प्राकृतिक चिकित्सा, संतुलित आहार और सकारात्मक जीवनशैली पर होगा मंथन; ख्यातनाम विशेषज्ञों की उपस्थिति में जागरूकता का दिया जाएगा संदेश
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
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स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने और प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से 26 अप्रैल को जोधपुर के प्रथम पुलिया, कमला नेहरू नगर, चौपासनी रोड स्थित स्वास्थ्य साधना केंद्र में एक विशेष ‘आहार-विचार गोष्ठी’ का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर प्राकृतिक चिकित्सा और स्वास्थ्य जागरूकता पर आधारित डॉ. मुस्कान सक्सेना द्वारा लिखित पुस्तक ‘प्रकृति ही चिकित्सक’ का विधिवत विमोचन भी किया जाएगा। यह कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास है, बल्कि लोगों को प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का मंच बनेगी गोष्ठी
आधुनिक जीवनशैली के कारण बढ़ती बीमारियों और तनावपूर्ण जीवन के बीच यह गोष्ठी लोगों के लिए एक मार्गदर्शक का कार्य करेगी। ‘आहार-विचार’ जैसे विषय पर आधारित यह कार्यक्रम इस बात पर जोर देगा कि सही भोजन और सकारात्मक सोच किस प्रकार व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को संतुलित रख सकते हैं। आयोजकों के अनुसार, यह गोष्ठी आमजन को यह समझाने का प्रयास करेगी कि स्वास्थ्य केवल दवाओं से नहीं, बल्कि जीवनशैली में सुधार से भी प्राप्त किया जा सकता है।
‘प्रकृति ही चिकित्सक’ पुस्तक का विशेष महत्व
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण डॉ. मुस्कान सक्सेना द्वारा लिखित पुस्तक ‘प्रकृति ही चिकित्सक’ का विमोचन रहेगा। यह पुस्तक प्राकृतिक चिकित्सा के सिद्धांतों और उनके व्यावहारिक उपयोग को सरल भाषा में प्रस्तुत करती है। पुस्तक में यह बताया गया है कि किस प्रकार प्रकृति के तत्व—जैसे जल, वायु, सूर्य, मिट्टी और आहार—मानव शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस पुस्तक के माध्यम से लेखक ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर ही हम दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान समय में जब लोग एलोपैथिक दवाओं पर अत्यधिक निर्भर हो गए हैं, ऐसे में यह पुस्तक एक वैकल्पिक और सुरक्षित मार्ग प्रस्तुत करती है।
मुख्य वक्ता प्रसिद्ध समाजसेवी श्री सुरेश राठी का प्रेरणादायक संदेश होगा
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में प्रसिद्ध समाजसेवी श्री सुरेश राठी उपस्थित रहेंगे, जो ‘स्वस्थ के लिए मस्त व व्यस्त रहें’ विषय पर अपना संबोधन देंगे। उनका यह संदेश जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण से जीने की प्रेरणा देगा। श्री सुरेश राठी का मानना है कि व्यक्ति यदि मानसिक रूप से प्रसन्न और सक्रिय रहता है, तो वह कई बीमारियों से स्वतः ही बच सकता है। उनके संबोधन में यह भी बताया जाएगा कि किस प्रकार व्यस्त रहना, समाजसेवा करना और सकारात्मक सोच रखना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
ख्यातनाम नैचुरापैथी विशेषज्ञ डॉ. पीयूष पंड्या का मार्गदर्शन मिलेगा
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गुजरात के प्रसिद्ध नैचुरोपैथी विशेषज्ञ डॉ. पीयूष पंड्या उपस्थित रहेंगे। उनका अनुभव और ज्ञान इस गोष्ठी को विशेष रूप से उपयोगी बनाएगा। डॉ. पंड्या प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में लंबे समय से कार्यरत हैं और उन्होंने हजारों लोगों को बिना दवाइयों के स्वस्थ जीवन की राह दिखाई है। उनकी उपस्थिति से कार्यक्रम में भाग लेने वाले लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा के विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर मिलेगा। वे अपने अनुभवों के आधार पर यह बताएंगे कि किस प्रकार छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके हम गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं।
समय पालन पर जोर
आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी प्रतिभागियों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित समय से 15 मिनट पहले पहुंचें, ताकि कार्यक्रम का संचालन सुचारू रूप से किया जा सके। यह आयोजन सुबह 11 बजे प्रारंभ होगा और इसमें विभिन्न सत्रों के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी।
भोजन व्यवस्था और सहभागिता का अवसर
कार्यक्रम के पश्चात सभी उपस्थित लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई है। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सहभागिता और संवाद का एक अवसर भी प्रदान करेगा। लोग विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर सकेंगे और अपनी स्वास्थ्य संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे।
सामाजिक सरोकार से जुड़ा प्रयास
यह आयोजन सुरेश राठी ग्रुप की ओर से किया जा रहा है, जो समय-समय पर समाजहित में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से समाज में स्वास्थ्य, शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
प्राकृतिक जीवनशैली की ओर बढ़ता समाज
आज के दौर में जब लोग भागदौड़ भरी जिंदगी में अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर रहे हैं, ऐसे में ‘आहार-विचार गोष्ठी’ जैसे आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाते हैं। यह कार्यक्रम न केवल लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेगा, बल्कि उन्हें यह भी सिखाएगा कि प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर ही हम सच्चे अर्थों में स्वस्थ रह सकते हैं। 26 अप्रैल को आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने की दिशा में एक सार्थक पहल है। ‘प्रकृति ही चिकित्सक’ पुस्तक का विमोचन और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से यह आयोजन निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक सिद्ध होगा। यह कार्यक्रम हर उस व्यक्ति के लिए उपयोगी है जो अपने जीवन को स्वस्थ, संतुलित और खुशहाल बनाना चाहता है।










