तृतीय श्रेणी शिक्षक से कॉलेज शिक्षा में असिस्टेंट प्रोफेसर तक का सफर, युवाओं के लिए बना प्रेरणास्रोत
राखी पुरोहित. जोधपुर
दृढ़ संकल्प, निरंतर कड़ी मेहनत और अटूट आत्मविश्वास के बल पर सीमित संसाधनों में भी सफलता के सर्वोच्च शिखर को छुआ जा सकता है। इसे सच कर दिखाया है जोधपुर जिले के तिंवरी तहसील अंतर्गत भलासरिया गाँव के मूल निवासी हेम सिंह भाटी ने। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित कॉलेज शिक्षा विभाग प्रतियोगिता परीक्षा में शारीरिक प्रशिक्षण अनुदेशक (असिस्टेंट प्रोफेसर – फिजिकल एजुकेशन) के प्रतिष्ठित पद पर चयनित होकर उन्होंने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम राज्य स्तर पर गौरवान्वित किया है।
स्वर्गीय सुमेर सिंह भाटी के सुपुत्र हेम सिंह की यह ऐतिहासिक सफलता आज क्षेत्र के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा की एक नई मिसाल बन चुकी है।
साधारण पृष्ठभूमि से असाधारण सफर :
हेम सिंह भाटी का प्रारंभिक जीवन बेहद साधारण और ग्रामीण परिवेश में बीता। उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा भलासरिया के ग्रामीण सरकारी विद्यालय से प्राप्त की, जिसके बाद वे अपनी बहन मांगू कंवर के यहाँ रहकर राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय धीरपुरा से उच्च प्राथमिक शिक्षा पूरी की। माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर की पढ़ाई उन्होंने राजकीय विद्यालय तिंवरी से पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए वे जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर गए, जहाँ से उन्होंने बी.ए. एमपीएड और बी.पी.एड.राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर से डिग्रियां प्राप्त कीं। कॉलेज के दिनों में वे एक अनुशासित एनसीसी (NCC) कैडेट रहे और उन्होंने एनसीसी का कठिन ‘C’ प्रमाणपत्र भी हासिल किया, जिसने उनके जीवन में अनुशासन और देश सेवा की नींव रखी।
संघर्ष और क्रमिक सफलता की सीढ़ियां:
उनकी इस लंबी यात्रा की शुरुआत साल 2013 में हुई, जब पहली बार उनका चयन तृतीय श्रेणी शारीरिक शिक्षक के पद पर हुआ। उन्होंने इस मुकाम पर रुकने के बजाय अपनी शासकीय जिम्मेदारियों को निभाते हुए तैयारी जारी रखी। उनकी लगन का परिणाम रहा कि वर्ष 2016 में वे द्वितीय श्रेणी शारीरिक शिक्षक के रूप में चुने गए। इसी दौरान उन्होंने ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी (OTA), कामटी (नागपुर, महाराष्ट्र) से एनसीसी का पीआरसीएन (PRCN) कोर्स सफलतापूर्वक पूरा किया और वर्ष 2021 से वे विद्यालय में एक कुशल एनसीसी अधिकारी के रूप में अपनी विशिष्ट सेवाएं दे रहे हैं।
उपलब्धियों और सम्मानों का सुनहरा सफरनामा:
हेम सिंह भाटी को उनकी खेलकूद, एनसीसी और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए लगातार सम्मानित किया जाता रहा है। उन्हें शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा हाल ही में शिक्षा श्री सम्मान
राजस्थान सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु शिक्षक सम्मान
स्वामी विवेकानंद राष्ट्रीय पुरस्कार ,एनसीसी एवं खेल जगत में उल्लेखनीय कार्यों के लिए मारवाड़ गौरव सम्मान, कल्कि गौरव सम्मान जोधपुर रत्न सम्मान ,एनसीसी में उत्कृष्ट कार्य हेतु 26 जनवरी 2024 को जिला कलेक्टर द्वारा तथा 15 अगस्त 2023 को उपखंड स्तर पर सम्मानित किया गया है ।
दृढ़ संकल्प से पाया अंतिम लक्ष्य:
इतनी व्यस्तताओं और सरकारी सेवा की जिम्मेदारियों के बीच भी हेम सिंह ने कभी अपने सबसे बड़े लक्ष्य से नजरें नहीं हटाईं। उन्होंने निरंतर स्वाध्याय, अनुशासन और अडिग इच्छाशक्ति के साथ उच्च शिक्षा में करियर बनाने के लिए आरपीएससी की तैयारी जारी रखी और अंततः शारीरिक प्रशिक्षण अनुदेशक (असिस्टेंट प्रोफेसर) के पद को हासिल करके अपनी मेहनत का लोहा मनवाया।
युवाओं के लिए संदेश:
अपनी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए हेम सिंह भाटी ने युवाओं को संदेश दिया है:
”सपने वही सच होते हैं, जिन्हें पूरा करने का साहस, धैर्य और निरंतर मेहनत हो। परिस्थितियाँ चाहे जैसी भी हों, यदि आपका संकल्प मजबूत है, तो सफलता निश्चित रूप से आपके कदम चूमेगी।”
उनकी इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर उनके परिजनों, गुरुजनों, स्टाफ साथियों एवं शंभू सिंह खेतासर,गोपाल सिंह भलासरिया,डॉ महेन्द्र सिंह राठौड़ जनादेसर, डॉ पूनम सिंह जाखड़, डॉ सुधीरप्रताप सिंह भाटी,रवींद्र सिंह चौहान, महेन्द्र सिंह भाटी, पर्वत सिंह भूंगरा, प्रधानाचार्य प्रेम कुमार, देवेन्द्र सिंह राजपुरोहित, भंवर सिंह भाटी,कान सिंह, राठौड़, मूल सिंह भाटी, रणजीत सिंह भाटी,भलासरिया व तिंवरी क्षेत्र के समस्त ग्रामीणों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।



