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Friday, October 2, 2026, 12:30 pm

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वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में बंधन बैंक के कुल बिजनेस में 11% की बढ़ोतरी

कुल लोन बुक सालाना आधार पर 16% बढ़कर 1.56 लाख करोड़ रुपए तक जा पहुँची
कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 7% बढ़कर 1.65 लाख करोड़ रुपए तक जा पहुँची
कुल डिपॉजिट में रिटेल का हिस्सा 74% रहा
कासा अनुपात 29.4% रहा

दिलीप कुमार पुरोहित. रांची

बंधन बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे घोषित किए। बैंक का कुल कारोबार 11 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 3.2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया। कुल जमा राशि में रिटेल जमा का हिस्सा अब लगभग 74 फीसदी है। वित्त वर्ष 2026-27 में कारोबार में यह बढ़ोतरी बैंक के बढ़ते डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, बेहतर परिचालन दस्ता और उत्कर्षता की दिशा में निरंतर प्रयास का परिणाम है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा 502 करोड़ रुपए रहा।

बंधन बैंक अब भारत के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 35 में लगभग 6,400 बैंकिंग आउटलेट्स के जरिए करीब 3.2 करोड़ ग्राहकों को सेवाएँ देता है। बैंक में काम करने वाले कर्मचारियों की कुल संख्या 74,500 से ज़्यादा है।

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में बैंक ने अपने डिपॉजिट बेस में साल-दर-साल 7% की बढ़ोतरी दर्ज की है और अब डिपॉजिट बुक 1.65 लाख करोड़ रुपए की हो गई है। इसी अवधि में कुल एडवांसेज 1.56 लाख करोड़ रुपए तक पहुँच गए हैं। करंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट (कासा) का अनुपात 29.4% है। वित्तीय स्थिरता के एक अहम् पैमाना माना जाने वाला बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (सीएआर) 18.2 प्रतिशत के मजबूत स्तर पर है और रेगुलेटरी सीमा से काफी ऊपर है।

बैंक के बेहतर प्रदर्शन पर बात करते हुए, एमडी एवं सीईओ पार्थ प्रतिम सेनगुप्ता ने कहा, “वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही का हमारा प्रदर्शन बंधन बैंक की मजबूती, हमारी टीमों की प्रतिबद्धता और हमारे शेयरधारकों के हम पर निरंतर बने विश्वास को दर्शाता है। इसी गति को बनाए रखते हुए हम ग्राहक-केंद्रित तथा प्रौद्योगिकी-सक्षम विकास पर अपना ध्यान केंद्रित किए हुए हैं। अपने वितरण नेटवर्क को सुदृढ़ बनाकर, उत्पादों की श्रृंखला का विस्तार करके तथा आँकड़ों पर आधारित विश्लेषण का प्रभावी उपयोग करते हुए हम अपने ग्राहकों और सभी हितधारकों के लिए अधिक मूल्य सृजित करने के साथ-साथ संतुलित, सतत और भविष्य के लिए तैयार विकास सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर अग्रसर हैं।”

बैंक अपने एसेट बेस में विविधता लाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिसमें रिटेल पोर्टफोलियो को बढ़ाने पर रणनीतिक जोर दिया जा रहा है। कार्यक्षमता बढ़ाने, उत्पादकता में सुधार करने और ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए डिजिटलीकरण में तेजी लाना प्राथमिकता बनी हुई है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor