आसान कमाई का लालच पड़ सकता है भारी, बैंक खाता दूसरे के लिए इस्तेमाल करने पर कानूनी कार्रवाई का खतरा; OTP, पासवर्ड और बैंक डिटेल साझा करना भी पड़ सकता है महंगा
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
9783414079 diliprakhai@gmail.com
अगर कोई व्यक्ति आपसे कहे कि आपको कुछ नहीं करना है, सिर्फ अपने बैंक खाते में पैसा मंगवाना है और फिर उसके बताए खाते में ट्रांसफर कर देना है, बदले में आपको हर ट्रांजैक्शन पर कमीशन मिलेगा, तो सावधान हो जाइए। यह आसान कमाई का ऑफर नहीं, बल्कि आपको ‘मनी म्यूल’ यानी अवैध धन वाहक बनाने की कोशिश हो सकती है।
आज साइबर अपराधी लोगों को घर बैठे कमाई, कमीशन, ऑनलाइन जॉब, निवेश या व्यापार में मदद जैसे कई तरह के प्रलोभन देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध धन को इधर-उधर करने के लिए कर रहे हैं। कई बार व्यक्ति को यह पता भी नहीं होता कि उसके खाते में आया पैसा किसी साइबर ठगी, धोखाधड़ी या अन्य गैरकानूनी गतिविधि से जुड़ा है। लेकिन खाते के माध्यम से धन का लेन-देन होने के कारण वह व्यक्ति जांच के दायरे में आ सकता है। आरबीआई की ओर से भी लोगों को लगातार सतर्क किया जा रहा है कि वे अपने बैंक खाते का इस्तेमाल किसी दूसरे व्यक्ति के पैसे प्राप्त करने या उसे आगे भेजने के लिए न करें।
‘बस पैसा ट्रांसफर करना है’—यहीं से शुरू हो सकता है खतरा
साइबर अपराधियों का तरीका अक्सर बेहद सामान्य दिखाई देता है। वे सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, फोन कॉल या ऑनलाइन जॉब प्लेटफॉर्म के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं। व्यक्ति को बताया जाता है कि कंपनी के भुगतान उसके खाते में आएंगे और उसे आगे दूसरे खाते में भेजना होगा। इसके बदले उसे कुछ प्रतिशत कमीशन देने का लालच दिया जाता है। शुरुआत में रकम छोटी हो सकती है। व्यक्ति को कुछ रुपये या कमीशन मिल भी सकता है, जिससे उसका विश्वास बढ़ जाता है। इसके बाद खाते में बड़ी रकम आने लगती है। वह रकम आगे दूसरे खातों में ट्रांसफर कराई जाती है। समस्या तब सामने आती है जब जांच एजेंसियां उस रकम को किसी अपराध से जुड़ा हुआ पाती हैं। ऐसी स्थिति में केवल यह कहना कि ‘मुझे नहीं पता था कि पैसा अवैध है’, व्यक्ति को परेशानी से हमेशा नहीं बचा सकता।
मनी म्यूल आखिर होता क्या है?
‘मनी म्यूल’ उस व्यक्ति को कहा जाता है जो किसी दूसरे व्यक्ति या गिरोह की ओर से अवैध तरीके से प्राप्त धन को अपने बैंक खाते या अन्य माध्यम से प्राप्त करता है और फिर उसे आगे किसी अन्य खाते में ट्रांसफर करता है या दूसरे स्थान तक पहुंचाता है। कई मामलों में मनी म्यूल को खुद अपराध की पूरी जानकारी नहीं होती। उसे केवल कमीशन या आसान कमाई का लालच दिया जाता है। लेकिन उसका बैंक खाता अपराध से जुड़े पैसों के प्रवाह का हिस्सा बन जाता है।
इन ऑफर्स से रहें खास तौर पर सावधान
अगर कोई व्यक्ति आपसे कहे—
- अपने बैंक खाते में पैसा मंगवाइए और आगे भेज दीजिए।
- हर ट्रांजैक्शन पर आपको कमीशन मिलेगा।
- आपको कुछ नहीं करना, केवल बैंकिंग सुविधा उपलब्ध करानी है।
- कंपनी का पैसा आपके खाते से होकर जाएगा।
- अपना खाता इस्तेमाल करने दीजिए, बदले में अच्छी रकम मिलेगी।
- ऑनलाइन नौकरी के लिए अपना बैंक खाता उपलब्ध कराइए।
तो तुरंत सावधान हो जाएं। यह धोखाधड़ी या अवैध धन के लेन-देन से जुड़ा हो सकता है।
बैंक खाता निजी है, इसे ‘किराए’ पर देना भी खतरनाक
कुछ लोग आर्थिक जरूरत या अतिरिक्त आमदनी के लालच में अपना बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए दे देते हैं। उन्हें लगता है कि केवल खाता इस्तेमाल करने की अनुमति देने से उनका कोई नुकसान नहीं होगा। लेकिन बैंक खाता केवल पैसे रखने का माध्यम नहीं है। इससे जुड़े प्रत्येक लेन-देन का रिकॉर्ड रहता है। खाते से किसे पैसा गया, किस खाते से पैसा आया और किस समय लेन-देन हुआ—इन सभी गतिविधियों की जांच की जा सकती है। अगर आपके खाते का इस्तेमाल किसी ठगी या अवैध लेन-देन में होता है तो आपका बैंक खाता जांच का विषय बन सकता है। इसलिए अपना बैंक खाता, एटीएम/डेबिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग की सुविधा किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए देना गंभीर जोखिम हो सकता है।
ये जानकारी कभी किसी से साझा न करें
बैंक से संबंधित संवेदनशील जानकारी को हमेशा गोपनीय रखें—
OTP
ATM/डेबिट कार्ड PIN
इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड
UPI PIN
कार्ड नंबर और CVV
बैंकिंग लॉगिन डिटेल
मोबाइल बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी
याद रखें—बैंक या कोई विश्वसनीय संस्था आपसे आपका OTP या UPI PIN साझा करने के लिए नहीं कहती।
‘पहले पैसा आएगा, बाद में कमीशन मिलेगा’—लालच में न आएं
साइबर अपराधी अक्सर भरोसा पैदा करने के लिए आकर्षक ऑफर देते हैं। वे ऑनलाइन कमाई, पार्ट टाइम जॉब, कमीशन एजेंट, डिजिटल मार्केटिंग, निवेश या व्यापार के नाम पर बैंक खाते के इस्तेमाल की बात कर सकते हैं। कई बार अपराधी खुद सामने नहीं आते। वे किसी सोशल मीडिया प्रोफाइल, फर्जी कंपनी या फर्जी नौकरी के नाम का इस्तेमाल कर सकते हैं। बातचीत पूरी तरह ऑनलाइन हो सकती है। इसलिए किसी अनजान व्यक्ति की बात पर केवल इसलिए भरोसा न करें कि उसने आपको आसान कमाई का प्रस्ताव दिया है।
कमाई से पहले यह सवाल जरूर पूछें
अगर किसी काम में आपको केवल अपना बैंक खाता उपलब्ध कराना है और बदले में पैसा मिलना है, तो खुद से पूछिए—
पैसा कहां से आ रहा है?
मेरे खाते में क्यों आ रहा है?
मुझे इसे दूसरे खाते में क्यों भेजना है?
मुझे इसके बदले कमीशन क्यों दिया जा रहा है?
अगर इन सवालों का स्पष्ट और विश्वसनीय जवाब नहीं मिलता है तो ऐसे लेन-देन से दूरी बनाना ही बेहतर है।
अगर आपका खाता पहले ही इस्तेमाल हो चुका है तो क्या करें?
यदि आपने किसी व्यक्ति के कहने पर अपने खाते से पैसा प्राप्त या ट्रांसफर किया है और अब आपको संदेह है कि यह लेन-देन संदिग्ध हो सकता है, तो मामले को नजरअंदाज न करें। तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें और संदिग्ध लेन-देन की जानकारी दें। इसके अलावा उपलब्ध आधिकारिक साइबर अपराध शिकायत व्यवस्था के माध्यम से भी शिकायत की जा सकती है। लेन-देन से जुड़े मैसेज, स्क्रीनशॉट, बैंक स्टेटमेंट, मोबाइल नंबर, ईमेल और चैट जैसे रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। इन्हें डिलीट करने के बजाय जांच में उपयोगी साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखना बेहतर है।
साइबर अपराध में आपका खाता बन सकता है ‘कड़ी’
आज डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन बैंकिंग ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसी सुविधा का फायदा अपराधी भी उठा रहे हैं। साइबर ठगी से हासिल पैसा अक्सर कई बैंक खातों के माध्यम से आगे भेजा जा सकता है। ऐसे में किसी व्यक्ति का बैंक खाता अपराधी और वास्तविक पीड़ित के बीच एक कड़ी की तरह इस्तेमाल हो सकता है। यही वजह है कि अपने खाते से होने वाले हर लेन-देन की जानकारी रखना बेहद जरूरी है। बैंक SMS, ईमेल और मोबाइल बैंकिंग अलर्ट को नजरअंदाज न करें। खाते में ऐसा कोई लेन-देन दिखाई दे जिसे आपने नहीं किया है, तो तुरंत बैंक से संपर्क करें।
सुरक्षित बैंकिंग के 7 नियम
1. अपना बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें।
2. अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे प्राप्त कर आगे ट्रांसफर न करें।
3. OTP, PIN, पासवर्ड और CVV कभी साझा न करें।
4. संदिग्ध नौकरी या कमीशन वाले ऑफर से सावधान रहें।
5. खाते में आने वाले प्रत्येक लेन-देन पर नजर रखें।
6. अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें।
7. संदिग्ध लेन-देन होने पर तुरंत बैंक को सूचित करें।
आसान कमाई का ऑफर कहीं अपराध की कीमत न बन जाए
कई बार आर्थिक जरूरत इंसान को ऐसे ऑफर स्वीकार करने के लिए प्रेरित कर देती है जिनमें जोखिम छिपा होता है। कुछ हजार रुपये के कमीशन के बदले अपना बैंक खाता उपलब्ध कराना भविष्य में बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। इसलिए कोई व्यक्ति अगर कहता है कि ‘आपको सिर्फ अपना खाता देना है, बाकी काम हम संभाल लेंगे’, तो इसे आसान कमाई न समझें। बैंक खाता आपकी आर्थिक पहचान से जुड़ा है और उसके माध्यम से होने वाले लेन-देन की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है। सतर्क रहना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।आरबीआई की जागरूकता पहल का संदेश भी यही है कि बैंकिंग और डिजिटल भुगतान करते समय जानकारी रखें, सावधानी बरतें और लालच में आकर अपने खाते या बैंकिंग विवरण को किसी दूसरे के हाथों में न सौंपें।
याद रखें—
आपका बैंक खाता आपकी जिम्मेदारी है। किसी और के पैसे को अपने खाते से घुमाने का लालच न लें।कुछ मिनट की सावधानी आपको लंबे समय की कानूनी और आर्थिक परेशानी से बचा सकती है।आरबीआई कहता है—जानकार बनिए, सतर्क रहिए!
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