इतना देखने पर रवि को लगने लग गया की अब हस्तक्षेप करना जरूरी है वरना अब भी इग्नौर किया तो एक बेटी के साथ कुछ गलत हो जाएगा। वैसे खूब भीड़भाड़ वाली जगह थी वो,लेकिन उस लड़की की मदद को तो वहां सुनसान ही था। रवि ने बिना देर किए उस लड़के का वह हाथ पकड़ा जिसमें उस लड़की का फोन था जो उसने थोड़ी देर पहले लड़की से छीन लिया था रवि ने दूसरे हाथ से वह फोन छीनकर लड़की को दे दिया और लड़के को बोला “मेरा मन तो कर रहा है पहले तेरे दो चपट लगाऊं पर…
लेखक : हरसहाय हर्ष
रवि अपनी बेटी को लेने कॉलेज जा रहा था जैसे ही वह अपनी कॉलोनी से बाहर निकल कर मैन रोड पर आया तो एक दृश्य को देखकर एकदम से रुक गया। उसने देखा सामने रोड के दूसरी तरफ एक लड़का जबरदस्ती एक लड़की को अपनी बाइक पर बैठने के लिए दबाव बना रहा है। जबकि लड़की उसे मना कर रही है और बोल रही है कि वो तो उसको जानती तक नहीं, फिर क्यों परेशान कर रहा है। लड़का बोल रहा है कि वह उसे रोज देखता है वह उसे उसके घर छोड़ देगा। लड़की ने कठोर विरोध करते हुए कहा कि आप अपना रास्ता नापिए मुझे मेरे पापा लेने आ रहे हैं ठीक है, लेकिन वह लड़का बड़ा ढीठ था वह वहां से हटने का नाम तक नहीं ले रहा था। उसने लड़की का हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खींच लिया और बोला “मुझे तुझसे दोस्ती करनी है अपने नंबर दो मुझे”, इतना होने पर लड़की डर गई क्योंकि अब उसे लगने लग गया कि लड़का हद पार कर रहा है वह अपने पापा को फोन लगाने लगी तो लड़का उत्तेजित होकर चिल्लाया “क्यों भाव खा रही है, मैं पिछले बीस दिनों से तेरे पीछे घूम रहा हूं”। इतना देखने पर रवि को लगने लग गया की अब हस्तक्षेप करना जरूरी है वरना अब भी इग्नौर किया तो एक बेटी के साथ कुछ गलत हो जाएगा। वैसे खूब भीड़भाड़ वाली जगह थी वो,लेकिन उस लड़की की मदद को तो वहां सुनसान ही था। रवि ने बिना देर किए उस लड़के का वह हाथ पकड़ा जिसमें उस लड़की का फोन था जो उसने थोड़ी देर पहले लड़की से छीन लिया था रवि ने दूसरे हाथ से वह फोन छीनकर लड़की को दे दिया और लड़के को बोला “मेरा मन तो कर रहा है पहले तेरे दो चपट लगाऊं पर…
इतना देखकर लड़की के चेहरे पर राहत के भाव दिखाई देने लगे। लड़का अपने हाथ को छुड़ाने के लिए कसमसाने लगा। रवि 45 वर्षीय मजबूत बदन का व्यक्ति था और लड़का 45 किलो वजनी आज की जनरेशन का पिज़्ज़ा बर्गर खाने वाला जो अपना हाथ छुड़ा नहीं पा रहा था। यह देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई, लड़का अब वहां से फटाक से निकलने की फिराक में था। कुछ ही देर में वहां पुलिस का सायरन सुनाई दिया जाहिर सी बात है किसी जागरूक नागरिक ने 112 पर कॉल किया होगा, पुलिस जैसे ही उस लड़के को ले जाने लगी तभी रवि के पीछे से तेज आवाज आई, “ओय रवि”, आवाज जानी पहचानी थी रवि ने पीछे मुड़कर देखा तो रौनक पीछे खड़ा था, रौनक रवि का सहकर्मी था, “अरे रवि, क्या पंगा हो गया?”रौनक ने रवि के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा, “कुछ नहीं यार, पता नहीं आजकल के युवकों को क्या ही हो गया है लड़की को अकेला देखते ही छेड़ने लग जाते हैं”, रवि ने कहा, तभी रौनक तुरंत बोला, “हां यार तू सही कह रहा है अभी पीछे महिला पीजी कॉलेज के सामने भी एक लड़का लड़की को छेड़ रहा था, तो वहां भी तेरे जैसे एक भले आदमी ने उसे बचाया, देख मैंने वहां का वीडियो भी बनाया है” कह कर रौनक ने वीडियो दिखाया। वीडियो देखकर रवि चोंक पड़ा, “दिखाना दिखाना” चिल्लाते हुए रवि ने रौनक के हाथ से फोन छीन लिया और वीडियो देखते देखते अपना माथा पीट लिया, “अरे रौनक यह बच्ची कहां है अब? यह मेरी बेटी है यार, मैं इसे ही तो लेने जा रहा था लेकिन बीच में यहां अटक गया..।” कहते कहते रवि की आंखों में उस लड़के के लिए घुस्सा फूट पड़ा। “रवि.., रवि..भाई शांत,” रौनक रवि को दिलासा दिलाने लगा। “भाई यह बच्ची बिल्कुल ठीक है, इस भले इंसान ने तेरी बेटी को छूने तक नहीं दिया उस लफंगे लड़के को”। रवि राहत की सांस लेकर सोचने लगा, “हे ईश्वर, मैं समझ गया तेरी लीला को, मैं यहां इस बेटी का बाप बन गया, तो तूने वहां उस भले इंसान को मेरी बेटी का बाप बनाकर भेज दिया।” तेरा लाख लाख शुक्र है भगवान।







