Explore

Search

Thursday, April 16, 2026, 5:44 pm

Thursday, April 16, 2026, 5:44 pm

LATEST NEWS
Lifestyle

ओरण बचाओ यात्रा की पूरी जानकारी।

मरू क्षेत्र विशेष रूप से जैसलमेर जिले में ओरण और गोचर भूमि राज्य सरकार की ओर से लगातार सोलर, विंड, सीमेंट कंपनियों को आवंटित की जा रही है। जिसके कारण सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीण अर्थव्यवस्था कृषि एवं पशुपालन पर बहुत नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। ओरण संरक्षण के लिए तनोट से जयपुर तक ओरण संरक्षण जन जागरण यात्रा निकाली जा रही है।गांवों की जीवनरेखा ओरण भूमि और खेजड़ी के पेड़ों को बचाने की इस मुहिम को लेकर ग्रामीणों, किसानों, पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ता आगे आ कर समर्थन कर रहे है। ओरण, गोचर, बरसाती नाले, नदी, कुएं, बावड़ी, तालाब, खडीन आगोर-पाछोर, ऐतिहासिक मंदिर, छतरियां, देवलिया, शिलालेख, स्मारक, ढाणियां और आम रास्तों केसंरक्षण को लेकर जन जगर्ति कर रहे है।

सोमवार को यात्रा का जोधपुर मे पड़ाव रहा। सर्वप्रथम स्थानीय लोग के लिए जन जागरण सभा का मारवाड़ राजपूत सभा भवन में आयोजन किया गया। फिर सभी ने ओरण की रक्षा के लिए  रैली निकाली बोले- ये हमारी आस्था, खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं। बड़ी संख्या में लोग रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन-नारेबाजी की।संरक्षण की मांग को लेकर नारेबाजी की। सैकड़ों लोग हाथों में तख्तियां लिए नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने संभागीय आयुक्त को ज्ञापन सौंपा, जिसमें ओरण भूमि पर अतिक्रमण रोकने, खेजड़ी के पेड़ों की सुरक्षा और स्थानीय पारिस्थितिकी संरक्षण की मांग की गई।

पदयात्रीओं ने कहा कि ओरण भूमि हमारी संस्कृति और आजीविका का आधार है, इसे बचाना हमारा संकल्प है। ओरण, देव भूमि को संरक्षित करने के लिए सभी समाज के साथ मिलकर प्रयास कर रहे हैं। हमारी एक ही मांग है कि हमारी ओरण को बचाओ, उजाड़ो मत। सरकार की यदि मंशा नहीं है तो वो हमारे धैर्य की परीक्षा न लें। कांग्रेस ने भी बहुत नष्ट किया और ये सरकार भी जो कर रही है वो गलत है। सरकार हमारी आस्था के साथ खिलवाड़ कर रही है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मारवाड़ राजपूत सभा महासचिव केवी सिंह चांदरख ने बताया कि ओरण संरक्षण जन जागरण सभा के दौरान सत्यमगिरी महाराज कोटेश्वर धाम, महादेवपुरी डेलासर मठ, सुमेरसिंह सांवता, भोपालसिंह झलोड़ा, मारवाड़ राजपूत सभा उपाध्यक्ष अर्जुनसिंह रूणकिया व गजसिंह शिक्षण संस्थान ओसियां अध्यक्ष गोपालसिंह भलासरिया आदि शामिल थे।

 

 

Insaf khan
Author: Insaf khan

Editor