संबोधि धाम में तैयारियां शुरू, पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर होगा पंजीयन
इस विशेष शिविर में राष्ट्रसंत श्री चंद्रप्रभ जी, राष्ट्रसंत श्री ललितप्रभ जी तथा डॉ. मुनि श्री शांतिप्रिय जी का प्रत्यक्ष मार्गदर्शन एवं सान्निध्य प्राप्त होगा। इन संतों के सान्निध्य में साधना, ध्यान और आत्मजागरण की अनुभूति प्रतिभागियों के लिए विशेष प्रेरणादायी मानी जा रही है।
जीवन को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास
आयोजकों के अनुसार यह शिविर केवल ध्यान अभ्यास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जीवन की समग्र कला सिखाने का एक व्यापक मंच होगा। वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, अवसाद, असंतुलित जीवनशैली और पारिवारिक दवाबों के बीच ध्यान और योग की महत्ता और भी बढ़ गई है। इसी उद्देश्य से यह शिविर आयोजित किया जा रहा है, ताकि लोग अपने भीतर छिपी ऊर्जा को पहचान सकें और जीवन को नए दृष्टिकोण से देख सकें।
शिविर से संभावित लाभ
मेडिटेशन कैंप के माध्यम से प्रतिभागियों को अनेक शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होने की संभावना है। प्रमुख लाभ इस प्रकार बताए गए हैं—
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स्वास्थ्य और स्मरण शक्ति में सुधार – नियमित ध्यान और योगाभ्यास से शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है तथा मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ती है।
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चंचलता और तनाव में कमी – मानसिक अशांति, चिंता और तनाव में कमी आती है, जिससे जीवन अधिक संतुलित बनता है।
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ऊर्जा का जागरण – शरीर और मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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आत्मविश्वास और अंतर आनंद में बढ़ोतरी – आत्मबल मजबूत होता है और भीतर से प्रसन्नता का अनुभव होता है।
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जीने की कला सीखने का सुंदर अवसर – जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है और व्यवहारिक आध्यात्मिकता की समझ मिलती है।
विविध आध्यात्मिक गतिविधियां
शिविर के दौरान प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक विभिन्न सत्रों का आयोजन किया जाएगा। इनमें योग, ध्यान, प्रवचन, सत्संग, भक्ति, स्वाध्याय, जिज्ञासा समाधान, नृत्य योग और कर्म योग जैसी विविध गतिविधियां शामिल होंगी। प्रतिभागियों को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान मिलेगा, बल्कि व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से अनुभवात्मक सीख भी प्राप्त होगी।
विशेष रूप से जिज्ञासा समाधान सत्र में प्रतिभागी अपने जीवन से जुड़े प्रश्न संतों के समक्ष रख सकेंगे, जिनका समाधान आध्यात्मिक दृष्टि से किया जाएगा। नृत्य योग और कर्म योग जैसे सत्र जीवन में आनंद और संतुलन का नया आयाम जोड़ेंगे।
अनुशासन और नियम
आयोजकों ने शिविर के सफल संचालन के लिए कुछ आवश्यक नियम निर्धारित किए हैं—
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प्रतिभागियों को 4 मई की शाम तक शिविर स्थल पर पहुंचना अनिवार्य होगा।
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शिविर का समापन 10 मई को दोपहर 1 बजे होगा।
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आने और जाने की रिजर्वेशन टिकट की जानकारी भेजना आवश्यक है।
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शिविर के दौरान श्वेत रंग के ढीले और सादगीपूर्ण वस्त्र धारण करना अनिवार्य रहेगा।
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आवास, नाश्ता तथा दोनों समय के भोजन की उत्तम व्यवस्था शिविर स्थल पर ही की जाएगी।
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15 से 75 वर्ष तक के स्वस्थ महिला-पुरुष इस शिविर में भाग ले सकते हैं।
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सीटें सीमित हैं, इसलिए शीघ्र पंजीकरण करवाने की अपील की गई है।
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इच्छुक प्रतिभागी अपना नाम, उम्र और निवास स्थान की जानकारी व्हाट्सएप के माध्यम से भेज सकते हैं।
पंजीकरण और संपर्क
शिविर में भाग लेने के इच्छुक साधक अधिक जानकारी और नामांकन हेतु 94148 05333 तथा 7020425609 पर संपर्क कर सकते हैं। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि सीमित सीटों के कारण पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर पंजीकरण किया जाएगा।
समाज में सकारात्मक परिवर्तन की पहल
संबोधि धाम द्वारा आयोजित यह मेडिटेशन कैंप केवल व्यक्तिगत साधना तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का भी माध्यम बन सकता है। जब व्यक्ति स्वयं स्वस्थ, शांत और संतुलित होता है, तो उसका प्रभाव परिवार और समाज पर भी पड़ता है। आज की प्रतिस्पर्धात्मक जीवनशैली में जहां लोग मानसिक थकान और असंतोष से जूझ रहे हैं, ऐसे में यह शिविर आत्मिक पुनर्निर्माण का अवसर प्रदान करता है।
संतों के सान्निध्य से शिविर बनेगा विशिष्ट उपयोगी
कायलाना रोड स्थित संबोधि धाम में आयोजित होने जा रहा यह छह दिवसीय मेडिटेशन कैंप उन सभी के लिए एक आमंत्रण है, जो अपने जीवन को बेहतर दिशा देना चाहते हैं। संतों का सान्निध्य, अनुशासित दिनचर्या, योग-ध्यान के सत्र और आध्यात्मिक वातावरण मिलकर इसे एक अनूठा अनुभव बना सकते हैं। आयोजकों ने शहर एवं प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और स्वस्थ, सुंदर तथा श्रेष्ठ जीवन की ओर एक सशक्त कदम बढ़ाएं। सीमित सीटों को देखते हुए समय रहते पंजीकरण करवाना आवश्यक बताया गया है।
Author: Dilip Purohit
Group Editor








