Explore

Search

Thursday, July 9, 2026, 8:15 am

Thursday, July 9, 2026, 8:15 am

LATEST NEWS

The specified slider does not exist.

Lifestyle

साहित्यकारों को सम्मानित करने की परंपरा प्राचीन काल से है : श्याम महर्षि

श्याम जांगिड़ को चुन्नीलाल सोमानी कथा पुरस्कार प्रदान किया गया

दिलीप कुमार पुरोहित. श्रीडूंगरगढ़

प्रसिद्ध कथाकार श्याम जांगिड़ को संस्कृति भवन के प्रांगण में चुन्नीलाल सोमानी राजस्थानी कथा पुरस्कार प्रदान किया गया। पुरस्कार के अन्तर्गत उन्हें शॉल- श्रीफल तथा इकतीस हजार रुपये की राशि प्रदान की गई।

समारोह को सम्बोधित करते हुए राजस्थानी भा. सा.एवं संस्कृति अकादमी के पूर्व अध्यक्ष श्याम महर्षि ने कहा कि समाज द्वारा साहित्यकारों को सम्मानित करने की परम्परा भारत में पूर्व काल से रही है। सरकारी संस्थाओं की बजाय समाज द्वारा दिए जाने वाले पुरस्कार अधिक विश्वसनीय रहे हैं। उन्होंने श्याम जांगिड़ के लेखन को यथार्थ से ओतप्रोत बताया।

समारोह के मुख्य अतिथि डाॅ. हरिमोहन सारस्वत ने कहा कि राजस्थानी का लेखक सेवा भावना से प्रेरित होकर लेखन करता है। उसे उससे अर्थ की प्राप्ति नहीं होती। राजस्थानी भाषा की चिंता सरकार से पहले यहां के वासिन्दों को करनी होगी। अन्यथा उनकी वह पहचान जो हजारों वर्षों से निर्मित हुई है, नष्ट हो जाएगी। उन्होंने इस बात पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि हरेक प्रांत के मुख्यमंत्री अपनी भाषा में उद्‌बोधन देते हैं, जबकि राजस्थान के मुख्यमंत्री अपनी भाषा से परहेज करते हैं, यह सोच भाषा को आगे बढ़ने से रोकती है। उन्होंने कहा कि सामान्य जन को बेझिझक सरकारी दफ्तरों में राजस्थानी बोलनी चाहिए, अधिकारियों को भाषा नहीं आती तो अपने आप सीखेंगे।

विशिष्ट अतिथि डॉ. मदन सैनी ने कहा कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है। युगानुरूप भाषाएं अपना स्वरूप बदलती हैं, पर अपनी भाषा की उपेक्षा कभी नहीं करनी चाहिए। स्वागताध्यक्ष तथा पुरस्कार प्रवर्तक उद्योगपति लक्ष्मीनारायण सोमानी ने कहा कि हम राजस्थानी कहीं भी चले जाएं, हमारे घरों में हमें अपने व्यवहार की भाषा राजस्थानी रखनी चाहिए। उन्होंने इस बात की प्रशंसा की कि कठिन परिस्थितियों में भी राजस्थानी के लेखक तथा आंदोलनकारी भाषा की मान्यता के लिए प्रयासरत हैं। विशिष्ट अतिथि युवा साहित्यकार रवि पुरोहित ने कहा कि राजस्थानी कहानी में श्याम जांगिड़ एक प्रतिष्ठित नाम हैं, उनकी कहानियों को अनेक विशिष्टताओं के साथ याद रखा जाता है। पुरस्कृत लेखक श्याम जांगिड़ ने कहा कि राजस्थानी लेखन कर उन्हें ऋण मुक्ति का अहसास होता है।
समारोह समिति के अध्यक्ष ताराचंद इंदौरिया ने आभार व्यक्त किया तथा चुन्नीलाल सोमानी कथा पुस्कार की राशि इकतालीस हजार रुपये करने की घोषणा की। प्रारम्भ ने समिति के संयोजक डॉ. चेतन स्वामी ने समारोह की पूरी रूप रेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम का सुंदर संयोजन भगवती पारीक मनु ने किया। समारोह में राजू बिजारणिया, रामचन्द्र राठी, बाबूलाल लखोटिया, सत्यनारायन योगी, राजेन्द्र स्वामी, शूरवीर मोदी, मनोज डागा, लक्ष्मी कांत वर्मा, तुलसीराम चौरड़िया, गोपाल राठी, सरोज शर्मा, लक्ष्मी देवी सोमानी, प्रेम कुंडलिया, श्रीभगवान सैनी ने भाग लिया। इस अवसर पर पत्रकार, तोलाराम मारू, शुभकरण परीक, नारायण सारस्वत, राजेश शर्मा, अशोक पारीक का सम्मान किया गया।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor