राइजिंग भास्कर. बुटाटी. नागौर
एक विकसित समाज की पहचान उसकी महिलाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण से होती है। जब एक परिवार और समाज की महिला शिक्षित होती है तो समाज दोहरी गति से विकास की ओर अग्रसर होता है। इसी उद्देश्य को सिद्ध करते हुए चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रेक्षा जैन, एकविश फाउंडेशन ने एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। डेगाना विधानसभा क्षेत्र के गांव सांसियों का बास, खरिया कलां की नगीना सांसी एवं रवीना सांसी विमुक्त घुमंतु समुदाय से हैं और शिक्षा से वंचित थीं। इन बालिकाओं ने हाल ही में प्रयास करके राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल के माध्यम से कक्षा 10वीं की शिक्षा प्रारंभ की है।
समाजसेवी अजय सिंह सांसी ने बताया कि हम महिला शिक्षा का स्तर बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। जब ये मामला हमारे पास आया तो हमने इनके मूलभूत दस्तावेज बनवाए और आवेदन करवाया। लेकिन पढ़ाई के लिए इनके पास स्टेशनरी, किताबें और स्टडी टेबल जैसी मूलभूत सामग्री नहीं थी। इसलिए हमने समाजसेवी चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रेक्षा जैन, एकविश फाउंडेशन से निवेदन किया। उन्होंने तुरंत बच्चों की स्थिति को समझा और स्टडी टेबल, स्टेशनरी, किताबें एवं अन्य अध्ययन सामग्री भेंट की। साथ ही भविष्य में भी किसी प्रकार की आवश्यकता होने पर पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया।
प्रेक्षा जैन ने कहा: “मेरा प्रयास यही रहता है कि हमसे जितना हो सके हम शिक्षा के दीपक जलाएं। ताकि व्यक्ति सक्षम होकर अपने पैरों पर खड़ा हो सके और विकास की ओर आगे बढ़े। हम नियमित रूप से इस प्रकार के कार्य करते रहेंगे और इन बच्चियों को शिक्षा में आगे भी सहयोग व मार्गदर्शन देते रहेंगे।”
अजय सिंह सांसी ने कहा, हमारा सौभाग्य है कि जब हम सामाजिक कार्य करते हैं तो समाज के भामाशाह आगे आकर सहयोग करते हैं। यही एक सक्षम, अनुशासित और विकसित समाज की निशानी है। भविष्य में भी हम शिक्षा के दीपक जलाने का प्रयास करते रहेंगे।


