दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
भगवान श्री जगन्नाथ, बलदेव एवं सुभद्रा महारानी की भव्य वापसी रथयात्रा का आयोजन बड़े उत्साह, श्रद्धा एवं भक्तिमय उल्लास के साथ संपन्न हुआ। यह विशाल रथयात्रा पार्श्वनाथ सिटी से प्रारंभ होकर सांगरिया बाईपास एवं सांगरिया फाटा मार्ग से होते हुए इस्कॉन जोधपुर, तनावड़ा फाटा मंदिर पहुंची।
रथयात्रा का शुभारंभ एक अत्यंत मनोहारी एवं भावपूर्ण दृश्य के साथ हुआ। जैसे ही भगवान श्री जगन्नाथ जी अपने विहार स्थल से रथयात्रा के लिए बाहर पधारे, उसी समय वर्षा आरंभ हो गई। वैष्णव परंपरा में यह मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के अवसर पर इंद्रदेव प्रसन्न होकर वर्षा करते हैं और यह वर्षा देवताओं द्वारा पुष्पवृष्टि के समान शुभ एवं मंगलमयी मानी जाती है। श्रद्धालुओं ने इस वर्षा को भगवान की विशेष कृपा के रूप में अनुभव किया।
भगवान श्री जगन्नाथ जी को 36 फीट ऊंचे भव्य रथ पर विराजमान किया गया। इस आकर्षक रथ को लगभग 400 किलोग्राम विभिन्न प्रकार के पुष्पों से विशेष रूप से सजाया गया। रथ की सजावट के लिए पुणे, नासिक एवं थाईलैंड से मंगवाए गए विशेष पुष्पों का उपयोग किया गया, जिसने रथ की शोभा को और अधिक दिव्य एवं आकर्षक बना दिया। भव्य पुष्प सज्जा एवं विशाल रथ श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
रथयात्रा के दौरान रुक-रुक कर वर्षा होती रही, जिससे वातावरण और अधिक आनंदमय एवं उत्साहपूर्ण बन गया। कभी हल्की तो कभी तेज वर्षा के बीच श्रद्धालु हरिनाम संकीर्तन, नृत्य एवं जयघोष में मग्न रहे। वर्षा के बावजूद भक्तों का उत्साह तनिक भी कम नहीं हुआ। हजारों श्रद्धालु “हरे कृष्ण” महामंत्र के संकीर्तन के साथ झूमते हुए भगवान के रथ के साथ आगे बढ़ते रहे। कुछ समय के लिए मौसम साफ हुआ, किंतु पुनः हुई वर्षा ने पूरे आयोजन को और भी स्मरणीय बना दिया। अनेक श्रद्धालुओं ने इसे भगवान जगन्नाथ की विशेष कृपा एवं आशीर्वाद का प्रतीक माना।
रथयात्रा में लगभग एक हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रत्यक्ष रूप से सहभागिता कर भगवान के दर्शन एवं रथ सेवा का लाभ प्राप्त किया। श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचकर अपने जीवन को धन्य बनाया तथा भक्ति और आनंद के इस महोत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
उल्लेखनीय है कि भगवान श्री जगन्नाथ जी वर्तमान में भक्तों के घर-घर पधारकर उनकी सेवा स्वीकार कर रहे हैं। इसी क्रम में हाल ही में भगवान श्री जगन्नाथ जी ने शिवम अग्रवाल जी के निवास पर पधारकर भक्तों को अपने दर्शन एवं सेवा का सौभाग्य प्रदान किया। वहीं वापसी रथयात्रा के समापन के पश्चात भगवान श्री जगन्नाथ जी इस्कॉन जोधपुर सलाहकार समिति के सदस्य श्री देवेश सिंह राठौर जी के निवास पर एक दिवसीय प्रवास कर भक्तों की सेवा एवं भक्ति को स्वीकार करेंगे।
रथयात्रा के समापन पर इस्कॉन जोधपुर, तनावड़ा फाटा मंदिर में सभी श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई। उपस्थित भक्तों एवं अतिथियों को भरपेट महाप्रसादी वितरित की गई। इस अवसर पर सभी ने भगवान श्री जगन्नाथ जी से विश्व कल्याण, सुख, शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की।


