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Sunday, August 23, 2026, 9:55 am

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रेल और वायुमार्ग से तीर्थयात्रियों के लिए बड़ी घोषणा, आयुक्त देवस्थान विभाग ने जारी की तीर्थ स्थलों की सूची

राखी पुरोहित. जोधपुर 

राजस्थान सरकार के आयुक्त, देवस्थान विभाग ने तीर्थ यात्राओं को लेकर एक महत्वपूर्ण सूची जारी की है, जिसमें बताया गया है कि किस रूट पर कितने तीर्थयात्रियों को रेल एवं वायुमार्ग से भेजा जाएगा। यह निर्णय यात्रियों की संख्या और तर्कसंगत अनुपात के आधार पर लिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि तीर्थ स्थलों की संख्या और रूट में जरूरत पड़ने पर परिवर्तन भी किया जा सकता है।

रेल मार्ग द्वारा तीर्थ यात्रा के लिए चयनित रूट इस प्रकार हैं:

  1. हरिद्वार–ऋषिकेश–अयोध्या–वाराणसी–सारनाथ
  2. सम्मेदशिखर–पावापुरी–वाराणसी–सारनाथ
  3. मथुरा–वृंदावन–बरसाना–आगरा–अयोध्या
  4. द्वारकापुरी–नागेश्वर–सोमनाथ
  5. तिरुपति–पद्मावती
  6. कामाख्या–गुवाहाटी
  7. गंगासागर–कोलकाता
  8. जगन्नाथपुरी–कोणार्क
  9. रामेश्वरम–मदुरई
  10. बैजनाथधाम–अनुत्सर–बाघा बॉर्डर
  11. गोवा के मंदिर एवं अन्य चर्च स्थल
  12. महाकालेश्वर, उज्जैन–ओंकारेश्वर–त्र्यंबकेश्वर–घृष्णेश्वर–एलोरा
  13. बिहार–शरीफ
  14. पटना साहिब, पटना, बिहार
  15. श्री हज़ूर साहिब, नांदेड़, महाराष्ट्र

वायुमार्ग (हवाई जहाज) द्वारा तीर्थ यात्रा:

विभाग ने यह भी घोषणा की है कि वायुमार्ग से तीर्थ यात्रा के लिए चयनित स्थलों की सूची बाद में जारी की जाएगी। यात्रियों को सूचित किया गया है कि इस संबंध में नवीनतम जानकारी देवस्थान विभाग की आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से समय पर प्रदान की जाएगी।


तीर्थस्थल घटाये बढ़ाये जा सकते हैं:

देवस्थान विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि उपरोक्त सूची में बताए गए तीर्थ स्थलों को परिस्थिति के अनुसार बढ़ाया या घटाया भी जा सकता है। साथ ही, तीर्थ यात्रियों की मांग और अन्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रूट्स में आवश्यक परिवर्तन किए जा सकते हैं।


यात्रियों के लिए क्या है सुविधा?

इस योजना के तहत कुल 50,000 तीर्थयात्रियों को रेलमार्ग से तथा 6,000 यात्रियों को हवाई मार्ग से तीर्थ यात्रा पर भेजने की व्यवस्था की जाएगी। यह एक बड़ा और महत्वाकांक्षी कदम है जो धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज के वरिष्ठ नागरिकों और धार्मिक रूप से प्रेरित व्यक्तियों को जीवन में एक आध्यात्मिक अवसर प्रदान करेगा।


10 अगस्त तक आवेदन करें:

यह योजना राज्य सरकार की जनकल्याणकारी सोच का प्रतीक है। तीर्थ स्थलों की विस्तृत और सुव्यवस्थित योजना इस बात का प्रमाण है कि सरकार आध्यात्मिक यात्रा को न केवल प्रोत्साहित कर रही है, बल्कि उसे संगठित और सुलभ भी बना रही है। तीर्थ यात्रा करने के इच्छुक आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे देवस्थान विभाग की आगामी अधिसूचनाओं पर ध्यान रखें और समय पर आवेदन करें।

राजस्थान सरकार ने वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य के 60 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले नागरिक इस योजना में भाग ले सकते हैं। उनके साथ एक सहायक भी जा सकता है, जिसकी उम्र 60 वर्ष से कम हो। इच्छुक आवेदकों को चिकित्सा प्रमाण पत्र, जन आधार कार्ड, आधार कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो जमा करने होंगे। योजना के अंतर्गत सरकार रेल व हवाई यात्रा के माध्यम से हरिद्वार, वाराणसी, द्वारका, रामेश्वरम्, वैष्णो देवी सहित प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा करवाएगी। आवेदन की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2025 है।

(अधिक जानकारी के लिए देवस्थान विभाग की समय समय पर जारी सूचना पर नजर रखें)

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor