राजीव शर्मा रेस में सबसे आगे, सीएम भजनलाल शर्मा की भी पहली पसंद; विकल्प के तौर पर संजय अग्रवाल का नाम भी चर्चा में
डी के पुरोहित. जयपुर
राजस्थान के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के चयन को लेकर सरकार के स्तर पर मंथन अंतिम चरण में पहुँच गया है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार राजीव शर्मा इस दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की भी पहली पसंद माने जा रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि यदि अंतिम क्षणों में कोई अप्रत्याशित राजनीतिक समीकरण नहीं बदला, तो राजीव शर्मा को ही प्रदेश का अगला डीजीपी बनाया जाना लगभग तय है। हालांकि यदि परिस्थितियाँ बदलती हैं या मुख्यमंत्री की रणनीति काम नहीं कर पाती है, तो संजय अग्रवाल के नाम पर भी मुहर लग सकती है।
इस समय राज्य सरकार और गृह विभाग में इस मुद्दे पर गहन विचार-विमर्श चल रहा है और किसी भी समय औपचारिक घोषणा होने की संभावना है।
राजीव शर्मा क्यों हैं सबसे आगे?
राजीव शर्मा को अनुभवी, संतुलित और प्रशासनिक दृष्टि से मजबूत अधिकारी माना जाता है। उनका अब तक का रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वयं एक ऐसे पुलिस प्रमुख को देख रहे हैं जो कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के साथ-साथ राजनीतिक तौर पर भी संतुलित और विश्वसनीय हो।
राजीव शर्मा की छवि निष्पक्ष, व्यावसायिक दृष्टिकोण रखने वाले और माहौल को संभालने में दक्ष अधिकारी की है। यही कारण है कि उन्हें सीएम की पहली पसंद माना जा रहा है।
संजय अग्रवाल — मजबूत विकल्प के रूप में
हालांकि यदि अंतिम दौर में कोई प्रशासनिक या राजनीतिक गतिरोध उत्पन्न होता है, तो संजय अग्रवाल का नाम भी पूरी तरह तैयार रखा गया है।
संजय अग्रवाल को केंद्र और राज्य स्तर पर अच्छे समीकरण रखने वाला और प्रशासनिक कार्यकुशलता में अनुभवी माना जाता है। ऐसे में यदि मुख्यमंत्री के पसंदीदा नाम पर सहमति नहीं बन पाई, तो सरकार संजय अग्रवाल के नाम को आगे बढ़ा सकती है।
घोषणा कभी भी संभव
सूत्रों के अनुसार डीजीपी के नाम की घोषणा अब कभी भी हो सकती है।
गृह विभाग की ओर से फाइल अंतिम स्तर पर है और मुख्यमंत्री कार्यालय से सहमति के बाद मुख्य सचिव द्वारा अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
राज्य पुलिस महकमे में भी इसको लेकर बड़ी उत्सुकता है, क्योंकि वर्तमान डीजीपी का कार्यकाल पूरा होने के साथ ही प्रदेश में नए डीजीपी को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
अब देखना यह है कि क्या मुख्यमंत्री अपनी पहली पसंद राजीव शर्मा को आगे बढ़ाने में सफल रहते हैं या फिर परिस्थितियाँ संजय अग्रवाल को यह अहम जिम्मेदारी दिला देंगी।
सूत्रों के अनुसार दोनों ही अधिकारियों ने अपनी ओर से तैयारियाँ पूरी कर ली हैं।
राज्य प्रशासन के उच्च स्तरों पर अब बस आखिरी राजनीतिक सहमति का इंतजार है।
आनंद श्रीवास्तव के नाम पर भी लोबिंग तेज
अभी अभी खबर मिली है कि आनंद श्रीवास्तव के नाम पर भी लोबिंग तेज हो गई है. एक कायस्थ नेता जो पूर्व में राजस्थान की राजनीति में वजूद रखता था उनकी पसंद आनंद श्रीवास्तव बताये जा रहे हैं.








