राखी पुरोहित. जोधपुर
नेहरु पार्क स्थित डॉ.. मदन डागा साहित्य भवन में “ शब्द रंग “ समूह द्वारा वरिष्ठ उपन्यासकार पुरुषोत्तम पोमल के साहित्य पर केंद्रित एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। समूह की अध्यक्ष डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने बताया कि इस कार्यक्रम में प्रमुख साहित्यकारों ने पोमल जी के ऐतिहासिक उपन्यासों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
लेखिका पाराशर ने ऐतिहासिक उपन्यास की परिभाषा स्पष्ट करते हुए कहा कि ये केवल तिथियों का लेखा- जोखा नहीं, बल्कि अतीत और वर्तमान के बीच में सेतु का कार्य करते हैं । उन्होंने उपन्यास पाषाण पुत्री में क्षत्राणी हीरा दे के संघर्षों और राष्ट्र प्रेम के चित्रण की सराहना की। अयोध्या प्रसाद गौड ने “यात्रा के ईश्वर “ उपन्यास को मानवीय आकांक्षाओं और अंतर्मन की यात्रा बताया । शायर हबीब कैफ़ी ने उपन्यास फिरोज़ा में चित्रित निस्वार्थ प्रेम की प्रशंसा की। कार्यक्रम का संचालन मधुर परिहार एवं धन्यवाद रमेश भाटी ने किया ।
पुरुषोत्तम पोमल ने अपनी लेखन यात्रा और रंगमंच से जुड़ी स्मृतियों को साझा किया। शब्द ( रचना)और रंग ( मंच ) दोनों विधाओं से जुड़े व्यक्तित्व के कृतित्व पर चर्चा…. शब्दरंग का ये प्रयास अत्यंत सराहनीय है।
कार्यक्रम में साहित्य और रंगमंच से जुड़ी अनेक हस्तियां सम्मिलित हुईं…. डॉ. पद्मजा शर्मा, मीठेश निर्मोही, हरि प्रकाश राठी, प्रमोद वैष्णव, जितेंद्र जालोरी , मनीषा डागा, कविता डागा, बसंती पंवार, चाँद कौर जोशी, डॉ. नीना छिब्बर, सत्येंद्र छिब्बर, ऋचा शरद अग्रवाल, पूजा अग्रवाल, दीपा परिहार, छगन परिहार आदि ।


