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Sunday, August 23, 2026, 9:21 am

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Lifestyle

होलाष्टक शुरू, 8 दिन शुभ काम वर्जित रहेंगे

केडी इसरानी. स्वतंत्र पत्रकार. जोधपुर 

रंगों के पर्व होली से ठीक पहले शुरू होने वाला होलाष्टक इस वर्ष 24 फरवरी 2026 से आरंभ होकर 3 मार्च 2026 (होलिका दहन) तक रहेगा। सनातन परंपरा में इन आठ दिनों को ज्योतिषीय दृष्टि से संवेदनशील माना गया है और मांगलिक कार्यों से परहेज की सलाह दी जाती है

कब से कब तक?
वैदिक पंचांग के अनुसार फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से होलाष्टक की शुरुआत होती है
अष्टमी तिथि आरंभ: 24 फरवरी, सुबह 07:01 बजे और समापन: 3 मार्च 2026, होलिका दहन के साथ होगा
मान्यता है कि इन दिनों वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ा रहता है ज्योतिष शास्त्रों अनुसार इन आठ दिनों में सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि और राहु-केतु जैसे ग्रह उग्र अवस्था में माने जाते हैं। इससे निर्णय क्षमता और मानसिक संतुलन प्रभावित हो सकता है, इसलिए शुभ कार्यों का पूर्ण फल नहीं मिलता। पौराणिक संदर्भ में, इसी अवधि में हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र प्रह्लाद को ईश्वर-भक्ति छोड़ने के लिए कठोर यातनायें दी थीं। फाल्गुन पूर्णिमा को होलिका अग्नि में बैठी, इसी स्मृति से होलाष्टक को अशुभ माना जाता है

इन 8 दिनों में क्या न करें?
विवाह/सगाई/मुंडन/नामकरण/यज्ञोपवीत जैसे 16 संस्कार, नया व्यवसाय या निवेश, गृह प्रवेश/नींव पूजन, सोना-चांदी, वाहन, प्रॉपर्टी जैसी बड़ी खरीदारी

क्या करें?
हालांकि नये कार्यों के लिए विराम है, पर आध्यात्मिक दृष्टि से यह समय विशेष फलदायी माना गया है। इष्ट देव का ध्यान, महामृत्युंजय मंत्र का जाप, अन्न, वस्त्र, धन का दान, भजन-कीर्तन और आत्मचिंतन का समय

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor