कार्यक्रम के दौरान राजस्थानी साहित्य से जुड़ी महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण भी किया जाएगा। इनमें “डॉ. नारायणसिंह भाटी : जीवन अर सृजन” (लेखक – गजे सिंह राजपुरोहित) तथा “छंदां री छटा” (लेखक – दिलीप राव श्रीमाली ‘दलपत’) शामिल हैं।
समारोह में डॉ. प्रकाशदान चारण, डॉ. रेवंतदान भींयाड़, डॉ. रणजीत सिंह चौहान, श्रीमती निर्मला राठौड़, डॉ. कंवर सिंह राव, डॉ. स्वरूप सिंह भाटी, डॉ. अनूप पुरोहित, भागीरथ वैष्णव और विष्णुशंकर मायड़ भाषा सेवा सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
राजस्थानी भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से 16 मार्च को जोधपुर में “मायड़ भाषा उत्सव” का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के अंतर्गत संचालित महाराजा मानसिंह पुस्तक प्रकाश शोध केन्द्र के राजस्थानी विभाग तथा बाबा रामदेव शोठपीठ जयनारायण व्यास विवि के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
यह समारोह जोधपुर के होटल चंद्रा इंपीरियल में सोमवार, 16 मार्च 2026 को सुबह 11:30 बजे से प्रारंभ होगा। कार्यक्रम में राजस्थानी भाषा के विद्वानों, साहित्यकारों और संस्कृति प्रेमियों की उपस्थिति रहेगी। समारोह की अध्यक्षता मारवाड़-जोधपुर की महारानी साहिबा हेमलता राज्ये करेंगी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पवन कुमार शर्मा कुलपति जयनारायण व्यास विवि उपस्थित रहेंगे। वहीं मुख्य वक्ता के रूप में राजस्थानी भाषा परामर्श मंडल, साहित्य अकादमी के संयोजक अर्जुन देव चारण अपने विचार व्यक्त करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान राजस्थानी साहित्य से जुड़ी महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण भी किया जाएगा। इनमें “डॉ. नारायणसिंह भाटी : जीवन अर सृजन” (लेखक – गजे सिंह राजपुरोहित) तथा “छंदां री छटा” (लेखक – दिलीप राव श्रीमाली ‘दलपत’) शामिल हैं।
गौतमराज नवल काकू को सम्मानित करने के निर्णय पर पर लगा बधाइयों का तांता
समारोह में वर्ष 2026 का हाजी जफर खान सिंधी पुरस्कार ऑल इंडिया रेडियाे के वरिष्ठ उद्घोषक एवं साहित्यप्रेमी गौतमराज नवल ‘काकू’ को प्रदान किया जाएगा। काकू को सम्मानित करने की घोषणा करने पर उनके मित्रों, शुभचिंतकों व रिश्तेदारों की ओर से बधाइयां दी जा रही हैं। इसके साथ ही राजस्थानी भाषा के क्षेत्र में योगदान देने वाले कई विद्वानों को “मायड़ भाषा सेवा सम्मान” से सम्मानित किया जाएगा। सम्मानित होने वाले प्रमुख साहित्यकारों में डॉ. प्रकाशदान चारण, डॉ. रेवंतदान भींयाड़, डॉ. रणजीत सिंह चौहान, श्रीमती निर्मला राठौड़, डॉ. कंवर सिंह राव, डॉ. स्वरूप सिंह भाटी, डॉ. अनूप पुरोहित, भागीरथ वैष्णव और विष्णुशंकर प्रमुख हैं। आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य राजस्थानी भाषा की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा भाषा के लिए कार्य कर रहे साहित्यकारों और विद्वानों का सम्मान करना है। कार्यक्रम के संयोजन में महाराजा मानसिंह पुष्तक प्रकाशन मेहरानगढ़ के सहायक निदेशक डॉ. महेंद्रसिंह तंवर तथा राजस्थानी विभाग के अध्यक्ष एवं बाबा रामदेव शोधपीठ के निदेशक गजेसिंह राजपुरोहित की महत्वपूर्ण भूमिका है। आयोजकों ने राजस्थानी भाषा प्रेमियों, साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों से समारोह में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने की अपील की है।








