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Sunday, August 23, 2026, 2:54 am

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सावन मेले में दिखा महिला उद्यमिता का जलवा, 30 से अधिक स्टॉलों पर खरीदारी का उत्साह

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छह साल बाद फिर लौटा महिला उद्यमिता समिति का सावन मेला; माहेश्वरी समाज की बहनों ने सजाईं आकर्षक स्टॉलें, हाऊजी से लेकर मिस-मिसेज सावन और बच्चों के गेम्स तक होंगे आयोजन

दिलीप कुमार पुरोहित. पंकज जांगिड़. जोधपुर 

श्री माहेश्वरी समाज समिति पश्चिमी क्षेत्र जोधपुर की ओर से शनिवार को कमला नेहरू नगर स्थित माहेश्वरी भवन में दो दिवसीय महिला उद्यमिता समिति-2026 के तहत सावन मेले का शुभारंभ हुआ। लंबे अंतराल के बाद आयोजित इस मेले को लेकर माहेश्वरी समाज की महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मेले में 30 से अधिक स्टॉलें लगाई गई हैं, जिनमें महिला उद्यमियों ने अपने हुनर, रचनात्मकता और व्यापारिक क्षमता को उत्पादों के रूप में प्रदर्शित किया। पाली और सोजत से भी महिला उद्यमी अपनी स्टॉल लगाने पहुंचीं।

सावन की उमंग, खरीदारी का उत्साह और महिला उद्यमिता का संदेश—तीनों का सुंदर संगम माहेश्वरी भवन में देखने को मिला। मेले में साड़ी, सलवार सूट, मनिहारी, ज्वैलरी, बेकरी आइटम, होममेड उत्पाद, हैंडलूम, राखियां, बेडशीट, टैरिफ कार्ड सहित विभिन्न प्रकार के उत्पादों की स्टॉलें सजाई गईं। पहले ही दिन बड़ी संख्या में समाज की महिलाओं और परिवारों ने मेले में पहुंचकर खरीदारी की और महिला उद्यमियों का उत्साह बढ़ाया।

महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना ही मेले का उद्देश्य

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. फूलकौर मूंदड़ा ने मेले में स्टॉल लगाने वाली सभी बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महिला उद्यमिता को आगे बढ़ाने के लिए समाज के हर व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मेले में लगी स्टॉलों से अधिक से अधिक खरीदारी करें, ताकि महिला उद्यमियों को आर्थिक रूप से संबल मिल सके और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिले।

उन्होंने कहा कि जब किसी महिला के हुनर को बाजार मिलता है तो उसके आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई मिलती है। महिला अपने उत्पाद को स्वयं तैयार करती है, उसे बाजार में प्रस्तुत करती है और ग्राहक से सीधे जुड़ती है। इस पूरी प्रक्रिया से उसमें निर्णय लेने की क्षमता और आत्मनिर्भरता दोनों मजबूत होती हैं।

डॉ. फूलकौर मूंदड़ा ने कहा कि सावन मेले में शामिल होने वाली बहनों का उत्साह देखकर यह महसूस होता है कि महिलाएं अब केवल घर की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे व्यापार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रही हैं।

उत्साह | खरीदारी से मिलेगा महिला उद्यमियों को संबल

मेले में आने वाले लोगों से महिला उद्यमियों की स्टॉलों से खरीदारी करने की अपील की गई। आयोजकों का मानना है कि स्थानीय महिला उद्यमियों से खरीदारी केवल एक उत्पाद खरीदना नहीं, बल्कि उनके हुनर, मेहनत और आत्मनिर्भरता को समर्थन देना है।

माहेश्वरी समाज की बहनों ने फिर दिखाई उद्यमिता की ताकत

कार्यक्रम की सम्मानित अतिथि ममता बाहेती ने कहा कि माहेश्वरी समाज की बहन-बेटियों ने उद्यमिता को हमेशा नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि समाज की महिलाएं अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर अलग-अलग क्षेत्रों में पहचान बना रही हैं।

उन्होंने कहा कि सावन मेले में करीब 30 स्टॉलों में महिलाओं की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि समाज की महिलाएं व्यापार और उद्यमिता के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने मेले में शामिल सभी महिला उद्यमियों को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

ममता बाहेती ने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ एक-दूसरे से सीखने का अवसर भी देते हैं। एक महिला अपने अनुभव से दूसरी महिला को प्रेरित कर सकती है। इस तरह महिला उद्यमिता का एक ऐसा नेटवर्क तैयार होता है, जिसमें सहयोग, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन तीनों शामिल होते हैं।

छह साल बाद फिर शुरू हुआ महिला उद्यमिता का सिलसिला

समिति के सचिव पुखराज जाजू ने बताया कि महिला उद्यमिता के क्षेत्र में यह मेला छह साल बाद आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लंबे अंतराल के बाद आयोजित इस आयोजन को लेकर समाज की महिलाओं में जिस प्रकार का उत्साह दिखाई दे रहा है, वह बेहद सकारात्मक है।

उन्होंने कहा कि समाज की बेटियां तेजस्वी हैं और अपनी प्रतिभा, मेहनत तथा विजन के बल पर व्यापार के क्षेत्र में भी नाम कमा रही हैं। उनका प्रयास रहेगा कि महिला सशक्तिकरण और महिला उद्यमिता का यह सिलसिला भविष्य में लगातार चलता रहे।

पुखराज जाजू ने भगवान महेश से मेले की सफलता की कामना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से महिलाओं को अपनी प्रतिभा को व्यावसायिक रूप देने का अवसर मिलता है। कई बार महिलाओं के पास हुनर तो होता है, लेकिन बाजार तक पहुंच नहीं होती। ऐसे मेले उनके लिए बाजार और ग्राहक से जुड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकते हैं।

वापसी | छह साल बाद महिला उद्यमिता को मंच

महिला उद्यमिता समिति-2026 का सावन मेला छह साल के अंतराल के बाद आयोजित हुआ। आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने, ग्राहकों से सीधे जुड़ने और व्यापारिक पहचान बनाने का अवसर उपलब्ध कराना है।

संयोजिका ने कहा—मेला सफल हो, यही कामना

मेले की संयोजिका मधु मूंदड़ा ने सभी महिला उद्यमियों और आयोजन से जुड़े सहयोगियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सावन मेला सफल हो और सभी बहनों को इससे लाभ मिले, यही उनकी कामना है। उन्होंने कहा कि किसी भी आयोजन की सफलता केवल भीड़ से नहीं, बल्कि उसमें शामिल लोगों की खुशी और सहभागिता से तय होती है। महिलाओं ने जिस उत्साह के साथ स्टॉलें लगाई हैं, वह मेले की सबसे बड़ी उपलब्धि है। सह संयोजिका अनीता कालाणी ने भी सभी बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महिलाओं की सक्रिय सहभागिता से मेले को नई ऊर्जा मिली है।

अध्यक्ष बोले—आय के साथ बढ़ेगा महिलाओं का मनोबल

समिति के अध्यक्ष श्याम सुंदर धूत ने कहा कि सावन मेला दो दिन तक सफलतापूर्वक चलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि मेले में भाग लेने वाली बहनों को आर्थिक आय के साथ-साथ अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए नया आत्मविश्वास भी मिलेगा।

उन्होंने कहा कि महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना केवल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण तक सीमित नहीं है। जब महिला आर्थिक रूप से मजबूत होती है तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है और परिवार तथा समाज में निर्णय लेने की उसकी भूमिका भी मजबूत होती है।

उन्होंने सभी स्टॉल संचालिकाओं को शुभकामनाएं देते हुए मेले की सफलता की कामना की।

कोषाध्यक्ष ने कहा—माहेश्वरी समाज की बेटियां किसी से कम नहीं

समिति के कोषाध्यक्ष श्रवण सोमानी ने कहा कि माहेश्वरी समाज की बेटियां किसी से कम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की प्रतिभा और मेहनत को उचित मंच मिलने पर वे व्यापार के क्षेत्र में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं। उन्होंने सावन मेले में शामिल सभी बहनों को शुभकामनाएं दीं और मेले की सफलता की कामना की। उनके अनुसार, ऐसे आयोजन समाज में महिलाओं के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करते हैं। एक महिला को जब अपने ही समाज से प्रोत्साहन मिलता है तो वह अपने काम को और बड़े स्तर पर ले जाने का साहस करती है।

उपाध्यक्ष ने कहा—दो दिन चलेगी सावन की धमचक

समिति के उपाध्यक्ष राजेन्द्र मंत्री ने कहा कि सावन मेला केवल खरीदारी का आयोजन नहीं, बल्कि समाज की महिलाओं के लिए मिल-बैठने, मनोरंजन करने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी है। उन्होंने सभी बहनों से मेले का भरपूर आनंद लेने की अपील करते हुए कहा कि दो दिन तक सावन की यह धमचक इसी तरह चलती रहनी चाहिए। सह सचिव प्रेम मालपानी ने भी मेले की सफलता की कामना करते हुए आयोजन से जुड़ी सभी बहनों को शुभकामनाएं दीं।

सुनीता जैसलमेरिया बोलीं—बहनों ने उत्साह से निभाई सहभागिता

कार्यक्रम की सक्रिय सहयोगी सुनीता जैसलमेरिया ने बताया कि सावन मेला दो दिन चलेगा और शनिवार को इसका उत्साहपूर्ण आगाज हुआ। उन्होंने कहा कि माहेश्वरी समाज की बहनों के लिए विशेष रूप से स्टॉलें लगाई गई हैं और जिस उत्साह के साथ महिलाओं ने इसमें सहभागिता निभाई है, वह उल्लेखनीय है।

उन्होंने बताया कि मेले में खरीदारी के साथ-साथ अनेक रोमांचक और मनोरंजक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। इनमें हाऊजी, प्रश्नोत्तरी, मिस सावन, मिसेज सावन जैसी प्रतियोगिताएं शामिल हैं। बच्चों के लिए भी आकर्षक गेम्स रखे गए हैं। इससे मेले का स्वरूप केवल व्यापारिक प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि परिवार के सभी सदस्यों के लिए मनोरंजन और सहभागिता का अवसर उपलब्ध होगा।

धमाल | मेले में मनोरंजन का भी तड़का

सावन मेले में महिलाओं और बच्चों के लिए विभिन्न मनोरंजक गतिविधियां होंगी।

  • हाऊजी
  • प्रश्नोत्तरी
  • मिस सावन प्रतियोगिता
  • मिसेज सावन प्रतियोगिता
  • बच्चों के लिए आकर्षक गेम्स

खरीदारी के साथ मनोरंजन और प्रतियोगिताओं के कारण मेले को पारिवारिक आयोजन का स्वरूप दिया गया है।

30 से अधिक स्टॉलों में दिखा खरीदारी का जलवा

सावन मेले का सबसे बड़ा आकर्षण यहां लगी 30 से अधिक स्टॉलें रहीं। इन स्टॉलों पर महिलाओं ने अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार अलग-अलग उत्पाद उपलब्ध करवाए। खास बात यह रही कि कुछ महिला उद्यमी पाली और सोजत से भी अपने उत्पाद लेकर पहुंचीं।

स्टॉलों पर महिलाओं के पारंपरिक परिधानों से लेकर आधुनिक फैशन और घरेलू उपयोग की वस्तुओं तक कई प्रकार के उत्पाद उपलब्ध रहे। मेले में आने वाले ग्राहकों को एक ही स्थान पर कई तरह के विकल्प मिले।

साड़ियों और सलवार सूट की स्टॉलों पर आकर्षण

मेले में साड़ियों और सलवार सूट की स्टॉलों ने महिलाओं को खास तौर पर आकर्षित किया। विभिन्न डिजाइन, रंग और पैटर्न के परिधान खरीदारी के लिए उपलब्ध रहे। सावन के मौसम और आने वाले त्योहारों को देखते हुए इन स्टॉलों पर ग्राहकों की रुचि दिखाई दी।

महिला उद्यमियों के लिए ऐसे आयोजन विशेष महत्व रखते हैं क्योंकि उन्हें अपने उत्पाद सीधे संभावित ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। ग्राहक भी उत्पाद को सामने देखकर उसकी गुणवत्ता और डिजाइन को समझ सकते हैं।

ज्वैलरी और मनिहारी के उत्पादों ने खींचा ध्यान

मेले में ज्वैलरी और मनिहारी की स्टॉलें भी आकर्षण का केंद्र रहीं। महिलाओं ने विभिन्न प्रकार की ज्वैलरी और सजावटी सामग्री को प्रदर्शित किया। ऐसी स्टॉलों की खासियत यह रही कि यहां महिलाओं को रोजमर्रा के उपयोग और विशेष अवसरों के लिए कई तरह के विकल्प एक साथ देखने को मिले।

बेकरी और होममेड उत्पाद भी उपलब्ध

महिला उद्यमिता की खूबसूरती यह रही कि इसमें केवल फैशन या सजावटी सामान ही शामिल नहीं थे। बेकरी आइटम और होममेड उत्पादों की स्टॉलें भी लगाई गईं। घर से अपने हुनर को कारोबार में बदलने वाली महिलाओं के लिए यह मेला विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा। घर में तैयार होने वाले उत्पादों को ग्राहकों के बीच प्रस्तुत करने से उन्हें बाजार की प्रतिक्रिया जानने का अवसर मिला।

हैंडलूम से राखियों तक कई विकल्प

मेले में हैंडलूम उत्पादों और राखियों की स्टॉलें भी सजाई गईं। इसके अलावा बेडशीट, टैरिफ कार्ड और अन्य उपयोगी सामान भी प्रदर्शित किए गए। इस तरह मेले में पारंपरिक उत्पादों, घरेलू जरूरत की वस्तुओं, फैशन आइटम और हस्तनिर्मित सामग्री का विविध मिश्रण देखने को मिला।

वैराइटी | एक छत के नीचे महिलाओं का हुनर

मेले में प्रमुख स्टॉलें: साड़ियां, सलवार सूट, मनिहारी, ज्वैलरी, बेकरी आइटम, होममेड आइटम, हैंडलूम, राखियां, बेडशीट, टैरिफ कार्ड सहित अन्य उत्पाद।

विशेष: पाली और सोजत से भी महिला उद्यमियों ने पहुंचकर सहभागिता निभाई।

पहले दिन ही खरीदारों ने दिखाया उत्साह

महिला उद्यमियों ने बताया कि मेले के पहले ही दिन स्टॉलों पर खरीदारों का उत्साह देखने को मिला। समाज की महिलाओं और परिवारों ने विभिन्न स्टॉलों पर पहुंचकर उत्पादों को देखा और खरीदारी की। महिला उद्यमियों के लिए शुरुआती प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होती है। ग्राहक किसी उत्पाद को पसंद करते हैं, उसकी कीमत और गुणवत्ता के बारे में सवाल पूछते हैं और खरीदारी करते हैं तो उद्यमी को अपने काम के बारे में सीधा फीडबैक मिलता है। सावन मेले में यही माहौल दिखाई दिया। स्टॉल संचालिकाएं ग्राहकों को अपने उत्पादों के बारे में जानकारी देती नजर आईं और खरीदार भी उत्साह के साथ अलग-अलग स्टॉलों का अवलोकन करते दिखे।

महिला उद्यमिता को सामाजिक समर्थन की जरूरत

सावन मेले के आयोजन ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश भी दिया है। महिलाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए केवल प्रशिक्षण और पूंजी की ही आवश्यकता नहीं होती, बल्कि बाजार और समाज के समर्थन की भी जरूरत होती है। जब समाज की महिलाएं अपने उत्पादों को लेकर आगे आती हैं और समाज के लोग उनकी स्टॉलों से खरीदारी करते हैं, तो यह महिला उद्यमिता की पूरी श्रृंखला को मजबूत करता है।

ऐसे आयोजनों के माध्यम से महिलाओं को अपने उत्पाद की कीमत तय करने, ग्राहक से संवाद करने, बिक्री का अनुभव हासिल करने और बाजार की पसंद समझने का अवसर मिलता है। यही अनुभव आगे चलकर बड़े कारोबार की नींव बन सकता है।

मनोरंजन और उद्यमिता का अनूठा संगम

सावन मेला इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें उद्यमिता के साथ मनोरंजन को जोड़ा गया है। सावन भारतीय संस्कृति में उमंग, उत्सव और उल्लास का महीना माना जाता है। ऐसे में महिला उद्यमिता को सावन के उत्सव के साथ जोड़कर आयोजन को अधिक जीवंत बनाया गया है।

हाऊजी और प्रश्नोत्तरी जैसी गतिविधियां महिलाओं को आपस में जोड़ेंगी, वहीं मिस सावन और मिसेज सावन जैसी प्रतियोगिताएं प्रतिभागियों के आत्मविश्वास और रचनात्मकता को मंच देंगी। बच्चों के लिए गेम्स होने से परिवारों के लिए मेले में अधिक समय बिताने का अवसर मिलेगा। इस प्रकार यह मेला खरीदारी, मनोरंजन, सामाजिक मेलजोल और महिला सशक्तिकरण—चारों पहलुओं को एक साथ लेकर आगे बढ़ता दिखाई दिया।

समाज की बेटियों को मंच देने की पहल

माहेश्वरी समाज के पदाधिकारियों के वक्तव्यों में एक बात लगातार उभरकर सामने आई—समाज की बेटियों को आगे बढ़ाने और उनकी प्रतिभा को मंच देने की जरूरत। महिला उद्यमिता समिति के इस आयोजन ने इसी विचार को जमीन पर उतारने का प्रयास किया। घर में रहकर उत्पाद तैयार करने वाली महिला हो या पहले से व्यापार कर रही उद्यमी, सभी के लिए मेले में अपनी पहचान बनाने का अवसर मौजूद रहा। यह पहल उन महिलाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकती है जो अपने काम को लेकर आत्मविश्वास रखती हैं, लेकिन बड़े बाजार तक पहुंच नहीं बना पातीं। स्थानीय स्तर पर आयोजित ऐसे मेले उनके लिए पहला कदम बन सकते हैं।

सहयोग से सफल होता है आयोजन

किसी भी सामुदायिक आयोजन की सफलता केवल आयोजक समिति के प्रयासों से संभव नहीं होती। इसमें बड़ी संख्या में लोगों का सहयोग जरूरी होता है। सावन मेले के आयोजन में भी समाज के अनेक लोगों ने सक्रिय सहयोग दिया। इस मौके पर अरुण जैसलमेरिया, दिलीप लाहोटी, ओमप्रकाश माहेश्वरी, महेंद्र राठी, दीपक मूंदड़ा, मेघा मालपानी, सुनीता हेड़ा, वंदना राठी, कमला खेतावत, अनीता धूत, कमला केला, आशा फोफलिया, मनीषा मूंदड़ा, रामेश्वरी भूतड़ा, रीना राठी, सुशीला बजाज, प्रभा वैद्य, शिवकन्या धूत, उषा बंग, नीलम भूतड़ा, मधु पूंगलिया, अलका जौहरी, विजयलक्ष्मी भूतड़ा, कुसुम भूतड़ा, प्रेरणा मंत्री, मंजू सोनी, नीलम मूंदड़ा, संगीता राठी, पूजा राठी, संतोष सारड़ा, अरुणा भूतड़ा, प्रभा सोनी और निशा पूंगलिया सहित अनेक लोगों का सहयोग रहा।

कार्यक्रम का संचालन सुनीता हेड़ा ने किया।

हाईलाईट | आयोजन से जुड़े प्रमुख चेहरे

मुख्य अतिथि: डॉ. फूलकौर मूंदड़ा
सम्मानित अतिथि: ममता बाहेती
संयोजिका: मधु मूंदड़ा
सह संयोजिका: अनीता कालाणी
अध्यक्ष: श्याम सुंदर धूत
सचिव: पुखराज जाजू
कोषाध्यक्ष: श्रवण सोमानी
उपाध्यक्ष: राजेन्द्र मंत्री
सह सचिव: प्रेम मालपानी
सक्रिय सहयोगी: सुनीता जैसलमेरिया
संचालन: सुनीता हेड़ा

छह साल के अंतराल के बाद नई शुरुआत, सिलसिला जारी रखेंगे : पुखराज जाजू

सचिव पुखराज जाजू ने कहा कि सावन मेले की एक बड़ी विशेषता यह भी रही कि महिला उद्यमिता के क्षेत्र में छह साल के अंतराल के बाद यह आयोजन फिर शुरू हुआ। लंबे अंतराल के बाद जब कोई गतिविधि दोबारा शुरू होती है तो उसके प्रति उत्साह स्वाभाविक रूप से अधिक होता है। माहेश्वरी समाज की महिलाओं ने स्टॉल लगाकर इस उत्साह को साबित भी किया। 30 से अधिक स्टॉलों में महिलाओं की भागीदारी यह बताती है कि उद्यमिता को लेकर उनमें रुचि बनी हुई है।

अब आयोजन समिति के सामने चुनौती इस सिलसिले को लगातार आगे बढ़ाने की है। सचिव पुखराज जाजू ने भी महिला सशक्तिकरण और महिला उद्यमिता के इस सिलसिले को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया है। उन्होंने राइजिंग भास्कर से बातचीत में कहा कि हम हर साल यह आयोजन जारी रखेंगे और महिला उद्यमिता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देंगे।

एक मेला, कई संदेश

माहेश्वरी भवन में शुरू हुआ यह सावन मेला केवल दो दिन की खरीदारी या मनोरंजन का आयोजन नहीं है। इसके पीछे महिला आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहयोग का एक व्यापक संदेश भी छिपा है। एक ओर महिलाएं अपने उत्पाद लेकर बाजार में उतर रही हैं, दूसरी ओर समाज उन्हें ग्राहक, मंच और प्रोत्साहन दे रहा है। यही वह मॉडल है जिससे महिला उद्यमिता को मजबूत आधार मिल सकता है। महिला जब अपने हुनर को व्यवसाय में बदलती है तो उसके सामने कई नए रास्ते खुलते हैं। वह आर्थिक रूप से योगदान देती है, अपने निर्णय स्वयं लेने लगती है और अपनी पहचान बनाती है। उसके इस सफर में परिवार और समाज का समर्थन उसे आगे बढ़ने का साहस देता है। सावन मेले में दिखाई दिया उत्साह इसी बदलाव की एक छोटी लेकिन प्रभावी तस्वीर है।

आगे भी जारी रहे महिला उद्यमिता का कारवां

सचिव पुखराज जाजू ने कहा कि इस आयोजन को केवल एक बार की गतिविधि नहीं माना जा रहा। महिला सशक्तिकरण और महिला उद्यमिता को लगातार आगे बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की गई है। यदि ऐसे आयोजन नियमित रूप से होते रहें और महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने के साथ-साथ व्यापार सीखने, नेटवर्क बनाने, डिजिटल मार्केटिंग समझने और ग्राहकों तक पहुंच बनाने के अवसर मिलते रहें तो महिला उद्यमिता का दायरा और विस्तृत हो सकता है। सावन मेले में लगी 30 से अधिक स्टॉलें इस दिशा में एक सकारात्मक शुरुआत के रूप में देखी जा सकती हैं।

सावन की उमंग के साथ आत्मनिर्भरता का संदेश

कमला नेहरू नगर स्थित माहेश्वरी भवन में शुरू हुआ दो दिवसीय सावन मेला रंग, उत्साह, खरीदारी और मनोरंजन से भरा रहा। लेकिन इस आयोजन की सबसे बड़ी खूबसूरती यह रही कि इसके केंद्र में महिला प्रतिभा और महिला उद्यमिता रही। डॉ. फूलकौर मूंदड़ा ने खरीदारी के माध्यम से महिला उद्यमियों को समर्थन देने की अपील की। ममता बाहेती ने समाज की बहनों की उद्यमिता क्षमता को रेखांकित किया। समिति के पदाधिकारियों ने महिलाओं के मनोबल और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की बात कही। वहीं स्टॉल लगाने वाली महिलाओं ने अपने हुनर को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाया।

छह साल बाद शुरू हुआ यह मेला यदि इसी उत्साह के साथ आगे बढ़ता है तो आने वाले समय में यह महिला उद्यमिता के लिए एक मजबूत मंच बन सकता है। सावन की इस उमंग में सजी 30 से अधिक स्टॉलें सिर्फ उत्पाद नहीं बेच रहीं—वे मेहनत, हुनर, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की कहानी भी सुना रही हैं। यही इस सावन मेले की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor