एक समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार के अनुसार खाद्य सुरक्षा विभाग ने लागू की नई व्यवस्था, आयोजकों को पहले देनी होगी पूरी जानकारी; नियमों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई और शिकायत के लिए रहेगा विशेष प्रबंध
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
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शादी-विवाह, सामाजिक समारोहों, धार्मिक आयोजनों और अन्य बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब ऐसे आयोजनों में केवल लाइसेंसधारी कुक और कैटरर्स ही भोजन तैयार कर सकेंगे। इस आशय के समाचार शनिवार को एक अखबार में प्रकाशित हुए हैं। अखबार के अनुसार विभाग का उद्देश्य खाद्य जनित बीमारियों पर रोक लगाना, लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना तथा बड़े आयोजनों में खाद्य सुरक्षा मानकों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना है।
नई व्यवस्था के तहत आयोजन से पहले संबंधित अधिकारियों को आवश्यक जानकारी देना भी अनिवार्य होगा। नियमों का पालन नहीं करने वालों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
अखबार ने लिखा है कि नई व्यवस्था के अनुसार यदि किसी शादी, सामूहिक भोज, धार्मिक कार्यक्रम, सम्मेलन, सामाजिक आयोजन या अन्य बड़े समारोह में भोजन तैयार किया जाना है, तो आयोजन से पहले आयोजक को संबंधित जानकारी खाद्य सुरक्षा विभाग को उपलब्ध करानी होगी। इसके अंतर्गत कार्यक्रम का स्थान, आयोजन की तिथि, आयोजक का नाम, मोबाइल नंबर, भोजन तैयार करने वाले कुक या कैटरर का नाम, खाद्य व्यवसाय संचालक संस्था का विवरण तथा लाइसेंस अथवा पंजीकरण संबंधी आवश्यक जानकारी देना अनिवार्य रहेगा। इससे विभाग को कार्यक्रमों की निगरानी करने और आवश्यकतानुसार निरीक्षण की व्यवस्था करने में सुविधा मिलेगी।
विभाग का मानना है कि बड़े आयोजनों में एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के लिए भोजन तैयार किया जाता है। यदि स्वच्छता और गुणवत्ता संबंधी मानकों का पालन नहीं किया जाए तो खाद्य जनित संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसी कारण केवल उन्हीं कुक और कैटरर्स को भोजन तैयार करने की अनुमति होगी, जिनके पास खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुरूप लाइसेंस या पंजीकरण उपलब्ध है। इससे भोजन तैयार करने से लेकर परोसने तक पूरी प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर निरीक्षण भी किया जाएगा। विभागीय अधिकारी आवश्यकता पड़ने पर आयोजन स्थल पर पहुंचकर भोजन तैयार करने की व्यवस्था, स्वच्छता, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, कर्मचारियों की साफ-सफाई तथा अन्य निर्धारित मानकों की जांच कर सकेंगे। यदि निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था भी बनाई है। यदि किसी व्यक्ति को किसी शादी, समारोह या बड़े आयोजन में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता अथवा सुरक्षा को लेकर संदेह हो, तो वह इसकी जानकारी विभाग को दे सकता है। शिकायत मिलने पर विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच करेगी और यदि शिकायत सही पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इसके अतिरिक्त प्रत्येक जिले में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को भी इस संबंध में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर अधिकारी आयोजन स्थलों की निगरानी करेंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित आयोजकों को खाद्य सुरक्षा मानकों के बारे में आवश्यक मार्गदर्शन भी देंगे। विभाग का प्रयास है कि बड़े आयोजनों में सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की संस्कृति विकसित हो और किसी भी प्रकार की खाद्य जनित दुर्घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
नई व्यवस्था के तहत खाद्य व्यवसाय संचालकों को भी निर्धारित मानकों का पालन करने के लिए जागरूक किया जाएगा। लाइसेंसधारी कुक और कैटरर्स को स्वच्छ रसोई, सुरक्षित खाद्य सामग्री, साफ पेयजल, उचित भंडारण, तापमान नियंत्रण और भोजन परोसने के दौरान स्वच्छता बनाए रखने जैसे सभी नियमों का पालन करना होगा। इससे उपभोक्ताओं का विश्वास भी मजबूत होगा और खाद्य व्यवसाय की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आमजन सुरक्षित भोजन प्राप्त करना उनका अधिकार है। इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। विभाग का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा मानकों का व्यापक पालन सुनिश्चित करना है ताकि सार्वजनिक आयोजनों में शामिल होने वाले लोगों का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि विवाह समारोहों और बड़े आयोजनों में भोजन से संबंधित शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। ऐसे में लाइसेंसधारी कुक और कैटरर्स की अनिवार्यता तथा पूर्व सूचना की व्यवस्था खाद्य सुरक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाएगी। इससे आयोजकों की जवाबदेही भी बढ़ेगी और लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।


