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Friday, April 17, 2026, 1:45 pm

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”कंधे पर बैठा था शाप”…ने दर्शकों की संवेदना और सोच जगाई…उम्मेद भाटी के सधे निर्देशन ने जान फूंकी

द थर्ड बेल सोसाइटी”, की ओर से मीरा कांत लिखित पीरियोडिक प्ले ने मनोरंजन के साथ समाज के सामने छोड़े कुछ सवाल…

शिव वर्मा. जोधपुर

“द थर्ड बेल सोसाइटी”, की ओर से मीरा कांत लिखित और उम्मेद भाटी निर्देशित एक पीरियोडिक प्ले ”कंधे पर बैठा था शाप” की मनोरम प्रस्तुति देखने को मिली। थिएटर सेल के छोटे से मंच पर सीमित संसाधनों के साथ लगभग सवा घंटे की अवधि के एक बड़े कैनवास वाले शुद्ध हिंदी के सवादों वाले नाटक को निर्देशक ने सफलतापूर्वक मंचित किया। जोधपुर के सीनियर कलाकारों के साथ-साथ युवा कलाकारों ने मंच पर शानदार प्रदर्शन किया।

नाटक के कथानक में महाकवि कालीदास का साधारण वेश में अपने मित्र सिंहल नरेश कुमार दास से मिलने के लिए सिंहल द्वीप पहुंचना और नरेश की प्रेयसी गणिका के यहां जाना और वहीं पर नियति जनित परिस्थितियों में अपने अंत समय को प्राप्त होना बताया गया है। अभिनेताओं में भरत वैष्णव ने वृद्ध कालीदास, अजयकरण ने कुमार दास, शिवानी दुबे ने गणिका कामिनी और पूजा ने राज्जमा की भूमिका बखूबी निभाई।

प्रथम दृष्य से ही प्रस्तुति दर्शकों पर अपना प्रभाव छोड़ने में कामयाब होती है। जो कथानक के आगे बढ़ते रहने के साथ और मजबूत होती जाती है। सारे ही दृश्य बंध सुंदर बन पड़े हैं। धीमा और वातावरण के अनुकूल संगीत प्रभाव कानों को सुकून देता है। वेशभूषा और रूपसज्जा भी पात्र के अनुकूल है। हर चरित्र अपने आप में परिपूर्ण है। सधे हुए अभिनय के साथ ही संगीत संयोजन और वेशषा अद्वितीय है। निर्देशक उम्मेद भाटी का प्रयास सराहनीय है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor