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Thursday, February 26, 2026, 3:24 am

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राजस्थान सरकार की Artificial Intelligence & Machine Learning Policy (AI/ML), 2026 पर एक वर्चुअल सत्र आयोजित

राजस्थान एआई-एमएल पॉलिसी 2026: डिजिटल युग में ‘स्मार्ट गवर्नेंस’ की नई पटकथा पर मंथन हुआ। इस सत्र में मनीषा अरोड़ा, डॉ. धीरज, अमित सिंघल, रविंद्र और डॉ. अजय डाटा आदि ने विचार व्यक्त किए। आरंभ में प्रियंका ने प्रेजेंटेशन दिया।
वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल बदलाव की तेज़ रफ्तार के बीच राजस्थान सरकार ने Rajasthan AI/ML Policy 2026 के जरिए प्रशासन, उद्योग और शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मुख्यधारा में लाने का खाका पेश किया है।

दिलीप कुमार पुरोहित. जयपुर

राजस्थान सरकार की Artificial Intelligence & Machine Learning Policy (AI/ML), 2026 पर एक वर्चुअल सत्र आयोजित हुआ। इसमें राजस्थान एआई-एमएल पॉलिसी 2026: डिजिटल युग में ‘स्मार्ट गवर्नेंस’ की नई पटकथा पर मंथन हुआ। इस सत्र में मनीषा अरोड़ा, डॉ. धीरज, अमित सिंघल, रविंद्र और डॉ. अजय डाटा आदि ने विचार व्यक्त किए। आरंभ में प्रियंका ने प्रेजेंटेशन दिया। वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल बदलाव की तेज़ रफ्तार के बीच राजस्थान सरकार ने Rajasthan AI/ML Policy 2026 के जरिए प्रशासन, उद्योग और शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मुख्यधारा में लाने का खाका पेश किया है। “कॉन्सेप्ट से ग्लोबल फोर्स” की थीम पर आधारित यह नीति 1950 के दशक में शुरू हुई Artificial Intelligence की अवधारणा से लेकर 2020 के दशक के Generative AI तक की यात्रा को राज्य की विकास रणनीति से जोड़ती है।

एआई की समझ: अवधारणा से जन-जीवन तक

प्रस्तुति में बताया गया कि 1950s में Artificial Intelligence यानी मशीनों द्वारा मानव जैसी बुद्धिमत्ता का प्रदर्शन, 1980s में Machine Learning के रूप में विकसित हुआ—जहाँ सिस्टम ऐतिहासिक डेटा से सीखते हैं। 2010s में Deep Learning ने मानव मस्तिष्क की कार्यप्रणाली की नकल करने वाले मॉडल दिए और 2020s में Generative AI (Gen AI) ने मूल कंटेंट सृजन की क्षमता के साथ नई क्रांति की शुरुआत की।
एआई के उपयोग—वर्चुअल असिस्टेंट, भाषा अनुवाद, इमेज एडिटिंग, लाइव कैप्शन, ग्रामर चेकर और सोशल मीडिया रिकमेंडेशन—अब आम नागरिक के जीवन का हिस्सा बन चुके हैं।

‘पॉलिसी विज़न’: चार स्तंभ

राज्य की नीति चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है—AI Adoption in Governance: प्रशासनिक प्रक्रियाओं में एआई का समावेश।
Empowering Talent: युवाओं के लिए एआई स्किलिंग और रिसर्च को बढ़ावा। Incentivizing AI Initiatives in Industries: उद्योगों को प्रोत्साहन और निवेश आकर्षण। Responsible Framework: सुरक्षित और नैतिक एआई तैनाती सुनिश्चित करना।

ज़मीन पर अमल: सेक्टर-विशेष फोकस

“हाउ पॉलिसी ट्रांसलेट्स ऑन ग्राउंड” के तहत सार्वजनिक सेवा वितरण, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन में एआई एकीकरण पर जोर दिया गया है। पब्लिक सर्विस डिलीवरी में डेटा-आधारित निर्णय से सेवाओं की गति और पारदर्शिता बढ़ेगी। कृषि में मौसम, मिट्टी और बाजार विश्लेषण से किसानों को सटीक सलाह मिलेगी। स्वास्थ्य में रोग पूर्वानुमान और डायग्नोस्टिक सपोर्ट सिस्टम विकसित होंगे। शिक्षा में एआई-आधारित लर्निंग टूल्स और करिकुलम इंटीग्रेशन होगा। पर्यटन में स्मार्ट एनालिटिक्स से आगंतुक अनुभव बेहतर होगा।

मौजूदा नीतियों से तालमेल

यह नई नीति राज्य की पूर्ववर्ती पहलों के साथ समन्वय बनाकर आगे बढ़ेगी—Rajasthan Startup Policy 2022, Rajasthan Investment Promotion Scheme 2024 (RIPS 2024), Rajasthan MSME Policy 2024, Rajasthan Data Centre Policy 2025. इन नीतियों के तहत दिए जा रहे प्रोत्साहनों को “टॉप-अप” कर एआई-आधारित स्टार्टअप्स, MSMEs और बड़े उद्योगों को अतिरिक्त समर्थन मिलेगा। रिसर्च एंड डेवलपमेंट यूनिट्स को भी विशेष प्रोत्साहन देने की बात कही गई है।

उद्योग और स्टार्टअप के लिए अवसर

नीति का उद्देश्य बड़े उद्योगों के साथ-साथ MSME और स्टार्टअप इकोसिस्टम को एआई नवाचार की दिशा में गति देना है। निवेश आकर्षण, इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट और स्किल डेवलपमेंट के जरिए राजस्थान को एआई हब के रूप में स्थापित करने की रणनीति बनाई गई है।

नैतिकता और सुरक्षा पर जोर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि एआई का विस्तार “Responsible Framework” के तहत होगा—डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और एल्गोरिदमिक पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे नागरिकों का भरोसा कायम रखते हुए तकनीकी उन्नति सुनिश्चित होगी।

तकनीकी दस्तावेज ही नहीं बल्कि डिजिटल गवर्नेंस की नई दिशा

Rajasthan AI/ML Policy 2026 केवल एक तकनीकी दस्तावेज नहीं, बल्कि डिजिटल गवर्नेंस की नई दिशा है। प्रशासनिक दक्षता, आर्थिक विकास और युवा प्रतिभा सशक्तिकरण को साथ लेकर चलने वाली यह पहल राजस्थान को राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक एआई मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने की क्षमता रखती है। राज्य अब पारंपरिक शासन मॉडल से आगे बढ़कर “स्मार्ट, डेटा-ड्रिवन और भविष्य उन्मुख” प्रशासन की ओर निर्णायक कदम बढ़ा चुका है।

एआई बिजली की तरह- इसके फायदे के लिए कुछ शर्तें जरूरी : डॉ. अजय डाटा

डॉ. अजय डाटा ने कहा कि एआई बिजली की तरह है। जब बिजली आई तो उसका फायदा तब मिला जब टीवी आया, कंप्यूटर आया, वॉशिंग मशीन आई, फ्रीज आया। जब ये एप्लीकेशन आई तो बिजली का फायदा मिलने लगा। अकेली बिजली कुछ नहीं कर सकती। उसी तरह एआई तभी फायदा देगी जब उसका बिजली की तरह अलग-अलग फील्ड में उसका उपयोग किया जाए। जिस तरह बिजली का उपयोग हमने विभिन्न रूपों में किया, उसी तरह एआई का उपयोग भी हमें विभिन्न रूपों में करना होगा।

विभिन्न पॉलिसी और योजनाओं की जानकारी दी, एआई के बारे में विस्तार से बताया

इस सत्र में विभिन्न पॉलिसी की जानकारी दी गई। साथ ही एआई के बारे में विस्तार से बताया गया। वक्ताओं ने प्रॉम्ट लिखने की विधि बताई। अच्छे प्रॉम्ट में क्या-क्या बातें जरूरी है? उसके बारे में विस्तार से बताया गया। डॉ. अजय डाटा ने अपनी बुक के बारे में भी बताया जो प्रॉम्ट को लेकर है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor