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Sunday, August 23, 2026, 8:37 pm

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विधि शिक्षा एक समतामूलक समाज के निर्माण की आधारशिला है…वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षित करने के लिए संकल्प लेने का आह्वान

राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जोधपुर ने 25वां स्थापना दिवस मनाया

शिव वर्मा. जोधपुर

राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जोधपुर ने रविवार को विश्वविद्यालय परिसर में अपना 25वां स्थापना दिवस “25 बरसां रो गौरव, सदियों से संकल्प” बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया। इस अवसर पर न्यायपालिका, विधि शिक्षा के गणमान्य विद्वान एवं विश्वविद्यालय के समस्त अधिकारीगण उपस्थित रहे।

समारोह के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति संदीप मेहता, न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय एवं विज़िटर, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, जोधपुर थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में न्यायमूर्ति विजय विश्नोई, न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय तथा न्यायमूर्ति केआर श्रीराम, मुख्य न्यायाधीश, राजस्थान उच्च न्यायालय एवं कुलाधिपति, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, जोधपुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रोफेसर हरप्रीत कौर ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर न्यायमूर्तियों द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया गया।

समारोह की शुरुआत राष्ट्रगान एवं औपचारिक उद्घाटन से हुई। प्रोफेसर हरप्रीत कौर ने स्वागत भाषण देते हुए विश्वविद्यालय की उत्कृष्टता की विरासत एवं भविष्य की दृष्टि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने निरंतर ऐसे विधि विशेषज्ञ तैयार किए हैं जो सामाजिक उत्तरदायित्व और न्याय के मूल्यों को अपने पेशे से जोड़ते हैं।

इस अवसर पर ‘विधि शिक्षा में उत्कृष्टता की खोज में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, जोधपुर की यात्रा’ शीर्षक से एक विशेष डिजिटल प्रस्तुति प्रदर्शित की गई, जिसमें विश्वविद्यालय की 25 वर्षों की गौरवशाली यात्रा एवं इसमें योगदान देने वाले कुलगुरु, कुलसचिव और पूर्व छात्रों की भूमिका को दर्शाया गया। कुलाधिपति न्यायमूर्ति केआर श्रीराम ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय की बढ़ती राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा पर प्रसन्नता व्यक्त की और छात्रों से समाज के वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षित करने के लिए संकल्प लेने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति विजय विश्नोई ने कहा कि विधि शिक्षा एक समतामूलक समाज के निर्माण की आधारशिला है। माननीय न्यायमूर्ति संदीप मेहता ने न्याय और राष्ट्र निर्माण के लिए नैतिक एवं संवेदनशील कानूनी पेशेवरों के पोषण की आवश्यकता पर बल दिया।

समारोह में ‘कुलपति सम्मेलन-2025’ पर आधारित रिपोर्ट तथा “भारत में विधि शिक्षा के लिए एक परिवर्तनकारी, समतामूलक और वैश्विक रूप से उत्तरदायी ढांचे की परिकल्पना” विषयक घोषणापत्र का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर गणमान्य अतिथियों को विश्वविद्यालय की प्रगति में उनके मार्गदर्शन एवं योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विश्विद्यालय के पास आउट विद्यार्थियों ने ये संकल्प लिया कि वे कम से कम एक बच्चे को आवश्यक शिक्षा देने मैं मदद करेंगे।

समारोह का समापन विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. सुनीता पंकज के धन्यवाद ज्ञापन, राष्ट्रगान और सामूहिक फोटोग्राफ के साथ हुआ। यह स्थापना दिवस समारोह विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता की यात्रा का एक ऐतिहासिक मील का पत्थर सिद्ध हुआ।

 

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor