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Thursday, July 30, 2026, 1:56 am

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हिन्दी छंद कौशल के 3 माह का कोर्स एक सत्संग की तरह था : केबी व्यास

रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के हिन्दी छंद लेखन कौशल प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम के छठे बैच का शुभारंभ, पाँचवें बैच का परीक्षा परिणाम घोषित

दिलीप कुमार पुरोहित. भोपाल

रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल के भाषा शिक्षण केंद्र द्वारा संचालित ‘हिन्दी छंद लेखन कौशल प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम’ के छठे बैच का शुभारंभ सोमवार को ऑनलाइन आयोजित गरिमामय समारोह में हुआ। इसी अवसर पर पाठ्यक्रम के पाँचवें बैच (मार्च–मई 2026) का परीक्षा परिणाम भी घोषित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवयित्री एवं साहित्यकार श्रीमती संतोष गर्ग ने की। कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध कवि एवं ग़ज़लकार अनिल चिंतक ने किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय की डीन, मानवीकी और उदार कला संकाय, डॉ. रुचि मिश्रा तिवारी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में कवि एवं कोर्स संचालक योगेश के. समदर्शी की भी विशेष उपस्थिति रही।

रुचि मिश्रा तिवारी ने बताया कि हिन्दी छंद लेखन कोर्स का संचालन रविन्द्र नाथ टैगोर यूनिवर्सिटी भोपाल द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योगेश समदर्शी इस कोर्स को काव्य साधना यज्ञ की तरह संचालित कर रहे हैं।

रूचि मिश्रा ने बताया कि जल्द ही यूनिवर्सिटी हिन्दी छंद लेखन का डिप्लोमा कोर्स भी प्रारंभ करने वाले हैं। उन्होंने बताया कि रवीन्द्र नाथ टैगोर यूनिवर्सिटी की स्थापना 2010 में हुई थी और हमारी यूनिवर्सिटी से लगभग सभी विषयों में उच्च शिक्षा की डिग्रियाँ दी जा रही है। ग्रेजुएशन से लेकर पीएचडी लेवल तक के कोर्स यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित होते हैं। जो लोग यूनिवर्सिटी में आ कर कोर्स नहीं कर पा रहे हैं उनके लिए विभिन्न कोर्स हमारे ऑनलाइन रूप में संचालित हो रहे हैं जिनमें जुड़ कर कोई भी उच्च शिक्षा की डिग्रियाँ प्राप्त कर सकते हैं। विभिन्न विदेशी भाषाओं जैसे जापानी, स्पैनिश, इटालियन, जर्मन में भी हम डिप्लोमा देते हैं।

हमारी यूनिवर्सिटी द्वारा हिन्दी विश्व रंग कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होता है, जिसमें सभी विदेशी राष्ट्रों में रहने वाले भारतीय हिस्सा लेते हैं । इन सब कार्यक्रमों में उन्होंने सभी को जुड़ने की अपील की।

अपने संबोधन में डॉ. रुचि मिश्रा तिवारी ने छंद लेखन के पाँचवें बैच के परीक्षा परिणाम की औपचारिक घोषणा करते हुए सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि हिन्दी छंद लेखन जैसी पारंपरिक विधा को आधुनिक शिक्षण पद्धति के माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुँचाना विश्वविद्यालय की एक महत्वपूर्ण पहल है।

घोषित परीक्षा परिणाम में गुंजन जैन 100 अंकों के साथ प्रथम स्थान, गौरव शर्मा ने 97.20 अंकों के साथ द्वितीय स्थान तथा केबी व्यास ने 91.00 अंकों के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया। सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य की कामना की गई।

इस अवसर पर छठे बैच के विद्यार्थियों का परिचय भी कराया गया तथा नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में पाँचवें बैच के अनेक विद्यार्थी भी उपस्थित रहे और उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए नए विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

केबी व्यास ने बताया कि कविताओं में वे पिछले 22 वर्षों से हाइकु ही लिखते थे परंतु छंदों का ज्ञान उन्हें शून्य के बराबर था। इस कोर्स को करने के बाद दोहा, रोला, कुण्डलियाँ, चौपाई, सोरठा, आल्हा, कुकुभ, लावणी आदि छंदों का ज्ञान जब हुआ जो कविता करने के लिए आवश्यक हैं तब पता चला कि कविता करना कोई आसान काम नहीं है। समदर्शी जी के शब्दों में “ जब हृदय स्वच्छ हो तब कविता के भाव निकलते हैं।”

अध्यक्षीय उद्बोधन में श्रीमती संतोष गर्ग ने कहा कि छंद लेखन भारतीय काव्य परंपरा की अमूल्य धरोहर है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल भाषा और साहित्य के प्रति रुचि बढ़ाते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को शास्त्रीय काव्य परंपरा से भी जोड़ते हैं।

कोर्स के संचालक योगेश समदर्शी ने कहा कि हमें यदि कविता लिखना सीखने का अवसर प्राप्त हो रहा है तो ये हम सबके लिए सौभाग्य का विषय है और ये माँ शारदे की कृपा ही समझी जाए। उन्होंने गोपाल दास नीरज द्वारा लिखा दोहा भी सुनाया —
आत्मा के सौंदर्य का, शब्द रूप है काव्य,
मानव होना भाग्य है, कवि होना सौभाग्य।

समदर्शी ने बताया कि कविता लिखना अपने आप में साधना है ये कोई हंसी खेल बात नहीं है, किसी की पंक्तियाँ हैं —
कविता लिखना खेल नहीं है पूछो इन फनकारों से,
ये लोहे को काट रहे हैं कागज की तलवारों से।

कार्यक्रम के अंत में योगेश के. समदर्शी ने सभी अतिथियों, विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि छठा बैच भी उत्कृष्ट रचनात्मक उपलब्धियाँ अर्जित करेगा।

कार्यक्रम में पाँचवें बैच से के बी व्यास, अमित चन्ना, जितेन्द्र पांचाल, गुंजन जैन, मृदुला एवं विजय शिंदे उपस्थित रहे जब्कि छठे बैच के विजय, जयभगवान सैनी, चारू लाल, डॉ. हर्षवर्धन, नेहा जैन, डॉ. जयभगवान सिंगला, शिल्पी जैन, शोभा एस खंडेलवाल, सरस्वती जोशी, प्रमीत शर्मा तथा डॉ. वैशाली बिल्ला शामिल रहे।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor