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Sunday, August 23, 2026, 9:26 am

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एनके मेहता की प्रथम पुण्य तिथि पर काव्य गोष्ठी एवं संगीत संध्या आयोजित

पंकज जांगिड़. जोधपुर 

शिक्षाविद, कवि, शायर, गायक, व्यंग्यकार, कुशल प्रशासक एवं नवोदय सबरंग साहित्य परिषद के संस्थापक व पूर्व अध्यक्ष स्मृति शेष एन.के. मेहता की प्रथम पुण्यतिथि पर उनकी स्मृति में काव्य गोष्ठी एवं संगीत संध्या का हुआ आयोजन
जोधपुर।

शिक्षाविद, कवि, शायर, गायक, व्यंग्यकार, कुशल प्रशासक एवं नवोदय सबरंग साहित्य परिषद के संस्थापक व पूर्व अध्यक्ष स्मृति शेष एन.के. मेहता की प्रथम पुण्यतिथि पर उनकी स्मृति में एक निजी परिसर में काव्य गोष्ठी एवं संगीत कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें करीब 20 रचनाकारों व कलाकारों ने भाग लिया। करीब ढाई घंटे चले कार्यक्रम में गजलें, गीत, कविताएं और शाइरी ने रंग जमा दिया। वहीं संगीत कार्यक्रम ने उपस्थित संगीत व साहित्य प्रेमियों का दिल जीत लिया।

संस्था के सचिव अशफाक अहमद फौजदार ने बताया कि कार्यक्रम संयोजक एवं संस्था की अध्यक्ष अनुराधा अडवानी एवं उपस्थित आगंतुकों ने एन.के. मेहता के तस्वीर पर माला पहनाकर व दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का आगाज किया। डॉ. तृप्ति गोस्वामी ‘काव्यांशी’ ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया। काव्य गोष्ठी के दौरान अनुराधा अडवानी ने मेहता के जीवनी पर प्रकाश डाला और उनके द्वारा गाए रिकार्डेड गीत सुनाए, दीपा परिहार ने ‘हम एक होकर जुदा होंगे’, डॉ. छगनराव ने ‘थार में निर्झर नहीं है’, अमिता भंडारी ने ‘चाहे ख्वाब हो या हकीकत हो’, डॉ. तृप्ति गोस्वामी ‘काव्यांशी’ ने ‘वफा के साथ ही रहना’, अशफाक अहमद ‘फौजदार’ ने ‘इशारो इशारो में जो कहती है वो शायरी है’, रजा मोहम्मद ने ‘कयामत से पहले कयामत देख ली’ सहित अर्जुन सांखला व अनेक साहित्यकारों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की।

इस मौके पर अनुराधा-नरेंद्र अडवानी ने आगंतुकों का स्वागत-सत्कार किया। संस्था के सचिव अशफाक अहमद फौजदार ने सभी आगंतुकों का आभार जताया।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor