी के मुकम्मल शायर असरार ‘आहिल’ ने-” मकां जिस तरह यह टूटा है, उसका दर नहीं मिलता.. पेशकर फिजा में रंग घोली।
प्रसिद्ध कवि श्याम गुप्ता ‘शान्त’ ने कविता- ‘दो रोटी’ तथा ‘बोतल चवालीसा’ पिलाकर सबको मदहोश कर दिया। घुटे-घुटाए शायर अशफ़ाक अहमद फौजदार ने गजल-‘ मसीहा तन्हा खड़ा दिखा गली के मोड़ पर’..सुनाकर वाहवाही लूटी। राजेश मोहता की रचना ने दिल को छू लिया। राजेंद्र खिंवसरा ‘राज’ ने कार्यक्रम का मनमोहक संचालन करते हुए-‘जब से तेरी सोहबत मुझको’ सुनाकर सबको मोहित कर दिया।
पंकज बिंदास के गाए गीत- ‘जिंदगी एक सफर है सुहाना’ ने दिलों को झंकृत कर दिया। डॉ. तृप्ति गोस्वामी ‘काव्यांशी’ की रचना-‘मत सरपट भग, समय पलट आ’ को सबने सराहा। जुगल सारस्वत ने ‘कुत्ते’ सार्थक कविता सुनाई। डॉ. उमेश दाधीच ने संस्था- “काव्य-कलश ” के सभी किरदारों पर रोशनी डालकर सबको मदमस्त कर दिया।
पहली बार शिरकत कर रही कवयित्री शुचि गुप्ता ने दो कविताएं-” स्त्रियां” व ” जहां ख्वाब न देखे जाएं” सुनाई। प्रख्यात एडवोकेट व कवि एनडी. निंबावत, डॉ. छगन राज राव, हंसराज ‘हंसा’, हरसहाय ‘हर्ष’ मीणा ने गांव की व्यथा तथा उभरते कवि नंदलाल भाटी ने ‘कलयुग’ की सच्चाई सुनाई।
श्रोताओं में हिमांशु लाहोटी व मंजू कंवर उपस्थित रहे। संस्था के सचिव श्याम गुप्ता ‘शान्त’ ने आगंतुकों का स्वागत-सत्कार व आभार व्यक्त किया।









