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Sunday, August 23, 2026, 1:24 pm

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Lifestyle

गवर माता की मनुहार….घुड़ला के गूंजे गीत, नृत्य पर झूमीं तीजणियां

पंकज जांगिड़. जोधपुर 

नारी सुरक्षा, वीरता और नारी शक्ति की विजय का प्रतीक माना जाने वाला घुड़ला पर्व राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र (मुख्यतः जोधपुर) का एक पारंपरिक पर्व है, जो चैत्र कृष्ण पक्ष सप्तमी से चैत्र शुक्ल तृतीया (गणगौर) तक मनाया जाता है। इस दौरान महिलाएँ और कन्याएँ एक छेद वाले मिट्टी के बर्तन (घड़े) में दीपक रखकर, उसे सिर पर रखकर “घुड़ला नृत्य” करती हैं और पारंपरिक गीत गाती हैं।

इसी परंपरा को निभाते हुए जालोरी गेट इंद्रा चौक से विनीता चौधरी के नेतृत्व में तृप्ति, मंजू, प्रेमलता पंवार, इंदु, प्रेम, ऊषा, संतोष, शांति, इंद्रा, संगीता, अनिशा आदि सजी-धजी महिलाएं सिर पर घुड़ला रखकर ढोल थाली के साथ पारंपरिक गीतों पर नृत्य करते हुए रवाना हुई और चौपासनी हाउसिंग बोर्ड सेक्टर 14 में प्रेमलता चौधरी के घर पहुंची। विनीता चौधरी ने बताया कि प्रेमलता चौधरी द्वारा सभी महिलाओं का स्वागत-सत्कार कर मान-मनुहार की गई।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor