इस बार होलिका को विशेष रूप से गोबर के कंडों से तैयार किया गया है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए समिति ने लकड़ी के बजाय गोबर के कंडों का उपयोग किया है, जिससे धुआं कम होगा और वातावरण पर भी कम दुष्प्रभाव पड़ेगा। समिति के सदस्यों का कहना है कि होली जैसे पारंपरिक पर्व को मनाते समय प्रकृति की सुरक्षा का भी ध्यान रखना जरूरी है।
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
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मधुबन महादेव युवा विकास समिति की ओर से होली पर्व के उपलक्ष्य में बाबा रामदेव चौक पर सोमवार रात 8 बजे विधिवत होलिका दहन का आयोजन किया जाएगा। समिति की ओर से कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं और क्षेत्र में उत्साह का वातावरण बना हुआ है।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि होलिका दहन को लेकर कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं। सोमवार अल सुबह से ही समिति के शंकरलाल शर्मा, योगेन्द्र कुमार शर्मा, नारायणलाल शर्मा, संतोष मेवाड़ा सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने बाबा रामदेव चौक पहुंचकर व्यवस्थाएं संभाल लीं। चौक की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, रोशनी और सजावट का विशेष ध्यान रखा गया है ताकि आयोजन गरिमामय और सुरक्षित तरीके से सम्पन्न हो सके।
इस बार होलिका को विशेष रूप से गोबर के कंडों से तैयार किया गया है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए समिति ने लकड़ी के बजाय गोबर के कंडों का उपयोग किया है, जिससे धुआं कम होगा और वातावरण पर भी कम दुष्प्रभाव पड़ेगा। समिति के सदस्यों का कहना है कि होली जैसे पारंपरिक पर्व को मनाते समय प्रकृति की सुरक्षा का भी ध्यान रखना जरूरी है।
सोमवार रात ठीक 8 बजे शुभ मुहूर्त में पंडितों के सान्निध्य में विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी। पूजा के दौरान क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और भाईचारे की कामना की जाएगी। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होलिका दहन किया जाएगा। महिलाएं पारंपरिक परिधानों में पूजा की थाली सजाकर आएंगी और होलिका की परिक्रमा कर परिवार की खुशहाली की कामना करेंगी। बच्चे भी इस आयोजन को लेकर खासे उत्साहित हैं और पूरे क्षेत्र में होली गीतों की धुन सुनाई दे रही है।
होलिका दहन का धार्मिक और सामाजिक महत्व भी है। मान्यता है कि भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति और सत्य की विजय के प्रतीक के रूप में होलिका दहन किया जाता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। समाज में फैली नकारात्मकता, द्वेष और ईर्ष्या जैसी बुराइयों को जलाकर नई सकारात्मक ऊर्जा के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
मधुबन क्षेत्र के निवासियों में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह है। समिति के सदस्यों ने घर-घर जाकर लोगों को आमंत्रित किया है। क्षेत्र के बुजुर्गों का कहना है कि वर्षों से बाबा रामदेव चौक पर सामूहिक रूप से होलिका दहन की परंपरा चली आ रही है, जो सामाजिक एकता का प्रतीक बन चुकी है।
समिति ने आयोजन के दौरान सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। बच्चों को होलिका से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगाई गई है। होलिका दहन के अगले दिन धुलंडी पर रंगोत्सव मनाया जाएगा। समिति की ओर से सभी से अपील की गई है कि होली प्रेम और सौहार्द के साथ मनाएं तथा किसी प्रकार के रासायनिक रंगों से परहेज करें। प्राकृतिक रंगों का उपयोग कर स्वस्थ और सुरक्षित होली मनाने का संदेश दिया गया है।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि होलिका दहन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सामाजिक समरसता का उत्सव है। इस अवसर पर विभिन्न समाजों और वर्गों के लोग एकत्र होकर आपसी मतभेद भुलाकर एकता का संदेश देते हैं। मधुबन महादेव युवा विकास समिति की ओर से आयोजित यह होलिका दहन कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकजुटता, पर्यावरण जागरूकता और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का भी उदाहरण प्रस्तुत करेगा। सोमवार रात बाबा रामदेव चौक पर जब अग्नि की लपटें उठेंगी, तब पूरा क्षेत्र भक्ति, उल्लास और आस्था के रंग में सराबोर नजर आएगा।
Author: Dilip Purohit
Group Editor








