Explore

Search

Sunday, August 23, 2026, 10:19 pm

Sunday, August 23, 2026, 10:19 pm

LATEST NEWS
[wonderplugin_slider id=1]
Lifestyle

रामदेवरा मेले से रेलवे को 1.32 करोड़ रुपए की आय

-बेहतर प्रबंधन और समयबद्ध ट्रेनों के संचालन से रेलवे को भीड़ प्रबंधन में भी मिली सफलता

-सात मेला स्पेशल ट्रेनों से रामदेवरा का सफर हुआ सुगम

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर 

बेहतर प्रबंधन और समयबद्ध ट्रेनों के संचालन से रेलवे ने इस बार के रामदेवरा मेले से 1.32 करोड़ रुपए का उल्लेखनीय राजस्व अर्जित करने में सफलता हासिल की है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे जोन के महाप्रबंधक अमिताभ के निर्देशन में इस बार जोधपुर मंडल के जैसलमेर मार्ग स्थित प्रसिध्द रामदेवरा मेला में जातरुओं के आवागमन की सुगम व्यवस्थाएं की गई तथा रामदेवरा मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन मेला यातायात और यात्रियों की सुविधा के अनुरूप किया गया जिसके परिणामस्वरूप रेलवे को पर्याप्त यात्रीभार और उल्लेखनीय राजस्व मिला।

उन्होंने बताया कि जोधपुर मंडल पर रामदेवरा मेला अवधि के दौरान संचालित की गई सात मेला स्पेशल ट्रेनों से 1 लाख 28 हजार 765 जातरुओं ने रामदेवरा की यात्रा की जिससे रेलवे को 1 करोड़ 32 लाख 49 हजार 630 रुपए का राजस्व हासिल हुआ।

डीआरएम ने बताया कि अर्जित किया गया यह राजस्व मेला स्पेशल ट्रेनों से प्राप्त हुआ है जबकि नियमित रूप से पहले से चल रही विभिन्न ट्रेनों से भी हजारों यात्रियों ने विभिन्न स्टेशनों से रामदेवरा स्टेशन की यात्रा की ।

जोधपुर-रामदेवरा स्टेशनों के बीच सात मेला स्पेशल ट्रेनों का हुआ संचालन

इस वर्ष भी मेला अवधि के दौरान रेलवे द्वारा रामदेवरा मेला अवधि 25 अगस्त से 7 सितंबर तक करीब सात मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया जिसमें जोधपुर,भगत की कोठी,साबरमती,श्रीगंगानगर और लालगढ़ स्टेशन सम्मिलित हैं।

अनुकूल रही ट्रेनों की समय सारणी

सीनियर डीसीएम विकास खेड़ा ने बताया कि इस वर्ष संचालित रामदेवरा मेला स्पेशल ट्रेनों की समय सारणी मेला यातायात के अनुकूल होने से रेलवे को अपेक्षाकृत अधिक यात्री भार उपलब्ध हुआ। यात्री सुविधा को देखते हुए रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त टिकट काउंटर स्थापित किए गए। वहीं यात्रियों की सहायता के लिए उचित संख्या में रेलवे कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई तथा उनकी सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए थे।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor