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Friday, April 17, 2026, 2:19 am

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महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर भक्ति की गूंज: बाबोसा बालाजी मंदिर में भजन संध्या में झूमे श्रद्धालु

-श्री जागृति संस्थान के आयोजन में यशोदा माहेश्वरी और अन्य भजन गायकों ने रंग जमाया, मंजू प्रजापति और मंजू डागा की आवाज ने मन मोहा

राखी पुरोहित. जोधपुर 

महाशिवरात्रि की पावन पूर्व संध्या पर श्री जागृति संस्थान के तत्वावधान में चौहाबो सेक्टर-11 स्थित बाबोसा बालाजी मंदिर में आयोजित भव्य भजन संध्या कार्यक्रम ने पूरे क्षेत्र को भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और देर रात तक शिव भजनों की मधुर स्वर-लहरियों पर झूमते रहे। इस आयोजन ने न केवल महाशिवरात्रि के धार्मिक महत्व को उजागर किया बल्कि सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को भी सशक्त रूप से सामने रखा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष राजेश भैरवानी ने की। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और भगवान शिव के मंगलाचरण के साथ हुई। वातावरण में जैसे ही भक्ति संगीत की पहली धुन गूंजी, मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखों में श्रद्धा और उल्लास स्पष्ट दिखाई देने लगा। पूरे परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा और फूलों की साज-सज्जा से सजाया गया था, जिससे कार्यक्रम का आध्यात्मिक वातावरण और भी अधिक मनोहारी बन गया।

यशोदा माहेश्वरी के भजनों में भक्ति और अभिव्यक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला

भजन संध्या का मुख्य आकर्षण वरिष्ठ भजन गायिका यशोदा माहेश्वरी की प्रस्तुति रही। उन्होंने अपनी सुमधुर आवाज में एक से बढ़कर एक शिव भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। उनकी प्रस्तुति के दौरान “भोलेनाथ के जयकारे”, “हर हर महादेव” और “जय शिव शंकर” के उद्घोष लगातार गूंजते रहे। यशोदा माहेश्वरी ने लगभग दस से अधिक भजन प्रस्तुत किए, जिनमें शिव भक्ति के साथ-साथ लोकभक्ति की सुगंध भी समाहित थी। उनके गायन में पारंपरिक भक्ति संगीत की गहराई और भावनात्मक अभिव्यक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला।

मंजू डागा का होली पर फाग गीत खूब पसंद किया गया

कार्यक्रम में अन्य कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुति से समां बांध दिया। गायिका मंजू प्रजापति और मंजू डागा ने अपनी खनकती और प्रभावशाली आवाज में भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंजू डागा ने होली के आगमन की आहट को ध्यान में रखते हुए फागण गीत प्रस्तुत किया, जिससे कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं और युवा नृत्य करने लगे और पूरा वातावरण उत्साह से भर गया।

राखी पुरोहित के वृंदावन की गलियों ने मचाई धूम

इसी क्रम में राखी पुरोहित ने अपनी स्वयं की लिखी रचना “वृंदावन की गलियों में मची धूम है सांवरे…” प्रस्तुत की। उनकी भावपूर्ण आवाज और भक्ति से भरी प्रस्तुति को श्रोताओं ने भरपूर सराहा और जोरदार तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। युवा गायिका कोमल ने भी शिव भजनों की श्रृंखला प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उनकी प्रस्तुति ने यह सिद्ध किया कि नई पीढ़ी भी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने में पूरी तरह सक्रिय है।

संस्था सचिव हर्षद सिंह भाटी ने अतिथियों का स्वागत किया

कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्थान के सचिव हर्षद सिंह भाटी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्था का संक्षिप्त परिचय दिया। उन्होंने बताया कि संस्था का उद्देश्य समाज में सांस्कृतिक, साहित्यिक और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है तथा प्रत्येक माह विभिन्न क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं ताकि समाज के सभी वर्गों को जोड़कर सकारात्मक वातावरण तैयार किया जा सके। उन्होंने मंदिर समिति और स्थानीय नागरिकों के सहयोग के लिए उनका आभार भी व्यक्त किया।

श्री जागृति संस्था हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही : राजेश भैरवानी 

संस्थान के अध्यक्ष राजेश भैरवानी ने अपने संबोधन में कहा कि संस्था साहित्य, समाजसेवा और मानव सेवा के कार्यों को समान महत्व देती है। उन्होंने कहा कि संस्था की सफलता उसके सभी सदस्यों और पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी का परिणाम है और इसी सहयोग से संस्था निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं।

इन लोगों की रही उपस्थिति

कार्यक्रम में अनेक गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिनमें गोविंदराम, राजेश भार्गव, जमनादास बोड़ा, राजन वैष्णव, रमेशचंद्र भंडारी, शकुंतला गुलेच्छा,  सेवाधारी राजेश जैन, राइजिंग भास्कर की समाजसेवा और मानव सेवा की ब्रांड एंबेसडर कौशल्या अग्रवाल, रजनी अग्रवाल, उषा गुप्ता, मंजू बालानी, जया, कन्हैयालाल, पूजा बंसल, मंजूलता, स्नेहलता सुथार, अनीता जांगिड़, अनुराधा सिंह, मुकेश कंवर, रमेश झामनानी, मोहनकौर, बसंती राठी, अन्नू अरोड़ा, मनो देवी और नरेश भगत संतलानी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

सेवाधारी राजेश जैन ने मंदिर के इतिहास की जानकारी दी

कार्यक्रम के समापन चरण में सेवाधारी राजेश जैन ने मंदिर की स्थापना से जुड़े इतिहास और कई रोचक तथ्यों की जानकारी दी, जिसे श्रद्धालुओं ने बड़े ध्यान से सुना। इसके पश्चात सामूहिक आरती का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर भगवान शिव की आराधना की। आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।

कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरित किया

कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी वितरण किया गया। प्रसाद ग्रहण करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु कतारबद्ध दिखाई दिए। संस्था के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों ने प्रसाद वितरण की व्यवस्था को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया, जिससे कार्यक्रम का समापन भी उतना ही अनुशासित और भव्य रहा जितना उसका आरंभ।

संस्था के संस्थापक दिलीप कुमार पुरोहित का भी सान्निध्य रहा

इस अवसर पर संस्था के संस्थापक दिलीप कुमार पुरोहित का सान्निध्य भी प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं तथा युवाओं को अपनी परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने संस्था द्वारा किए जा रहे सामाजिक और सांस्कृतिक प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर जोर दिया।

सामूहिक सहभागिता ने आयोजन को सफल बनाया

भजन संध्या के इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि जब समाज एक मंच पर एकत्र होकर सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करता है तो इससे न केवल आध्यात्मिक चेतना जागृत होती है बल्कि सामाजिक संबंध भी मजबूत होते हैं। महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम ने क्षेत्र के नागरिकों को भक्ति, संगीत और सामूहिक सहभागिता का अद्भुत अनुभव प्रदान किया।

श्रद्धालुओं ने आयोजकों की सराहना की

कार्यक्रम की सफलता ने यह भी सिद्ध किया कि यदि समाज के लोग मिलकर सकारात्मक पहल करें तो छोटे-छोटे आयोजन भी बड़े सामाजिक संदेश देने में सक्षम होते हैं। भजन संध्या में शामिल श्रद्धालुओं ने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक मूल्यों को समझने का अवसर मिलता है। साथ ही, सामूहिक उत्सवों से समाज में आपसी प्रेम, सहयोग और सौहार्द की भावना भी बढ़ती है।

स्मृतियां लंबे समय तक ताजा रहेगी

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित इस भजन संध्या ने पूरे क्षेत्र में भक्ति का ऐसा वातावरण निर्मित किया, जिसकी स्मृतियां लंबे समय तक लोगों के मन में जीवंत रहेंगी। संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी इसी प्रकार के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक जागरूकता का प्रसार होता रहे।

राजेश भैरवानी ने आभार जताया

अंत में संस्था के अध्यक्ष राजेश भैरवानी ने सभी कलाकारों, अतिथियों, मंदिर समिति के सदस्यों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग और सहभागिता से ही कार्यक्रम को इतनी भव्य सफलता मिली है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी समाज का इसी प्रकार सहयोग मिलता रहेगा और संस्था समाजसेवा तथा सांस्कृतिक जागरण के अपने उद्देश्य को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाती रहेगी।

 

 

 

 

 

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor