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Friday, July 10, 2026, 4:09 am

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सूर्यनगरी की धरा पर उतरे आर्य पुत्र…राम की मर्यादा जीवंत हुई, कहानियों से बच्चों ने सीखा बड़ों का आदर करना

द एजुकेशन एकेडमी ने किया रामायण पर आधारित इनोवेशन

शिव वर्मा. जोधपुर 

द एजुकेशन एकेडमी ने रामायण आधारित थीम वाले वार्षिक उत्सव से विद्यार्थियों और अभिभावकों को राममय किया। भगवान श्रीराम के जीवन से संबंधित कार्यक्रमों की प्रस्तुति से बच्चों में नए जोश का संचार हुआ। अभिभावकों ने अपने बच्चों के साथ राममय होकर वार्षिक उत्सव का आनंद लिया। अयोध्या में भगवान श्री राम का मंदिर बनने के बाद वैसे तो पूरे भारतवर्ष में भगवान श्री राम के प्रति श्रद्धा आस्था और भक्ति और अधिक बढ़ गई है, लेकिन किसी शिक्षण संस्थान में भगवान श्री राम के जीवन से ओतप्रोत रामायण जैसे ग्रंथ की संस्कृति से बच्चों और उनके अभिभावकों को रूबरू कराने के लिए रामायण थीम पर वार्षिक उत्सव पहली बार द एजुकेशन एकेडमी द्वारा नए उदाहरण के रूप पेश किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर सोमेश्वर गिरी महाराज ने विद्यार्थियों से भगवान श्री राम की तरह ही संस्कृति और संस्कार को अपनाने का आव्हान किया।

जोधपुर के कुड़ी हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में स्थित द एजुकेशन एकेडमी के रामायण थीम पर आयोजित वार्षिक उत्सव के संयोजक हिमांशु गुप्ता ने बताया कि विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भगवान श्रीराम के जीवन से जोड़ने के उद्देश्य से इस बार महामंडलेश्वर सोमेश्वर गिरी महाराज के सानिध्य में पूरा वार्षिक उत्सव भगवान श्री राम और उनमें आस्था रखने वाले हजारों लाखों श्रद्धालुओं को समर्पित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुड़ी नगर पालिका के अध्यक्ष चंद्रलाल खावा ने की जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में राजस्थान उच्च न्यायालय के अधिवक्ता अशोक पटेल और वरिष्ठ समाज सेवी विमला गट्टानी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। द एजुकेशन एकेडमी के निदेशक अशोक कुमार गुप्ता, प्राचार्य नवीन कुमार और उप प्राचार्य प्रीति गुप्ता ने अतिथियों की अगवानी करने के साथ स्वागत किया। दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम के प्रारंभ में द एजुकेशन एकेडमी के निदेशक अशोक कुमार गुप्ता ने संस्थान की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालने के साथ एक वर्ष में विद्यार्थियों द्वारा किए गए नवाचार की जानकारी देने के साथ पहली बार रामायण जैसे ग्रंथ पर आधारित वार्षिक उत्सव पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर अतिथियों द्वारा विद्यार्थियों को हौसला अफजाई करने के लिए उन्हें अलग-अलग क्षेत्र में विविध पुरस्कार प्राप्त करने पर वार्षिक उत्सव के अवसर पर भी पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर समाजसेवी दिनेश राजपुरोहित, सावित्री गुर्जर, अरविंद बारा, किशोर वेरावत, डॉ रामकिशोर बिश्नोई, मयंक दिवाकर, विजेंद्र शर्मा, ललित पालीवाल और पूजा बिश्नोई मौजूद रहे। अकादमी के विद्यार्थियों ने भगवान श्री राम के जन्म से लेकर परिवार से मिले संस्कारों और राजपाट की बजाएं वचन निभाने की परंपरा का निर्वहन किए जाने संबंधित आयोजनों की प्रस्तुति कर पूरे कार्यक्रम को रामायण बेस पर संजोग कर रखा। इस अवसर पर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर सोमेश्वर गिरी महाराज ने कहा कि भगवान श्री राम ने अपनी संस्कृति और संस्कार को जिस रूप से अपनाया इस वजह से आज उनकी अपनी एक मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में पहचान है, भगवान श्री राम ने अपने माता-पिता और गुरु का हमेशा मान सम्मान किया और उनसे सीखने चले गए, उसी के चलते उनमें त्याग समर्पण और सभी के सम्मान की भावना देखने को मिलती है। उन्होंने इस अवसर पर द एजुकेशन एकेडमी द्वारा भगवान श्री राम से संबंधित रामायण ग्रंथ के आधार पर वार्षिक उत्सव की थीम रखने पर बधाई दी और कहा कि इस नवाचार से निश्चय ही बच्चों में भगवान श्री राम से कुछ सीखने की प्रेरणा जागृत होगी। उन्होंने मानवता पर जोर देते हुए कहा कि भगवान श्री राम की मां कौशल्या उनकी पहली गुरु थी और अपनी मां से सीखने के आधार पर ही उन्होंने अपने जीवन को खुशमय बनाया था। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कृति और संस्कार अपनाते हुए भगवान श्री राम के बताएं पद चिन्हों पर चलने के लिए प्रेरित किया।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor